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इस देश में 4 लाख पूर्व सैनिकों के भूत प्रतिमाह ले रहे थे पेंशन, कोरोना वायरस ने खोली पोल !

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कोरोना वायरस से जूझ रहे पाकिस्‍तान में सेना को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पाकिस्‍तान के डाक विभाग के घर-घर जाकर पेंशन देने के दौरान पता चला है कि करीब 4 लाख पूर्व सैनिक ऐसे हैं जो कागज में तो जिंदा हैं और वर्षों से पेंशन ले रहे हैं लेकिन मौके पर मौजूद नहीं थे। इन पूर्व सैनिकों को अब पाकिस्‍तान पोस्‍ट ने ‘भूत पेंशनर’ का दर्जा दिया है। साथ ही इनकी जांच भी शुरू कर दी गई है।

द न्‍यूज टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान में पूर्व सैनिकों को घर-घर जाकर पेंशन देने की शुरुआत इस साल मार्च में हुई थी। इस महीने यह प्रक्रिया उस समय रुक गई जब डाककर्मियों ने अपने विभाग को बताया कि वे लाखों पूर्व सैनिकों की पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल, कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए पाकिस्‍तान में पूर्व सैनिकों के लिए घर जाकर पेंशन देने की विशेष सुविधा शुरू हुई थी।

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पाकिस्‍तान पोस्‍ट ने अब पूर्व सैनिकों के दस्‍तावेज चेक करने के लिए एक तीन सदस्‍यीय कमिटी बनाई है। पाकिस्‍तान पोस्‍ट भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे पुराने संस्‍थानों में से एक है। पाकिस्‍तान पोस्‍ट यह पेंशन वर्ष 1993 से ही पाकिस्‍तानी सेना की ओर से सेवानिवृत्‍त पाकिस्‍तानी सैनिकों को उनके खाते में दे रहा है। अब इस खुलासे के बाद पाकिस्‍तान पोस्‍ट के महानिदेशक ने घर-घर जाकर पेंशन देने की प्रक्रिया रोक दी है। इन 4 लाख पूर्व सैनिकों को अब दस्‍तावेजों की पुष्टि के बाद ही पेंशन दी जाएगी।

डाक विभाग ने तीन सदस्‍यीय कमिटी को 25 मई तक सभी दस्‍तावेज चेक करके अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा है। पाकिस्‍तान में कुल 9.41 लाख पेंशनर हैं। इनमें पाकिस्‍तानी सेना के 9 लाख 40 हजार पेंशनर, एयरफोर्स के 93 हजार, पाकिस्‍तानी नेवी के 32 हजार और फ्रंटिअर कांस्‍टेबुलरी के 61,722 पूर्व सैनिक हैं। इन सभी को हर महीने सेना की ओर से पेंशन मिलती है। डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पेंशनर्स के रिकॉर्ड में काफी गड़बड़ी है। यही नहीं उनकी संख्‍या भी सही नहीं है। इसमें कई फर्जी नाम भी शामिल हैं।

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