Jan Sandesh Online hindi news website

पाकिस्तान में चीनी कंपनियों ने पाकिस्तानी कर्मियों को नमाज से रोका

चीन के शिंजियांग प्रांत के मुस्लिम बहुल इलाके में उइगर मुसलमानों के साथ बेहद बर्बर व्यवहार चीन ने अपने यहां भी मुस्लिम आबादी पर लगाया अंकुश

इस्लामाबाद । पुरानी कहावत है कि सांप दंश मारने का स्‍वभाव नहीं छोड़ता है। मौजूदा वक्‍त में चीन की दोस्‍ती कुछ इसी रूप में नजर आ रही है। नेपाल के एक गांव पर कथित तौर पर कब्‍जा जमाने वाला चीन अब पाकिस्‍तान को भी नहीं बख्‍स रहा है। समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, [...]
0

इस्लामाबाद । पुरानी कहावत है कि सांप दंश मारने का स्‍वभाव नहीं छोड़ता है। मौजूदा वक्‍त में चीन की दोस्‍ती कुछ इसी रूप में नजर आ रही है। नेपाल के एक गांव पर कथित तौर पर कब्‍जा जमाने वाला चीन अब पाकिस्‍तान को भी नहीं बख्‍स रहा है। समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में संचालित चीन की कुछ कंपनियां अब पाकिस्तानी कर्मचारियों को नमाज अदा करने के लिए समय तक नहीं दे रही हैं। इस पर आवाजें भी उठने लगी हैं…!

मालूम हो कि नमाज इस्लाम के पांच बुनियादी सिद्धांतों में से एक है। 26 जून को सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में एक मौलाना को पाकिस्तानियों से एकजुट होने और पाकिस्तान में मौजूद चीन के लोगों से यह कहने का आग्रह करते देखा जा सकता है कि यह देश उनका नहीं है। मौलवी ने कहा है, ‘हम नमाज की उपेक्षा नहीं कर सकते। लोगों को डर है कि उनसे रोजगार छिन जाएगा लेकिन हमारे लिए अब यह स्वाभिमान का मुद्दा है।’

और पढ़ें
1 of 393

चीन को पाकिस्तान का सदाबहार और सबसे प्रिय मित्र देश के रूप में जाना जाता है। एशिया की राजनीति में मुख्य भूमिका निभा रहे चीन का पाकिस्तान सबसे भरोसेमंद सैन्य साझेदार है, लेकिन बीजिंग अपने यहां के चीनी मुस्लिमों, खास तौर से उत्तर पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में उइगर के प्रति आक्रामक बना हुआ है। जल्दी ही पाकिस्तानी जनता की राय पर चीन अपनी पकड़ खो सकता है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के साथ काम करने में बीजिंग को कठिनाई हो सकती है।

यही नहीं चीन ने अपने यहां भी मुस्लिम आबादी पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक अभियान छेड़ा हुआ है। चीनी सरकार अपने यहां बहुमत वाले हान जाति के लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है जबकि उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों के बीच जन्म दर को कम करने के लिए कठोर उपाय कर रही है। बीते दिनों संयुक्‍त राष्‍ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा था कि चीन के शिंजियांग प्रांत के मुस्लिम बहुल इलाके में उइगर मुसलमानों के साथ बेहद बर्बर व्यवहार हो रहा है।

वहीं अमेरिकी पत्रकार फरीद जकारिया ने चीन की पोल खोलते हुए कहा है कि ड्रैगन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के जरिये विश्व पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन हाल में भारत समेत अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का अतिक्रमण करके चीन ने भीषण रणनीतिक गलती कर दी है। वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित अपने लेख में पत्रकार जकारिया ने लिखा कि कोरोना संक्रमण से निपटने की कोशिशों में अमेरिका कमजोर पड़ गया है जबकि चीन इसी हालात का फायदा खुद को मजबूत करने के लिए उठाने वाला है।

You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: