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कोरोना क्वारंटीन सेंटर्स से भागने वाले अपने परिवार और समाज के लिए बनेंगे ‘कोरोना बम’ !

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कई केंद्रों पर एकांतवास में रखे गए लोग भाग गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे लोग ही सबसे पहले अपने घर के लिए कोरोना बम साबित होंगे। कुछ जगहों पर अव्यवस्थाओं की शिकायत मिल रही है, तो कुछ जगहों पर हंगामा भी हो रहा है। हालांकि हर केंद्र पर प्रशासनिक अफसर यह समझा रहे हैं कि उन्हें ऐसे केंद्रों पर रोकना का मकसद उनकी ही भलाई है। हालांकि अबतक केंद्रों से भाग जाने वालों को खिलाफ ज्यादा मुकदमे दर्ज नहीं किए गए हैं।

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कानपुर देहात में में बनाए गए 1202 क्वारंटीन सेंटरों से शुक्रवार को 497 लोग भागे निकले। इन सेंटरों में अब 1340 लोग बचे हैं। महोबा के ग्राम पुन्नियां के क्वारंटीन केंद्र से शुक्रवार को एक महिला जबरन बेटे और भतीजे को हंगामा करके ले गई। यहां के एक केंद्र से 10 प्रवासी श्रमिक खिसक गए। वहीं बांदा में 280 पलायित मजदूरों का जिला अस्पताल के आइसोलेशन विभाग में डाक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। इनमें 59 क्वारंटीन सेंटर से लाए गए और 221 महानगरों से लौटे हैं। आज लौटे मजदूरों को क्वारंटीन सेंटरों में भेजा गया। उधर, जिले में 36 क्वारंटीन सेंटर में रखे गए मजदूरों की संख्या बढ़कर 7536 हो गई। राजकीय मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 15 लोगों की निगरानी जारी। लॉकडाउन में अब बाहर से आने वालों का सिलसिला थम सा गया है। क्वारंटीन सेंटर से भागने के मामले में शुक्रवार को कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। जबकि जनपद के विभिन्न क्वारंटीन सेंटर से 77 लोगों के भाग जाने की सूचना है।

नौतनवां ब्लॉक का बरवाकला गांव में ग्राम प्रधान ने कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए अपने गांव और लोगों की सुरक्षा के लिए एक ठोस कदम उठाया। पहले से गांव में जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरे से घर से बाहर निकलने वालों पर निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई घर से बाहर निकलता है तो निगरानी टीम मौके पर पहुंचकर उसे घर के भीतर कर देती है। दुदही क्षेत्र के मैहरवा गांव में बाहर से घर लौटे लोगों की जांच करने पहुंची स्वास्थ्य टीम का गांव के लोगों ने गुलाब का फूल देकर स्वागत किया। गांव के जितेंद्र सिंह की अगुवाई में गांव के लोग पहुंचे और क्वारंटीन सेंटर के बाहर स्वास्थ्य टीम को गुलाब का फूल देकर स्वागत किया गया।

झांसी मे क्वारंटीन किए गए लोगों में अवसाद के लक्षण सर्वाधिक मिल रहे हैं। क्वारंटीन सेंटरों तक मनोचिकित्सक भेजे जा रहे हैं। अभी तक 3000 नए मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें झांसी के साथ ललितपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, जालौन और हमीरपुर के हैं। चिकित्सक सभी की काउंसलिंग कर रहे हैं। परिवार वालों से भी कहा जा रहा है कि उनके सामने किसी प्रकार की निगेटिव बातें न करें। योग और मेडिटेशन की सलाह दी जा रही है।

बिलरियागंज विकास खंड के बिंदवल गांव में क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। इसमें बाहर से आए गांव के लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है। यहां खाने आदि की उचित व्यवस्था न मिलने का आरोप लगाते हुए चार लोग सेंटर से घर चले गए। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने लेखपाल को चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। गांवों में बने क्वारंटीन सेंटरों में रखे गए लोगों में से कुछ हंगामा करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों को डीएम ने ब्लाक के क्वारंटीन सेंटर भेजने का निर्देश सीडीओ को दिया है। जौनपुर में गांवों में बाहर से आए लोगों के क्वारंटीन सेंटर छोड़कर घर आने-जाने की शिकायतों के मद्देनजर डीएम ने सभी एसडीएम, बीडीओ और प्रभारी चिकित्साधिकारियों को गांवों में क्वारंटीन करने वालों को सूचीबद्ध कर उन्हें जिला अस्पताल लाने के निर्देश दिए हैं। उनके स्वास्थ्य का परीक्षण कराने के बाद उन्हें यहीं रखा जाएगा। चौदह दिन की तय समय सीमा से क्वारंटीन के नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए भी निर्देश दिया है।

शामली जिले में लॉक डाउन की 11 दिन पुलिस प्रशासन का फोकस जुमे की नमाज पर रहा। पुलिस प्रशासन और खुफिया तंत्र मस्जिदों के आसपास सक्त्रिस्य रहा ड्रोन कैमरा से मस्जिद और आसपास की बस्तियों की निगरानी की गई ताकि भीड़ एकत्रित ना हो सके। इसके लिए ड्रोन कैमरा की भी मदद ली गई। उधर 3 दिन पूर्व झिंझाना क्षेत्र में मिले त्रिपुरा के 14 जमातीयों के नमूने स्वास्थ विभाग की टीम ले रही है जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। सुबह 3 घंटे खरीदारी के लिए लोग बाजारों में पहुंच रहे हैं लेकिन वाहनों से घूम रहे लोगों पर पुलिस प्रशासन ने सख्ती की है लोगों के वाहनों के चालान किए जा रहे हैं हालांकि बाजार में फल सब्जियों के दाम में कमी आई है और आटा भी दुकानों पर मिलने लगा है।

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