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कट्टरपंथी मौलानाओं के आगे झुके इमरान, रमजान में सामूहिक नमाज पढ़ने की मिली इजाजत

इस्लामाबाद। कट्टरपंथी मौलानाओं के आगे झुकते हुए पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों में सामूहिक नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी। राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने धार्मिक नेताओं और सभी प्रांतों के राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के बाद यह घोषणा की। पाकिस्तान में कोरोना से जहां 143 लोगों [...]
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इस्लामाबाद। कट्टरपंथी मौलानाओं के आगे झुकते हुए पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों में सामूहिक नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी। राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने धार्मिक नेताओं और सभी प्रांतों के राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के बाद यह घोषणा की। पाकिस्तान में कोरोना से जहां 143 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं 7,481 लोग संक्रमित हैं।

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अल्वी ने कहा कि 20 सूत्री योजना पर सहमति बनी है। यह एक महत्वपूर्ण समझौता है और सभी धर्मगुरु इस पर सहमत हैं। उन्होंने कहा कि मौलवी मस्जिदों में नमाज अदा करते समय सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए सहमत हुए हैं। पाकिस्तान उलेमा काउंसिल (पीयूसी) ने कहा है कि वह रमजान में सामूहिक नमाज के लिए सरकार के 20 सूत्री एजेंडे का पालन करेगी। पीयूसी के चेयरमैन हाफिज ताहिर अशरफी ने नमाजियों से सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा है।

समझौते के अनुसार, 50 वर्ष से ऊपर के लोग, नाबालिग और फ्लू से पीडि़त लोगों को मस्जिदों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष नमाज मस्जिदों के अलावा सड़क या फुटपाथ पर आयोजित नहीं की जाएगी। मस्जिदों में पड़ी कालीनों को हटाने के साथ ही फर्श को नियमित रूप से कीटाणुनाशक से धोने को कहा गया है। नमाज अदा करते समय छह फीट की दूरी, चेहरे पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा। हाथ मिलाने या दूसरों से गले लगने से भी बचना होगा।

पाक राष्ट्रपति अल्वी ने कहा कि अगर सरकार को किसी भी बिंदु पर महसूस हुआ कि दिशानिर्देशों का उल्लंघन हो रहा है या बीमारी फैल रही है तो वह अपने फैसले पर फिर से विचार कर सकती है। पाकिस्तान सरकार ने मस्जिदों में सामूहिक प्रार्थना पर प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन इस निर्णय का केवल आंशिक रूप से पालन किया जा रहा है।

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