Jan Sandesh Online hindi news website

कोरोना महासंकट में यहां के वेट मार्केट में धड़ल्‍ले से बिक रहा चमगादड़

वुहान वेट मार्केट से कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैला।

0

जकार्ता। कोरोना वायरस महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है। करीब 4 अरब लोग अपने घरों में कैद हैं और लाखों लोग मारे गए हैं। चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस का स्रोत चमगादड़ों का माना जा रहा है और वहां पर इसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस बीच इंडोनेशिया में चमगादड़ों की बिक्री धड़ल्‍ले से जारी है। आलम यह है कि चमगादड़ बेचने वाली दुकानों पर ‘सोल्‍ड आउट’ के बोर्ड लगे हैं।

जिंदा जानवरों की खरीद-फरोख्‍त के लिए पूरी दुनिया में कुख्‍यात उत्‍तरी इंडोनेशिया के टोमोहोन एक्‍सट्रीम मार्केट में कोरोना महामारी के बाद भी जिंदा जानवरों की बिक्री जारी है। इस मार्केट में काफी नमी रहती है जिससे कभी भी यहां से कोई महामारी फैल सकती है। इस बीच वैज्ञानिकों का कहना है कि इसी तरह के वातावरण वाली वुहान मार्केट से कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैला।

और पढ़ें
1 of 393

हर दिन करीब 50 से 60 चमगादड़ बिक रहे
पशुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्‍था पेटा के सदस्‍यों ने अप्रैल महीने में टोमोहोन मार्केट का दौरा किया। ये लोग थाईलैंड के बैंकाक में स्थित एक मार्केट में भी गए थे। उन्‍होंने पाया कि इन बाजारों में फर्श खून से सनी हुई है। दुकानदार सूअर को काटकर उसे अपने खुले हाथों से लोगों को बेच रहे हैं। दुकानों के काउंटर पर सांप, कुत्‍ते, मेंढक और सूअर के मांस रखे हुए हैं।

टोमोहोन मार्केट में चमगादड़ बेचने वाले स्‍टैनली टिमबुलेंग ने कहा कि कोरोना महामारी का मेरे बिजनस पर कोई असर नहीं पड़ा है। मेरी दुकान पर अक्‍सर सारे चमगादड़ बिक जाते हैं। हर दिन करीब 50 से 60 चमगादड़ बिक जाते हैं। कोई महोत्‍सव होता है तो चमगादड़ों की यह संख्‍या 600 पहुंच जाती है। एक तरफ दुनियाभर में चमगादड़ों को कोरोना वायरस का स्रोत माना जा रहा है और यहां उसकी बिक्री जारी है।

वन्‍यजीवों की बिक्री पर लगे रोक, नहीं तो महामारी का खतरा
यही नहीं इस वेट मार्केट में पशुओं के साथ बहुत क्रूरता की जाती है। इन जानवरों को काटने का तरीका भी बेहद क्रूर है। पिंजड़ें में बंद कुत्‍तों को लकड़ी से पीट-पीटकर मार डाला जाता है। पेटा की फाउंडर इंग्रिड नेवकिर्क ने कहा कि इंडोनेशिया की मार्केट को बंद किया जाना चाहिए ताकि दुनिया में कोरोना जैसी कोई और महामारी न फैले। उन्‍होंने कहा कि अगर इसी तरह से खून से सनी मीट मार्केट में बीमार पशुओं को बेचा जाता रहा तो अगली महामारी का खतरा बना रहेगा।

You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: