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लॉकडाउन के बीच इबादत: कुशीनगर में आखिरी जुमे को घरों में हुई नमाज

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कुशीनगर :  यु तो शुक्रवार को रमजान का आखिरी जुमा था। हर साल आखिरी जुमे पर बाजारों की रौनक बढ़ जाया करती थी। सड़कों पर छोटे-बड़े सभी सफेद कुर्ते पायजामे में नजर आया करते थे,लेकिन इस बार कोरोना संकट के चलते ऐसा नहीं हुआ। पहली बार जिले के पडरौना नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में ईदगाह कि जगह सिर्फ अपने अपने घरों में ही लोगों ने अलविदा की नमाज पढ़ी और कोरोना संकट से जल्द निजात की दुआ मांगी। आज शनिवार को चांद का दीदार किया जाएगा। संभवतया 24 मई को पूरे देश में ईद का पर्व मनाया जाएगा।
पडरौना शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में धर्मगुरुओं की अपील का दिखा असर
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 रमजान के इस पवित्र माह में कुशीनगर जिले के पडरौना क्षेत्र के सभी मुस्लिम समाज के लोगों ने अपने-अपने घरों में जहां अलवदा की नमाज पढ़ी वही,इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा गया। जिस मस्जिद में अलविदा के दिन हजारों की भीड़ हुआ करती थी, रमजान के आखिरी दिन पूरा कंपाउंड खाली पड़ा हुआ था। हालांकि, धर्मगुरुओं ने आम लोगों से पहले ही अपील की थी कि कोरोना को देखते हुए लोग अलविदा की नमाज पढ़ने मस्जिदों में न जाएंऔर न ही एक-दूसरे के घरों पर जाएं। इसका असर भी देखने को मिला। पडरौना शहर की बड़ी मस्जिदों पर सन्नाटा ही पसरा रहा। उधर खुद डीएम-एसपी भ्रमण कर जायजा लेते रहे ‌।
ईद पर भी रहेगा सन्नाटा
आने वाले कल  में ईद भी आ रही है,लेकिन जो जोश पिछले साल दिखाई पड़ रहा था,वह अबकी बार नहीं दिखाई दे रहा है। पडरौना शहर जहां रातभर गुलजार रहता था,वहीं इस बार बंद ही पड़ा है। लोग भी ईद की खरीदारी के लिए नहीं निकल रहे हैं। धर्मगुरुओं ने भी आमजन से ईद के त्योहार को बहुत सादगी से मनाने की अपील की है। साथ ही गुजारिश की है कि ईद की नमाज भी घर मे ही पढ़ी जाए। कोई भी ईदगाह या अन्य मस्जिदों में नमाज पढ़ने न जाएं।
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