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अमेरिकी सांसद बोले, आर्थिक स्वतंत्रता की सफलता का प्रमाण है भारत, कोरोना ने प्रगति को किया बाधित

कोरोना ने प्रगति को किया बाधित

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वाशिंगटन, प्रेट्र। सकल घरेलू उत्पाद के मामले में फ्रांस और ब्रिटेन को पीछे छोड़ने वाला भारत आर्थिक स्वतंत्रता की सफलता का एक प्रमाण है। यह बात शीर्ष अमेरिकी सांसद जो विल्सन ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कही। बता दें कि फरवरी में अमेरिका स्थित टिंक टैंक व‌र्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के मुताबिक 2019 में ब्रिटेन और फ्रांस को पछाड़कर भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है।

विल्सन ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले साल भारत ने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मामले में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है।

विल्सन ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले साल भारत ने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मामले में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि अफसोस की बात यह है कि वुहान वायरस ने आर्थिक प्रगति को बाधित कर दिया है।’

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विल्सन ने शुक्रवार को कहा कि किसी समय भारत एक समाजवादी विचारधारा वाला देश था, लेकिन अब वह एक फ्री मार्केट वाले देश में तब्दील हो गया है। इससे ना केवल गरीबी कम हुई बल्कि यह आर्थिक स्वतंत्रता की सफलता का एक प्रमाण है।

विल्सन ने कहा कि भारत और अमेरिका का गठबंधन उस समय और मजबूत हो गया है जब पिछले साल 22 सितंबर को ह्यूस्टन में राष्ट्रपति ट्रंप ने 50 हजार से अधिक भारतीय मूल के अमेरिकियों की मौजूदगी में पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। यह अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्वागत कार्यक्रम था।

वहीं, दूसरी ओर सोमवार से शुरू हुए रिपब्लिकन पार्टी के सम्मेलन में वक्ताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धार्मिक स्वतंत्रता का रक्षक करार दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति नहीं बने तो अमेरिका का बेड़ा गर्क हो जाएगा। इस दौरान रिपब्लिकन नेताओं ने डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन की भी जमकर आलोचना की। उन्होंने बिडेन के चुनाव की तुलना एक डरावनी फिल्म से कर डाली।

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