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चीन के सपोर्ट से ये दल भारत को करना चाहता है विभाजित !

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एक तरफ चीन भारत पर कब्जा जमाने के सपने देख रहा है. दूसरी ओर पंजाब में भी देश विरोधी गतिविधि हो रही है. बता दे कि गुरपतवंत सिंह पन्नू की अलग देश बनाने का सपना लगातार गति पकड़ता जा रहा है. उसने अलग देश की स्थापना की मांग तेज कर दी है. वही, देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की गई. जनहित याचिका पर केंद्र और पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया है कि इस संस्था की प्रत्येक गतिविधि पर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की नजर है.

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पंजाब में रेफरेंडम के प्रयासों को किसी हाल में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. रेफरेंडम कितनी भी कोशिश कर ले लेकिन अपने मनसूबों में कामयाब नहीं हो पाएगा. बता दे कि केंद्र और पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को कहा कि 1 जुलाई को ही इस संस्था के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित किया जा चुका है. उसकी संस्था सिख फॉर जस्टिस को पंजाब सरकार गत वर्ष 10 जुलाई को बैन कर चुकी है. संस्था के खिलाफ अब तक 16 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और इसके 118 व्हाट्स एप ग्रुप ब्लॉक किए जा चुके हैं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सुरक्षा एजेंसियां हर समय उसकी गतिविधी पर नजर रख रही है. ताकि किसी भी सूरते हाल में उसके प्रयास कामयाब नहीं हो पाए. बता दे कि आगे जो कार्रवाई की जा रही है वह सुरक्षा कारणों और मामले की संवेदनशीलता के चलते गोपनीय रखी जा रही है, जिसे बताया नहीं जा सकता है. वहीं, हरियाणा सरकार ने भी इस मामले में हाईकोर्ट को उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी. वही, चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने केंद्र सहित पंजाब और हरियाणा सरकार की कार्रवाई पर संतुष्टि जताई. साथ ही पंजाब सरकार को निर्देश दिए हैं, कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह बाजवा और उसके परिवार की सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त किया जाए क्योंकि यह बेहद ही संवेदनशील मामला है और याचिकाकर्ता की सुरक्षा भी खतरे में हैं.

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