Jan Sandesh Online hindi news website

अयोध्या के संतों ने की राम मंदिर के मौजूदा मॉडल में बदलाव करने की मांग

0

अयोध्या । अयोध्या में संतों के एक समूह ने स्थानीय भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता को एक ज्ञापन देकर राम मंदिर के मौजूदा मॉडल में बदलाव करने की मांग की है।

दिगंबर अखाड़ा के प्रमुख महंत सुरेश दास के नेतृत्व में संतों ने रविवार शाम को विधायक के साथ इस विषय पर चर्चा की।

विधायक ने सोमवार को कहा, “संतों ने एक ज्ञापन दिया है, जिसमें मौजूदा डिजाइन के बजाय नए भव्य डिजाइन के अनुसार राम मंदिर का निर्माण कराने के लिए कहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “संतों ने मुझसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को यह ज्ञापन भेजने का अनुरोध किया है, जो मैं भेज दूंगा।”

संतों ने यह भी मांग की है कि राम जन्मभूमि स्थल पर चल रहे मंदिर निर्माण कार्य के पहले उनसे सलाह ली जानी चाहिए।

और पढ़ें
1 of 897

सूत्रों ने बताया कि रविवार को इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मिलने के लिए संतों ने कार्यक्रम निर्धारित किया था, लेकिन विहिप नेता राजेंद्र सिंह ‘पंकज’ ने हस्तक्षेप किया और संतों को इस मुद्दे को दबाने के लिए मना लिया।

राम मंदिर के मौजूदा मॉडल को बदले जाने का मुद्दा उठाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले रामविलास वेदांती को भी इसके बाद दरकिनार कर दिया गया।

1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान मंदिर के विहिप मॉडल को मंजूरी दी गई थी। मॉडल को अयोध्या में कारसेवकपुरम में जनता के देखने के लिए रखा गया है।

संत अब चाहते हैं कि मंदिर को ‘फिर से प्रतिरूपित’ किया जाए, यानी उसका नया मॉडल बनाया जाए, ताकि यह और भव्य और ऊंचा हो। वे चाहते हैं कि मंदिर भव्यता में अद्वितीय हो।

केंद्र सरकार द्वारा देशभर में निर्माण कार्य की अनुमति दिए जाने के बाद 11 मई को अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ। राम जन्मभूमि स्थल पर अभी जमीन के समतलीकरण का काम चल रहा है।

राम मंदिर का वास्तविक निर्माण ‘भूमिपूजन’ के बाद शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया जाएगा।

हालांकि, अभी तक आयोजन की कोई तारीख तय नहीं की गई है।

You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: