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सामूहिक नमाज में शामिल होने जा रहे लोगों को रोकने गई पुलिस टीम पर किया पथराव

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मुंबई। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 8000 पार हो गई है। प्रदेश सरकार कोरोना से लड़ने में जुटी है, लेकिन फिर भी लोग लॉकडाउन तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं। मामला महाराष्ट्र के औरंगाबाद का है जहां सामूहिक नमाज में शामिल होने जा रहे लोगों को रोकने गई पुलिस टीम पर पथराव किया गया। इसमें तीन पुलिसवाले घायल हुए हैं। मामले में 27 लोगों को हिरासत में लिया गया है। तनाव को देखते हुए इलाके में कर्फ्यू लगाया गया है।

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जानकारी के मुताबिक, संभाजी मार्ग स्थित एक मस्जिद में करीब 100 लोग नमाज पढ़ने जा रहे थे। पुलिस ने पहले उन्हें रोका और लॉकडाउन का हवाला देकर अपने-अपने घर लौट जाने की अपील की। इस दौरान कुछ लोग भड़क गए। घायल पुलिसवालों को जिले के घाटी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। इनमें एक अधिकारी और दो कांस्टेबल हैं।

लोगों ने शुरू किया पथराव
भीड़ ने अचानक से पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया सूचना मिलने पर जब पुलिस का दल घटना की जांच करने पहुंचा तो लोग पत्थर फेंकने लगे। इस संबंध में 27 लोगों को हिरासत में लिया गया। इस मामले में लॉकडाउन तोड़ने, पुलिस के काम में बाधा डालने, पथराव करने व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की जांच जारी है।

सूरत में पुलिस पर फेंके पत्थर, एक पुलिसकर्मी घायल
उधर, गुजरात के सूरत शहर में भी लॉकडाउन लागू करा रहे सुरक्षाकर्मियों पर कुछ लोगों ने हमला किया। सूरत के पुलिस उपायुक्त आर पी बरोत ने कहा कि हमें जब पता चला कि इलाके में लोग घूम रहे हैं और बंद के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो हमने वहां एक पीसीआर वैन भेजी। पुलिस ने जब लोगों से घर के भीतर रहने को कहा तो कुछ लोग भड़क गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।

 

हावड़ा में पुलिसकर्मियों पर भीड़ ने किया हमला
वहीं हावड़ा में टिकियापारा के एक बाजार में काफी भारी भीड़ जमा थी। इस दौरान वहां पर लॉकडाउन का खुलेतौर पर उल्लंघन हो रहा था। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील की। इस दौरान भीड़ अचानक से पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और उनके ऊपर बोतलें भी फेंकीं। इसके साथ ही भीड़ ने वहां खड़ी पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की।

बता दें कि देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान किसी भी प्रकार की धार्मिक सभा की अनुमति नहीं है, लेकिन फिर भी कुछ जगहों से मस्जिदों में नमाज के लिए रोके जाने को लेकर पुलिस पर हमले की खबरें सामने नियमित रूप से सामने आने लगी हैं।

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