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भारत-चीन के विदेश मंत्रालय के बीच बातचीत, शांतिपूर्ण समाधान पर बनी सहमति

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नई दिल्ली। भारत की चीन के साथ मौजूदा सीमा विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए पहली बार दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच बातचीत हुई। संयुक्त सचिव स्तर की हुई बातचीत में दोनों देशों ने एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए विवादों के निपटारे पर जोर दिया। खास बात यह है कि पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव का एक महीना होने के बाद दोनों देशों के बीच इतने बड़े स्तर पर बातचीत हुई है। शनिवार को भारत-चीन के कोर कमांडरों की मीटिंग भी होनी है।

शांतिपूर्ण समाधान पर सहमति
विदेश मंत्रालय ने जॉइंट सेक्रटरी लेवल पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बातचीत का ब्योरा देते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने ताजा हालात समेत विभिन्न द्विपक्षीय रिश्तों की समीक्षा की। इस संबंध में भारत-चीन, दोनों ने विवाद की स्थिति में बातचीत की रूपरेखा को लेकर दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति का जिक्र किया। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि भारत और चीन के बीच शांतिपूर्ण, स्थिर और संतुलित संबंध मौजूदा वैश्विक हालात में स्थिरता को बढ़ावा देगा।

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मतभेदों को विवाद नहीं बनने देने पर जोर
बयान में कहा गया है, ‘दोनों पक्षों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि नेतृत्व की तरफ से तय किए गए निर्देशों के आधार पर मतभेदों को शांतिपूर्वक बातचीत से निपटाया जाना चाहिए ताकि एक-दूसरे की संवेदनाओं, चिंताओं और आकांक्षाओं का सम्मान हो और मतभेदों को विवाद न बनने दिया जाए।’ इस वर्चुअल मीटिंग में दोनों देशों ने कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुई चुनौतियों पर बातचीत हुई। साथ ही, विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर एक-दूसरे के सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

संयुक्त सचिव स्तर पर बातचीत
शुक्रवार की बातचीत भारतीय विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया के संयुक्त सचिव नवीन श्रीवास्तव और चीनी विदेश मंत्रालय के महानिदेशक (DG) वु जियांगहो के बीच हुई। वहीं, शनिवार को लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की बातचीत भारतीय सेना की 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और साउथ शिनजियांग मिलिट्री रीजन के कमांडर मेजर जनरल लियु लिन के बीच होगी।

LAC पर 5 मई से ही डटे हैं दोनों पक्ष
पूर्वी लद्दाख में 5 मई को भारत और चीन के सैनिक एक-दूसरे से भिड़ गए थे। दोनों पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में करीब 250 सैनिक घायल हो गए थे। तब से वहां चार अलग-अलग इलाकों में दोनों देशों की सेना एक-दूसरे की आखों में आंखें डाले डटी हैं। इस बीच जब चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अतिरिक्त सैनिक भेजने लगा तो भारत ने भी जवाब में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी। हालांकि, बढ़ते तनावपूर्ण माहौल के बीच दोनों देशों ने कम-से-कम 12 दौर की बातचीत भी की, लेकिन अब तक विवाद खत्म नहीं हो सका है और दोनों सेनाएं पीछे नहीं हटी हैं।

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