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51 दिन के लॉक डाउन के बाद दिखी दो सकरात्मक तस्वीर

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प्रयागराज। एस आकिब
प्रकृति को अगर समय मिले तो वह तेजी से अपने को व्यवस्थित करने लगती है।  यह बात सिद्ध हुयी है कोरोना वायरस की वजह से चल रहे लॉकडाउन के दौरान। हवा में और पानी में औद्योगिक कचरे के उत्सर्जन में पूरी तरह रोक लग गयी है , ऐसे में हवा और पानी दोनों प्रदूषण से मुक्ति पा चुके हैं । प्रयागराज में संगम तट पर पानी एकदम साफ दिखाई दे रहा है और दोनों गंगा और यमुना नदियां स्वच्छ धारा में  बह रही है। गंगा सफाई में अब तक सरकार ने करोड़ो रुपैया फूक दिए उसके बावजूद भी गंगा यमुना कभी इतनी साफ और अविरल नही दिखाई दी । अस्थि विसर्जन करने आये लोगों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब संगम पर दोनों नदियां इतनी स्वछ दिखाई दे रही हो, ऐसे लग रहा है जैसे वह संगम नहीं हरिद्वार में उपस्थित है। इसके साथ ही पर्यावरण भी स्वस्थ दिखाई दे रहा है ।
जौनपुर से प्रयाग राज आए संजय मिश्रा का कहना है कि अपने 90 किलोमीटर के सफर के दौरान उनको सड़कें साफ दिखाई दी साथ ही हवा भी प्रदूषित नजर नहीं आई और जब वह संगम तट पहुंचे तो संगम में नदियां  स्वच्छ और अविरल दिखाई दी ।  उधर पर्यावरण के जानकार भी मानते है कि लॉक डाउन की वजह से पर्यावरण प्रदूषित होने से बचा हुआ है। जल ,वायु, ध्वनि तीनो प्रदूषित होने से बचे है ।
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 प्रयागराज में शराब बिक्री की रफ्तार में कमी
दूसरा फायदा शराब बिक्री की रफ्तार में भारी कमी का देखने को मिला है हालांकि सरकार ने लॉक डाउन के 40 दिन के बाद शराब बिक्री पर लगी  रोक को हटा दिया था जिसके बाद शुरुआती दिनों में शराब की दुकानों पर लंबी-लंबी भीड़ देखने को मिली थी,  लेकिन अब शराब की दुकानों से अलग तस्वीर निकल कर सामने आई है जिसमें दुकानदार अब इस बात से चिंतत है कि  उनकी शराब की बोतलें  अब ज्यादा नहीं बिक रही है।  शराब की दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। हमारी टीम प्रयागराज के झूंसी  स्थित एक शराब की दुकान पर पहुंची तो वहां का नजारा अलग ही दिखाई दिया। एकाद ग्राहक ही दुकान पर नजर आए। बिक्री को लेकर दुकानदारों का कहना है कि शुरुआती 3 दिनों के बाद दुकानों पर सन्नाटा पसरा दिखाई देने लगा।
दुकानों में रक्खी शराब की रिकार्ड तोड़ बिक्री के चलते अब दुकानों में सस्ती शराब बची ही नहीं है और जो शराब बची है वह बहुत महंगी है जिकी वजह से अब गिने चुने ही ग्राहक आ रहे हैं।  नया स्टॉक आने तक ऐसी ही स्थिति रहने वाली है.मार्च के महीने में शराब के लाइसेंस का नवीनीकरण होता है और अभी उहापोह की स्थिति बनी हुयी है.  दुकानदार बता रहे हैं कि शुरुआती दौर में लोगों ने इतनी शराब खरीद ली कि वह अब खरीदने ही नहीं आ रहे हैं, दुकानदारों का मानना है कि उनकी दुकान में अधिकतर अधिक दामों वाली ही शराब बची हुई है जिसकी वजह से गिने चुने लोग शराब खरीद पा रहे हैं.  प्रयागराज में शराब की दुकानों की ऐसी तस्वीर अधिकतर दुकानों में देखी जा रही है और अब शराब के कारोबारी इससे बेहद चिंतित हैं ।गौरतलब है कि कोरोना वायरस से बचने का विकल्प लॉक डाउन ही है, साथ ही लोग मास्क का प्रयोग करें और सोशल डिस्टेंसिंग भी फॉलो करें।
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