Jan Sandesh Online hindi news website

ATS ने दबोचा दुबे के खास गुर्गे गुड्डन और उसके ड्राइवर को, विकास की कई बड़े नेताओं से कराई थी मुलाकात

0

कानपुर। इनामी गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद भी पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। अब यूपी पुलिस ने उसके करीबियों को दबोचना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक ने उसके दो गुर्गों को ठाणे से गिरफ्तार किया है। ये दोनों कानपुर में पुलिसवालों की हत्या में शामिल थे। बता दें कि 10 जुलाई को विकास दुबे की कानपुर के पास एनकाउंटर में मौत हो गई थी।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अरविंद उर्फ गुड्डन रामविलास त्रिवेदी और सुशिल कुमार उर्फ सोनू तिवारी के रूप में हुई है। गुड्डन त्रिवेदी के लिए कहा जाता है कि यह शख्स राजनीति में सक्रिय था और इसने विकास दुबे की कई बड़े नेताओं से मुलाकात करवाई थी।

और पढ़ें
1 of 957

विकास के गुर्गो को शरण देने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 2 गिरफ्तार

बता दें कि विकास दुबे और उसके गैंग को शरण देने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी है। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर बदमाशों को शरण देने का आरोप है। कानपुर पुलिस ने अपने जारी बयान में बताया कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले ओम प्रकाश पांडे और अनिल पांडे को पकड़ा है। इन दोनों पर कानपुर एनकाउंटर के आरोपी शशिकांत पांडे और शिवम दुबे को शरण देने का आरोप है।

इन्होंने दोनों आरोपियों को अपने घर में छिपाया था। इन दोंनो के विरूद्घ विधिक कार्यवाही की जा रही है। इनके ऊपर आरोप है कि चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो-तीन जुलाई की रात पुलिस बल पर हमले के कई आरोपियों को इन लोगों ने अपने घर में शरण दी। दोनों आरोपी मध्य प्रदेश के ग्वालियर के हैं।

कानपुर के चौबेपुर थाना की फोर्स ने इनको ग्वालियर से पकड़ा है। ओम प्रकाश पाण्डेय पुत्र छोटेलाल पाण्डेय तथा अनिल पाण्डेय पुत्र चंद्र प्रकाश पाण्डेय के खिलाफ कानपुर के चौबेपुर थाना में केस दर्ज किया गया है। गौरतलब हो कि उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किए गए विकास दुबे को शुक्रवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।

You might also like
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: