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लचर व्यवस्था में डूब गई उन्नाव की शिवदेवी, सई नदी में उतराता मिला शव तो ग्रामीणों का गुस्सा फूटा

सई नदी में उतराता मिला शव तो ग्रामीणों का गुस्सा फूटा

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उन्नाव औरास थानाक्षेत्र के मिर्जापुर अजिगांव में रहने वाली शिवदेवी के लिए प्रशासन की लचर व्यवस्था काल बन गई। 24 घंटे से लापता महिला का शव जब सई नदी में उतराता मिला तो शासन-प्रशासन के खिालफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका गुस्सा लाजमी है क्योंकि करीब बीस गांवों के लोग जान जोखिम में डालकर कई वर्षों से बांस के सहारे लकड़ी के पटरे से बने पुल से सई नदी पार करते आ रहे हैं। जर्जर और सड़ चुके लकड़ी के पुल पर पटरा टूटने से नदी में गिरी शिवदेवी की जान चली गई। दोपहर तक ग्रामीणों धरना प्रदर्शन करके अफसरों को बुलाने की मांग करते रहे लेकिन कोई नहीं पहुंचा। हालांकि अफसर और विधायक सई नदी में पीपे का पुल प्रस्तावित है।

सई नदी पर वर्षों पुराने लकड़ी के पुल से गिरकर महिला की डूबने से मौत होने पर ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन करके अफसरों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

नदी में डूबकर महिला की मौत

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औरास के मिर्जापुर अजिगांव निवासी सत्यपाल कश्यप की 55 वर्षीय पत्नी शिव देवी बीती शाम से लापता थीं, शुक्रवार सुबह उनका शव सई नदी में उतराता मिला। स्वजनों ने शव नदी से बाहर निकाला और ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ की तो नदी पर बने लकड़ी के जर्जर पुल का पटरा टूटने से नीचे गिरी महिला की डूबकर मौत होने की बात सामने आई। ग्रामीणों ने नदी पर अस्थाई पुल बनाने की मांग पर अड़े रहे और अफसरों को बुलाने की मांग करते रहे। पुलिस के समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने शव नहीं उठाने दिया।

जर्जर पुल से डेढ़ दर्जन गावों के लोगों का होता है आवागमन

औरास क्षेत्र के मिर्जापुर अजिगांव के पास सई नदी पर लकड़ी का पुल काफी पुराना है। इस पुल से अजिगांव, रानी खेड़ा, गहा खेड़ा, मोहन खेड़ा, निरखी खेड़ा. कुशल खेड़ा, सैदापुर, कोइलिया खेड़ा, महबूब खेड़ा, नई बस्ती सहित करीब बीस गावों के लोग आवागमन करते हैं। मिर्जापुर अजिगांव सहित अन्य मजरों के लोगों की 75 प्रतिशत खेती भी सई नदी के उस पार है। किसान पुल पार करके नदी के दूसरी ओर अपने खेत जाते हैं तो ग्रामीण पुल से होकर हैदराबाद के पास मियांगंज से जिला मुख्यालय भी आते जाते हैं।

क्या बोले जिम्मेदार

  • सई नदी के जर्जर पुल के पास उन्होंने शासन को लिख कर पुल की मांग की थी। इसपर पीपे का पुल बनने का आदेश हो गया है। बारिश के बाद पीपे के पुल का निर्माण शुरू हो जायेगा, फिलहाल लकड़ी के नए पुल का निर्माण कराया जाएगा। -बृजेश रावत क्षेत्रीय विधायक
  • मौके पर तहसीलदार नरेंद्र कुमार यादव को भेजा गया था। लकड़ी के पुल से लोगों के आने जाने पर रोक लगा दी गई है। जब तक पीपे का पुल नही बन जाता तब तक ग्राम प्रधान को नाव की व्यवस्था कर लोगों को नाव नदी पार कराने की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। -प्रदीप कुमार, एसडीएम हसनगंज
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