Jan Sandesh Online hindi news website

बिहार : सफाई नहीं हो सकी महाबोधि मंदिर के गुंबद की, वापस जाएंगे थाईलैंड के कारीगर

0

गया। कोरोनावायरस के संक्रमण का भय अब धर्मस्थलों और विश्व धरोहरों पर भी देखने को मिलने लगा है। यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहरों में शामिल बिहार के गया स्थित महाबोधि मंदिर के शिखर पर लगे सोने के गुंबद की सफाई नहीं हो सकी। हालांकि, इसके लिए थाईलैंड से कारीगर बोधगया पहुंच गए थे, लेकिन अब उन्हें वापस भेजा जा रहा है। बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर के प्रमुख पुजारी भंते चालिंदा ने सोमवार को कहा कि सोने के गुंबद की सफाई के लिए आए थाईलैंड के कारीगरों के दल को वापस जाने के लिए कह दिया गया है।

उन्होंने कहा कि 290 किलोग्राम सोने के गुंबद की सफाई के लिए थाईलैंड से 20 कारीगरों का दल बोधगया पहुंचा था, लेकिन सफाई का काम रोक दिया गया। इन्हें वापस थाईलैंड भेजा जा रहा है।”

और पढ़ें
1 of 75

गौरतलब है कि वर्ष 2013 में थाईलैंड के श्रद्धालुओं ने 290 किलोग्राम सोने की प्लेट से गुंबद को लपेटा था। इससे मंदिर की सुंदरता और बढ़ गई है। इसकी तीन साल के बाद सफाई कराई जाती है।

चालिंदा ने कहा कि भगवान बुद्ध पर भी चीवर चढ़ाने पर भी रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल 31 मार्च तक यह रोक लगाई गई है।

उन्होंने कहा कि एहतियातन दो से अधिक लोगों को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का मंदिर परिसर में पूरी तरह पालन करवाया जा रहा है।

बोधगया में विदेशी पर्यटकों के आवागमन को देखते हुए महाबोधि मंदिर के पास जांच के लिए चिकित्सकों की एक टीम को तैनात किया गया है। विदेशी पर्यटकों का पंजीकरण करने के साथ एक फॉर्मेट भरवाया जा रहा है। फॉर्मेट में नाम, पता, देश, कब भारत आया, यहां किस होटल या बौद्ध मठ में ठहरा है, सर्दी, खांसी या अन्य बीमारी की जानकारी देनी होती है।

गया हवाईअड्डे पर थर्मल स्कैनर की व्यवस्था की गई है। विदेश से आने वाले विमानों से आए यात्रियों को पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम की स्क्रीनिंग से गुजरना पड़ रहा है। उसके बाद ही यात्री हवाईअड्डा से बाहर जा पा रहे हैं।

मान्यता है कि यहीं बोधिवृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति हुई थी। प्रतिवर्ष देश-विदेश के लाखों लोग प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में आध्यात्मिक शांति की तलाश में आते हैं। इस मंदिर को यूनेस्को ने 2002 में वल्र्ड हेरिटेज साइट घोषित किया था।

You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।
0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x
%d bloggers like this: