Jan Sandesh Online hindi news website

कुशीनगर मे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाती मजदूरी करने पर मजबुर तो सुविधा से गांव भी है बना उपेक्षा का शिकार

0
और पढ़ें
1 of 711
उपेंद्र कुशवाहा
कुशीनगर : आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राधे कोइरी ने यही सोचा होगा कि स्वतंत्रता मिलने के बाद मरने पर उनके परिवार के लोगो में खुशहाली आएगी। लेकिन स्वतंत्रता के इतने वर्ष बीतने बाद भी सेनानी के परिवार का नाती के पास खुशहाली आना तो दूर बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलीं। एेसे मे इस सेनानी परिवार का एक मात्र 40 वर्षिय नाती संजय कुशवाहा आज भी मजदूरी करके अपने परिवार में लोगों के के बीच मजदूरी करके अपने परिवार के लोगों को के बीच जीवन काट रहा है । हालाकी आजादी के दीवाने के इस परिवार को एक अदद मिलने वाला सरकारी आवास भी नहीं मिल सका है।
पडरौना ब्लॉक की गांव जंगल बनवीरपुर निवासी स्वं राधे कोइरी स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरुद्ध छापामार लड़ाई को अंजाम देते रहे। 1942 के अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राधे ने अपने सहयोगीयो के साथ शामिल होकर रेल लाईन व कई सड़क पुल को ध्वस्त कर अंग्रेजों का संपर्क बाधित कर दिया था। जबकी इसी पडरौना के गुदरी बाजार से अग्रेजो ने सन् 32 मे स्वतंत्रा सग्रांम सेनानी स्वर्गी राधे कोइरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था । आज स्वतंत्रता मिलने के बाद सरकारी सिस्टम की उपेछा सिकार उनका नाती हो कर रह गया है। स्वतंत्रता मिलने के बाद सेनानी का परिवार बदहाल है। सेनानी का 40 वर्षिय नाती संजय कुशवाहा ने कहा कि अगर बुनियादी सुविधाओं से वंचित किसी को देखना है तो मै उसका जीता जगता नमूना हू।

आजादी के पूर्व अंग्रेजों के निशाने पर मेरे नाना थे तो आज आजादी मिलने के बाद बर्तमान की सरकारे व प्रशासन की उपेक्षा के सिकार अब मै हुं । जो आज भी मजदूरी करके अपने परिवार के बीच जीवन काट रहा हू,आज तक हम को जरूरी सुविधाएं मिली ही नहीं हैं। इतना ही नहीं इस गांव की हम बात करें तो ऐसा लगता है कि इस गांव गांव में प्रवेश करने वाली सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, हालांकि जिला प्रशासन जिस तेजी से जनपद के अन्य गांव को सरकारी सुविधा से मुहैया कराता चला आ रहा है,वही इस गांव की हालत इस तरह है कि गांव में दो-दो सेनानी रहने के बावजूद भी इस गांव के लोगों को गांव से होकर बाजार तक जाने के लिए शुद्ध सड़क तक नहीं सही ढंग से बन पा रहा है।

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.