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कोरोना संकटकाल में भारत ने UAE भेजा 88 नर्सों का दल

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नई दिल्ली। खाड़ी देशों में कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात ने हिंदुस्तान से मदद की गुहार लगी थी। इस मुश्किल समय में भारत ने 88 स्वास्थ्यकर्मियों को यूएई भेजा है। अपने देश से रवाना हुआ 88 नर्सों का दल भी बेहद खुश है। इसके अलावा भारत ने मालदीव, मॉरीशस, मेडागास्कर, कोमोरोस और सेशेल्स की ओर से कोरोना वायरस महामारी से निपटने में मदद के अलग-अलग अनुरोध प्राप्त होने के बाद एक नौसैनिक पोत के माध्यम से इन पांचों देशों को चिकित्सा सहायता भेजी है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक खाड़ी देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 17 हजार पार हो गई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ये नर्स केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में एस्टर डीएम हेल्थकेयर अस्पतालों से हैं। इन नर्सों को 14 दिन तक क्वारंटीन रखे जाने के बाद आवश्यकता के अनुसार विभिन्न अस्पतालों में भेजा जायेगा। नर्सों का यह समूह शनिवार को एक विशेष उड़ान से दुबई हवाई अड्डे पहुंचीं।

पांच अन्य देशों को भेजी मदद
इसके अलावा भारत ने मालदीव, मॉरीशस, मेडागास्कर, कोमोरोस और सेशेल्स की ओर से कोरोना वायरस महामारी से निपटने में मदद के अलग-अलग अनुरोध प्राप्त होने के बाद एक नौसैनिक पोत के माध्यम से इन पांचों देशों को चिकित्सा सहायता भेजी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नौसैनिक पोत केसरी चिकित्सा दलों, आवश्यक दवाओं और खाद्य सामग्रियों को लेकर इन पांच देशों के लिए रवाना हुआ है।

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भारत ने अपना कर्तव्य निभाया- मंत्रालय
मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में किसी भी संकट की स्थिति में सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाने की अपनी चिर-परिचित भूमिका को निभाते हुए भारत ने यह कदम बढ़ाया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘कोविड-19 से निपटने में मदद के इन देशों के अनुरोधों के बाद भारत ने भारतीय नौसेना के जलपोत केसरी को मालदीव, मॉरीशस, मेडागास्कर, कोमोरोस और सेशेल्स के लिए रवाना किया है जिसमें दो चिकित्सा सहायता दल, कोविड-19 से संबंधित आवश्यक दवाओं की खेप तथा जरूरी खाद्य सामग्री है।’

बचाव दल डेंगू बुखार से भी बचाने में करेगा मदद
उन्होंने बताया कि चिकित्सा सहायता दलों को मॉरीशस और कोमोरोस में तैनात किया जाएगा। कोमोरोस में तैनात दल वहां डेंगू बुखार से निपटने में भी मदद करेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘जहाज कोविड-19 से संबंधित आवश्यक दवाओं की खेप मॉरीशस, मेडागास्कर, कोमोरोस और सेशेल्स में उतारेगा तथा करीब 600 टन खाद्य सामग्री मालदीव पहुंचाएगा।’ इनके अलावा आयुर्वेदिक दवाओं की विशेष खेप भी मॉरीशस भेजी जा रही है।

भारत का मिशन सागर
बयान के अनुसार, ‘मेडागास्कर और कोमोरोस उतरने वाले सामान में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट भी हैं जिसे पहले ही मॉरीशस, मालदीव और सेशेल्स भेजा जा चुका है।’इस जलपोत को महामारी से निपटने में मित्र देशों की मदद के लिए भारत द्वारा शुरू किये गये ‘मिशन सागर’ के तहत भेजा गया है।

यूएई में भारतीय राजदूत पवन कपूर ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को और मजबूत मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘भारत और यूएई दिखा रहे हैं कि कैसे एक रणनीतिक साझेदारी को इस महामारी से निपटने के लिए एक मजबूत सहयोग में बदला जा सकता है। जरूरत में दोस्त की मदद करना दोनों देशों के बीच सहयोग का मकसद है।’ दुबई स्वास्थ्य प्राधिकरण के महानिदेशक हुमैद अल कुतामी ने कहा, ‘यह पहल दोनों देशों द्वारा साझा किए गए संबंधों की पहचान है और यह सरकार और निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के बीच घनिष्ठ सहयोग को दिखाता है। गहन चिकित्सा इकाई में काम करने की विशेषज्ञ इन भारतीय नर्सों ने कहा कि वे इस पहल का हिस्सा बनकर खुश हैं।’

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