Jan Sandesh Online hindi news website

भारतीय सेना साझा करेगी सरकार से बातचीत का ब्‍यौरा

0

नई दिल्‍ली। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर करीब एक महीने से जारी गतिरोध के समाधान के लिए भारत और चीनी सेना के बीच शनिवार को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत हुई। समाचार एजेंसी आइएएनएस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारत ने चीन से अपने जवानों को इलाके से हटाने की मांग की है। हालांकि सेना की ओर से आधिकारिक तौर पर अभी तक कोई भी बयान सामने नहीं आया है ना तो इसकी पुष्टि हुई है। वहीं समाचार एजेंसी एएनआइ ने कहा है कि सेना बातचीत के ब्‍यौरे को विदेश मंत्रालय और सरकार के संबंधित अधिकारियों से  साझा करेगी।

हरिंदर सिंह ने भारत का नेतृत्‍व किया 

भारतीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह स्थित 14 कॉर्प्‍स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने जबकि चीन का नेतृत्व दक्षिण शिनजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल लियू लिन ने किया। सूत्रों ने बताया कि इस बातचीत के बाद लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह लेह लौट आए हैं।

मौजूदा गतिरोध सामान्य नहीं 

सूत्रों ने बताया कि लद्दाख में मौजूदा गतिरोध सामान्य गश्त का हिस्सा नहीं है वरन डोकलाम के बाद चीन द्वारा शुरू की गई नई रणनीति का हिस्सा है। यह गतिरोध लद्दाख में भारत के सड़क निर्माण को लेकर एक सहज प्रतिक्रिया भी नहीं है। उस झड़प से कुछ हफ्तों पहले ही चीन की ओर से असामान्य गतिविधियों को देखा गया था।

राजनयिक स्‍तर पर भी हो रही बात 

सैन्‍य अधिकारियों के बीच यह बातचीत पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की तरफ माल्डो सीमा कर्मी बैठक स्थल पर हुई। भारतीय सेना के प्रवक्ता ने बैठक में हुई बातचीत के बारे में कोई खास विवरण तो नहीं दिया लेकिन उन्‍होंने यह जरूर बताया कि गतिरोध को हल करने के लिए भारत और चीन सैन्य एवं राजनयिक स्‍तर पर संपर्क में हैं।

अब तक 12 दौर की बातचीत

और पढ़ें
1 of 1,332

वहीं सूत्रों ने बताया कि दोनों सेनाओं में स्थानीय कमांडरों के स्तर पर अब तक 12 दौर की बातचीत हो चुकी है जिसमें मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच तीन दौर की बातचीत भी शामिल है। उक्‍त वार्ता का कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने पर ही शनिवार को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर पर बातचीत हुई है।

बातचीत के जरिए मसला सुलझाने पर जोर 

इस बातचीत से ठीक एक दिन पहले दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर बातचीत हुई थी जिसमें दोनों पक्षों में गतिरोध का हल शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए निकालने और इसके किसी बड़े टकराव में नहीं बदलने देने पर सहमति बनी थी। यही नहीं दोनों देश एक-दूसरे की संवेदनाओं और चिंताओं का ध्यान रखते हुए समाधान निकालने पर सहमत हुए थे।

चीनी सैनिकों के जमावड़े पर आपत्ति 

सूत्रों की मानें तो वार्ता के लिए पहले ही तय हो गया था कि भारतीय पक्ष पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी, पैंगोंग सो और गोगरा में यथा स्थिति की पुन:बहाली के लिए दबाव बनाएगा। यही नहीं क्षेत्र में चीनी सैनिकों के जमावड़े का भी विरोध करेगा। वार्ता में चीन से कहा जाएगा कि वह भारत द्वारा सीमा के भीतर किए जा रहे आधारभूत ढांचे के विकास का विरोध न करे।

यथास्थिति को बदलने की कोशिश 

दोनों देशों के बीच यह बातचीत पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में खास तौर पर पैंगोंग त्सो के उत्तरी तट पर गतिरोध को हल करने के लिए हुई जहां चीनी सेना पीएलए ने यथास्थिति को बदलने की कोशिश की है। रिपोर्टों में कहा गया था चीनी सेना ने पैंगोंग झील के फिंगर-4 क्षेत्र में बड़ी संख्या में जमावड़ा किया है।

सैन्य ढांचे में इजाफा किया 

सूत्रों ने बताया कि उपग्रह से ली गई तस्वीरों में नजर आ रहा है कि चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के अपनी तरफ के क्षेत्र में सैन्य आधारभूत ढांचे में महत्वपूर्ण रूप से इजाफा किया है। यही नहीं चीनी सेना एलएसी के निकट अपने पीछे के सैन्य अड्डों पर रणनीतिक रूप से जरूरी चीजों का भंडारण कर रही है। इनमें तोप और भारी सैन्य उपकरणों शामिल हैं।

उल्‍लेखनीय है कि पैंगोंग झील को आठ फिंगर क्षेत्रों के हिसाब से विभाजित किया गया है। झील के साथ पहाड़ियों के उभरे हुए हिस्से को ही फिंगर कहा जाता है। अब तक भारत कई फिंगर के क्षेत्र को नियंत्रित करता रहा है। पिछले महीने के शुरू में गतिरोध शुरू होने के बाद भारतीय सैन्य नेतृत्व ने फैसला किया था कि भारतीय सेना के जवान चीनी सेना के आक्रामक रवैये के खिलाफ पैंगोंग सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी में कड़ा रुख अपनाएंगे।

You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: