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चक्रवाती तूफान अम्फान की वजह से ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अम्‍फान ने भारतीय भूभाग में प्रवेश कर लिया है। 1999 के बाद यह तूफान सबसे विद्धंसकारी माना जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने इसे बीते 21 साल में आए पहले सुपर साइक्लोन का दर्जा दिया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि अम्‍फान तूफान ओडिशा [...]
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बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अम्‍फान ने भारतीय भूभाग में प्रवेश कर लिया है। 1999 के बाद यह तूफान सबसे विद्धंसकारी माना जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने इसे बीते 21 साल में आए पहले सुपर साइक्लोन का दर्जा दिया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि अम्‍फान तूफान ओडिशा के तट से टकराना शुरू हो गया है। उन्‍होंने बताया कि तूफान पर हमारी नजर बनी हुई है। एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने बताया कि राज्‍य सरकारों से प्राप्‍त आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 5 लाख और ओडिशा में 1.58 लाख लोगों को तूफान अम्‍फान से बचाने के लिए तटीय इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया गया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख ने बताया कि अम्‍फान तूफान पश्चिम बंगाल में सुंदरबन के नजदीक प्रवेश कर रहा है। अनुमान के मुताबिक तूफान अपनी गति से आगे बढ़ रहा है। तूफान की वजह से ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश हो रही है।

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एनडीआरएफ के अनुसार बहुत से पेड़ टूटे हैं और बिजली के खंबे उखड़ गए हैं। एनडीआरएफ की टीम लगातार बचाव व राहत कार्य में जुटी हुई है।आईएमडी प्रमुख ने बताया कि शाम तक कोलकाता के पास तूफान के पहुंचने की संभावना है। हावड़ा व हुबली में तेज हवा के साथ बारिश हो रही है।

कोलकाता में तूफान की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटा की होगी। नॉर्थ 24 परगना में अभी 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है।  कोलकाता, हावड़ा में सबसे ज्‍यादा नुकसान होने का अनुमान है। ओडिशा के उत्‍तरी तट पर सबसे ज्‍यादा नुकसान होने की आशंका।

मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात अम्फान ने बुधवार को दोपहर ढाई बजे के करीब पश्चिम बंगाल में दीघा और बांग्लादेश में हटिया द्वीप के बीच दस्तक दी। तेज बारिश और तूफानी हवाओं के साथ अगले चार घंटे में यह चक्रवात और भीषण रूप हासिल करेगा। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात के आगमन के समय इसकी रफ्तार 160-170 किलोमीटर प्रति घंटा थी। आगे इसकी रफ्तार 190 किलोमीटर प्रति घंटा पहुंचने की आशंका है।

सुबह से ही पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी क्षेत्र के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है और तूफानी हवाएं चल रही है।
समय के साथ इसकी गति और बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग ने बताया कि दिन में तीन बजकर पांच मिनट पर दमदम हवाई अड्डे पर हवा की रफ्तार 76 किलोमीटर प्रति घंटा थी।

आगमन के बाद इसके उत्तर-पूर्वोत्तर हिस्से में बढ़ने का अनुमान है। पूर्वी हिस्से में यह कोलकाता के करीब से गुजरेगा इससे निचले इलाके में पानी भरने और भारी क्षति की आशंका है ।
अम्फान की मौजूदा स्थिति क्या है?

अम्‍फान तूफान ओडिशा के तट से टकराना शुरू हो गया है। उन्‍होंने बताया कि तूफान पर हमारी नजर बनी हुई है। एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने बताया कि राज्‍य सरकारों से प्राप्‍त आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 5 लाख और ओडिशा में 1.58 लाख लोगों को तूफान अम्‍फान से बचाने के लिए तटीय इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया गया है।

इसस पहले सुपर साइक्लोन ओडिशा में अक्टूबर 1999 में आया था। इस महा तूफान में 10000 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। 20वीं सदी में आया ये सबसे शक्तिशाली तूफान था। इस तूफान में 20 लाख से ज्यादा घर, 2 लाख मवेशी और 2.5 से 3 लाख लोगों को बेघर कर दिया था।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख ने बताया कि अम्‍फान तूफान पश्चिम बंगाल में सुंदरबन के नजदीक प्रवेश कर रहा है। अनुमान के मुताबिक तूफान अपनी गति से आगे बढ़ रहा है। तूफान की वजह से ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश हो रही है।तेज बारिश और तूफानी हवाओं के साथ अगले चार घंटे में यह चक्रवात और भीषण रूप हासिल करेगा। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात के आगमन के समय इसकी रफ्तार 160-170 किलोमीटर प्रति घंटा थी। आगे इसकी रफ्तार 190 किलोमीटर प्रति घंटा पहुंचने की आशंका है।

आगमन के बाद इसके उत्तर-पूर्वोत्तर हिस्से में बढ़ने का अनुमान है। पूर्वी हिस्से में यह कोलकाता के करीब से गुजरेगा इससे निचले इलाके में पानी भरने और भारी क्षति की आशंका है ।

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