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नागरिकता लेने का नहीं बल्कि देने का कानून है CAA , भ्रम फैला करा रहा विपक्ष दंगे : अमित शाह

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भुवनेश्वर। गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को ओडिशा पहुंचे। उन्होंने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए एक बार फिर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर स्थिति साफ कर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। शाह ने भाषण की शुरुआत में कहा कि मैं आज सभी ओडि़शावासियों को बताना चाहता हूं कि मैं 5 साल तक पार्टी अध्यक्ष रहा हूं, अनेक बार ओडि़शा आया हूं और यहां के अनेक नगरों में घुमा हूं और कार्यकर्ताओं से मिला हूं।

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कभी भी ओडि़शा मुझे गुजरात से अलग नहीं लगा, मुझे अपना दूसरा घर लगा। लोकसभा चुनाव के बाद मैं पहली बार ओडि़शा आया हूं। मैं भाजपा की तरफ से आपको धन्यवाद देता हूं कि आपने 8 सीटों पर विजय देकर 21 फीसदी जो पहले वोट मिला था इसकी जगह 38.4 फीसदी वोट देकर हमारे नेता मोदीजी का समर्थन किया है।

इतने वर्षों की यात्रा में यहां कांग्रेस पार्टी पहली बार मुख्य विपक्षी दल से नीचे उतरी और भाजपा का हमारा कार्यकर्ता आज विपक्ष के नेता के रूप में विधानसभा में बैठकर ओडि़शा की जनता की आवाज बना है। मैं आपको मोदीजी के प्रतिनिधि के नाते विश्वास दिलाने आया हूं कि पूर्व का पिछड़ा क्षेत्र और विशेषकर ये उत्कल राज्य सबसे अच्छा राज्य बने, इस दिशा में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

मोदीजी अपने दूसरे कार्यकाल में एक बहुत बड़ी योजना लाए हैं। 2024 तक देश के हर घर में नल से स्वच्छ पीने का पानी पहुंचाना है। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा अगर किसी राज्य हो हाने वाला है तो वो ओडि़शा है। कांग्रेस, ममता दीदी, सपा, बसपा ये सारे लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं। ये कह रहे हैं कि इससे अल्पसंख्यकों के नागरिक अधिकार चले जाएंगे।

अरे इतना झूठ क्यों बोलते हो। मैं आज फिर से यहां कहना चाहता हूं कि सीएए से देश के एक भी मुसलमान, एक भी अल्पसंख्यक का नागरिकता अधिकार नहीं जाने वाला है। सीएए नागरिकता लेने का कानून है ही नहीं, बल्कि नागरिकता देने का कानून है। मैं देश की जनता से कहना चाहता हूं कि ये विपक्ष के लोग सीएए को लेकर भ्रांति फैला रहे हैं, लोगों को उकसा रहे हैं, दंगे करा रहे हैं।

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