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विहिप की रिपोर्ट : हरियाणा का मेवात बना ‘मिनी पाकिस्तान’, 103 गांव हुए हिंदूविहीन

हिन्दू लड़कियों और महिलाओं का अपहरण, उनका मतान्तरण और फिर किसी मुस्लिम के साथ जबरन निकाह। हिन्दुओं को जबरदस्ती मुसलमान बनाना। हिन्दू व्यापारियों से जबरन पैसे की वसूली करना। मंदिरों और श्मशान के भूखंडों पर कब्जा करना। बंगलादेशी घुसपैठियों को बसाना। हिन्दुओं को झूठे मुकदमों में फंसाना। हिन्दुओं के यहां डाका डालना। कोढ़ में खाज यह कि प्रशासन द्वारा भी हिन्दुओं की उपेक्षा आम बात हो गयी है। इस कारण मेवात के हिन्दू मेवात से पलायन कर रहे हैं।

चंडीगढ़। देश की राजधानी दिल्ली से मात्र 60 किलोमीटर की दूरी पर है मेवात । गुड़गांव से अलवर के रास्ते आगे बढ़ने पर सोहना के बाद मेवात का इलाका शुरू हो जाता है। मेवात एक मुस्लिम-बहुल इलाका है। यहां मेव मुसलमानों का दबदबा है। मेव पहले हिन्दू ही थे। मेव एक जाति है। अभी भी [...]
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चंडीगढ़। देश की राजधानी दिल्ली से मात्र 60 किलोमीटर की दूरी पर है मेवात । गुड़गांव से अलवर के रास्ते आगे बढ़ने पर सोहना के बाद मेवात का इलाका शुरू हो जाता है। मेवात एक मुस्लिम-बहुल इलाका है। यहां मेव मुसलमानों का दबदबा है। मेव पहले हिन्दू ही थे। मेव एक जाति है। अभी भी कुछ मेव हिन्दू हैं। मेवात का इलाका हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में फैला है।

14 वीं शताब्दी में तुगलक वंश के समय मेवात के लोगों को जबरन मुस्लिम बनाया गया। फिर भी ये लोग वर्षों तक अपनी पहचान को बचाने में सफल रहे, किन्तु 1920 के बाद मजहबी संगठनों ने इन लोगों को अपने रंग में रंगना शुरू कर दिया। इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि यहां के मुस्लिम पाकिस्तान की मांग का समर्थन करने लगे। पर जब पाकिस्तान बना तो यहां के बहुत कम मुस्लिम पाकिस्तान गए। लेकिन अब लगता है कि ये लोग मेवात को ही ‘पाकिस्तान’ बनाने में लगे हैं। हरियाणा के मेवात क्षेत्र में चल रही गतिविधियों की पड़ताल से यही बात सामने आती है।

हरियाणा खासकर मेवात में हिंदुओं के धर्मांतरण की विश्व हिंदू परिषद की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार ने जल्द ही धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने का संकेत दिया है। विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल से मिलकर हरियाणा में 103 गांवों के हिंदू विहीन होने की रिपोर्ट दी और धर्मांतरण पर रोक लगाने की मांग की। विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने बताया कि इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में धर्मांतरण विरोधी कानून जल्द बनाने के लिए कदम उठाया जाएगा।

विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें 103 गांवों में हिंदुओं का धर्मांतरण होने की बात कही गई है। विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डा. सुरेंद्र जैन के नेतृत्व में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिले प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें कई ऐसे दस्तावेज सौंपे, जिनके आधार पर विहिप नेता दावा कर रहे हैं कि मेवात में लंबे समय से हिंदुओं के धर्मांतरण की गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। विहिप के प्रतिनिधिमंडल में अन्य सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।

विहिप नेताओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि मेवात हिंदुओं विशेष तौर पर दलितों और महिलाओं का कब्रिस्तान बनता जा रहा है। इसकी कई घटनाओं का जिक्र मुख्यमंत्री के सामने किया गया। कुछ ऐसे मंदिरों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई, जिन पर कब्जा कर उन्हें मस्जिद के रूप में तबदील किया गया। इन सबका जिक्र विहिप की रिपोर्ट में भी है।

डा. सुरेंद्र जैन ने मुख्यमंत्री को बताया कि 16 मई को भेजी गई रिपोर्ट में केवल 50 गांवों का जिक्र था जो, हिंदूविहीन किए गए। जब विस्तृत सर्वे कराया गया तो 103 गांव ऐसे मिले, जो हिंदूविहीन हो चुके हैं। मेवात के 84 गांव ऐसे हैं, जहां हिंदुओं के पांच से कम परिवार ही बचे हैं। ऐसा उनका जबरन धर्मांतरण की वजह से हो रहा है।

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पूरे मेवात में बड़ी संख्या में मस्जिदों और मदरसों का निर्माण हो रहा है। मुख्य सड़क के किनारे हर मोड़ पर मस्जिदें बन रही हैं और 8-10 गांवों के बीच एक बड़ा मदरसा बन रहा है। कोई भी अपराध करके अपराधी सड़क के किनारे की मस्जिद में छिप जाते हैं। जो अपराधी मस्जिद में छिप जाता है वह पुलिस की पकड़ से बाहर हो जाता है, क्योंकि पुलिस मस्जिद के अंदर तलाशी लेने से बचती है। एकाध बार पुलिस ने ऐसा किया तो पुलिस पर मजहबी ग्रंथों के अपमान का आरोप लगाकर खूब हंगामा मचाया गया।

मेवात के कई हिस्सों में विदेशी बंगलादेशी मुस्लिम घुसपैठियों और म्यांमार से भगाए गए रोहिंग्यायी मुस्लिमों को बसाया जा रहा है। इन्हें बसाने के लिए ग्राम पंचायतों की जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। केनाल रेस्ट हाउस (यह एक स्थान का नाम है), पुन्हाना में तम्बू लगाकर इन मुस्लिमों को रखा जाता है। इसके बाद अन्य पंचायतों में उन्हें बसाया जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि इन मुस्लिमों की मदद जमीयत उलेमा हिन्द के अलावा मेवात के अनेक मजहबी संगठन, पंचायत प्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के मुस्लिम नेता कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 200 विदेशी मुस्लिम परिवारों को नूंह के रेवसन और फिरोजपुर झिरका के पास बसाया गया है। सूत्रों के अनुसार इन दिल्ली जामा मस्जिद के इमाम बुखारी के द्वारा जारी धर्मान्तरण पत्र मुस्लिमों की मदद के लिए स्थानीय मुस्लिमों से पैसा वसूला जा रहा है। यह भी पता चला है कि इन मुस्लिमों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की कोशिश की जा रही है।

विहिप ने मेवात में हिंदुओं के धर्मांतरण संबंधी जो रिपोर्ट 16 मई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भेजी थी, वह मेजर जनरल (सेवानिवृत) जीडी बख्शी, महामंडलेश्वर धर्मदेव महाराज और एडवोकेट चंद्रकांत शर्मा की टीम ने तैयार की थी। डा. सुरेंद्र जैन और विनोद बंसल के अनुसार इस रिपोर्ट में वर्णित घटनाएं ह्रदय द्रवित कर देने वाली हैं। मेवात में हिंदुओं के साथ अमानवीय व्यवहार होता है।

डा. जैन और विनोद बंसल के अनुसार उन पर अत्याचारों के बावजूद प्रशासन मौन है। वहां का दलित समाज, महिलाएं और पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं। मुख्य तौर पर मेवात के तीन थाना क्षेत्र (पुन्हाना, बिछोर व नगीना) हिंदू उत्पीड़न की घटनाओं के केंद्र बिंदु पाए गए। गोकशी के मामलों में भी जब पुलिस को सूचना दी जाती है तो पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती।

इस्लामी शैली में सरकारी भवन
मेवात में जो भी सरकारी भवन बन रहे हैं, उनमें इस्लामी शैली की छाप स्पष्ट रूप से दिखती है। उदाहरण के लिए आप नूंह में बन रहे नए सचिवालय और नूंह के पास ही नल्लड़ गांव में बन रहे चिकित्सा महाविद्यालय को ले सकते हैं। ये दोनों भवन इस्लामी शैली में बन रहे हैं। इनमें मस्जिद की तरह मीनारें और गुम्बद हैं। क्या हिन्दूबहुल क्षेत्र में कोई सरकारी भवन मंदिर की शैली में बन सकता है? यदि नहीं तो मेवात में ऐसा क्यों हो रहा है? मांडीखेड़ा का अल-आफिया जनरल अस्पताल, जिसका निर्माण ओमान के सुल्तान ने अपनी बेटी के नाम पर किया है, भी पूरी तरह इस्लामी शैली में है। सवाल उठता है कि इस्लामी शैली में एक अस्पताल के भवन का निर्माण क्यों किया गया? इसकी अनुमति किसने दी?

मेवात में आएदिन पुलिसकर्मियों की पिटाई होती है। पिछले 10 महीने में ऐसी 40 घटनाएं हो चुकी हैं। जब भी पुलिस किसी अपराधी, तस्कर, बलात्कारी या हत्यारे की धर-पकड़ के लिए जाती है तो स्थानीय लोग पुलिसकर्मियों को घेर कर पीटते हैं। दिल्ली में भी मेवात के युवा डकैती, हत्या, छीना-झपटी, बलात्कार आदि घटनाओं में शामिल पाए जाते हैं। दिल्ली में उन्हें ‘मेवाती गिरोह’ के नाम से जाना जाता है। जब भी दिल्ली पुलिस मेवाती गिरोह के किसी अपराधी को पकड़ने के लिए मेवात जाती है तो उसकी भी पिटाई होती है।

मुख्यमंत्री से विहिप ने यह की मांग

  • धर्मांतरण पूरी तरह से बंद होना चाहिए।

  • मेवात क्षेत्र में कर्मठ व निर्भीक अधिकारियों को लगाया जाए।

  • जिस क्षेत्र में हिंदुओं पर अत्याचार होते है, वहां के थानाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया जाए।

  • राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की एनआइए से जांच कराई जाए।

  • मेवात में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती जाए।

  • हिंदुओं की व्यक्तिगत, सामाजिक व धार्मिक संपत्ति पर कब्जों की जांच हो।

  • लव जेहाद पर अंकुश लगे।

मेवात की परिस्थितियों को बदलने की पूरी कोशिश की जाएगी। वहां राष्ट्र विरोधी, समाज विरोधी तथा हिंदू विरोधी गतिविधियां न चलने पाएं, यह सुनिश्चित कराने के लिए विहिप का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिला था। संपूर्ण हरियाणा में धर्मांतरण और लव जेहाद की गतिविधियां तेजी के साथ चल रही हैं। बहुत से राज्य धर्मांतरण विरोधी कानून बना चुके हैं। हरियाणा में भी ऐसा कानून बने, मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति व्यक्त की है और आश्वासन दिया कि बहुत जल्द इस कानून को बनाने की दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। हमने मेवात में धर्मांतरण संबंधी रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री को सौंपी है, जो पहले 50 गांवों की थी, लेकिन बाद में ध्यान आया कि यह 103 गांव हैं। (साभार: आप इंडिया, जागरण, खबरकीखबर)

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