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गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए अनलॉक -4 के दिशानिर्देश, लखनऊ में मेट्रो चलेंगे

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लखनऊ। केंद्र सरकार ने शनिवार को अनलॉक 4 की गाइडलाइन जारी कर दी है। वर्तमान में चल रहा अनलॉक 3 आगामी 31 अगस्‍त को पूरा होने जा रहा है। इससे पहले कोरोना महामारी की चुनौती के बीच अनलॉक चार की जारी गाइडलाइन में कंटेनमेंट जोन के बाहर लगभग सारी गतिविधियों की इजाजत दे दे दी गई है। देश में लगे लॉकडाउन के बाद अब सरकार धीरे-धीरे जिंदगी अनलॉक कर रही है। लॉकडाउन में ठहरे मेट्रो के पहिए एक बार फिर अनलॉक-4 में आजाद होने को तैयार हो गए हैं। केंद्र सरकार ने सात सितंबर से इसे चलाने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से लखनऊ में भी मेट्रो का संचालन शुरू हो सकेगा।

अनलॉक फोर की गाइड लाइनों का पालन करते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) ने अपनी सभी तैयारियां शुरू कर दी है। यूपीएमआरसी के एमडी कुमार केशव का कहना है कि सफर के दौरान केंद्र द्वारा जारी गाइडलाइनों को पूरी तरह से पालन किया जाएगा। यात्रियों को गाइड करने के लिए मेट्रो स्टाफ स्टेशनों पर रहेगा। कोविड में मेट्रो यात्रियों के लिए मददगार साबित होगी। सफर के दौरान केंद्र द्वारा जारी गाइडलाइनों का पालन कराने के लिए आरोग्य सेतु ऐप, थर्मल स्कैनिंग व सैनिटाइज जैसी प्रक्रिया से गुजरना होगा। चार कोच की मेट्रो में यात्रियों के बैठाने की क्षमता तो 1,072 है, लेकिन मेट्रो अधिकतम करीब चालीस फीसद ही अधिकतम यात्री बैठाएगा। इसकी नियमित मानीटरिंग होगी।

कंटेनमेंट जोन के बाहर लॉकडाउन नहीं : अनलॉक चार की गाइडलाइंस में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया कि राज्य सरकारें अपनी मर्जी से कंटेनमेंट जोन के बाहर कोई लॉकडाउन नहीं लगा सकेंगी। कुछ गिनी-चुनी को छोड़कर हर तरह की गतिविधियों की पूरी छूट होगी। पांच महीने बंद रहने के बाद मेट्रो सेवाएं सात सितंबर से फिर शुरू हो जाएंगी। यहां तक कि स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में भी पहली बार सीमित गतिविधियों की इजाजत दी गई है। कंटेनमेंट जोन के अलावा कहीं भी किसी तरह की रोक नहीं होने के दिशा-निर्देश के संकेत से साफ है कि रेलवे भी जल्द ही ट्रेनों की नियमित सेवा शुरू करने की घोषणा कर सकता है।

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सामाजिक समारोह में 100 लोगों को इजाजत : अनलॉक-चार राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लिए राहत लेकर आई है। अभी तक इनके समारोहों पर प्रतिबंध लगा हुआ था, लेकिन अब उन्हें इसकी इजाजत दे दी गई है। शर्त सिर्फ इतनी है कि समारोह में भाग लेने की संख्या 100 से अधिक नहीं हो और इसमें फिजिकल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क, सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करनी होगी। गाइडलाइंस में शादी समारोह और अंतिम संस्कार का अलग से जिक्र नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि सामाजिक समारोह की श्रेणी में इसमें भी 100 लोगों के भाग लेने की इजाजत होगी। पहले केवल 20 लोगों के भाग लेने की छूट दी गई थी।

उच्च शिक्षण संस्थानों में शुरू होगी हलचल : वैसे तो सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान को खोलने की इजाजत नहीं मिली है, लेकिन मार्च से बंद पड़े हाईस्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में पहली बार हलचल शुरू होगी। स्कूलों को 21 सितंबर के बाद 50 फीसद शिक्षक और गैर-शिक्षक स्टाफ को स्कूल में आने की इजाजत दी गई है। ये ऑनलाइन कक्षाओं और टेली-कौंसलिंग स्कूल की अन्य काम कर सकेंगे। सबसे अहम बात यह है कि पहली बार स्कूल में बच्चों को इजाजत मिली है। नौंवी से 12वीं तक की कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूलों में जाने की इजाजत दी गई है, लेकिन स्कूल इसके लिए बच्चों के माता-पिता से लिखित अनुमति लेनी होगी।

ओपन एयर थियेटर को अनुमति पर सिनेमा हॉल बंद : ओपन एयर थियेटर को खोलने की अनुमति तो दे दी गई है, लेकिन सिनेमा हॉल, स्वीमिंग पुल, मनोरंजन पार्क, थियेटर पूरी तरह बंद रहेंगे। इसी तरह से गृहमंत्रालय की अनुमति के चलने वाली कुछ उड़ानों को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं भी प्रतिबंधित रहेगी। गाइडलाइंस में साफ कर दिया गया है कि राज्य के भीतर और राज्य के बाहर से होने वाली आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा और राज्य सरकारें इसके लिए अलग कोई ई-परमिट या ई-पास नहीं जारी कर सकेंगी।

पेशेवर शिक्षण संस्थानों का ताला खुला : आईआईटी और आईआईएम जैसे तकनीकी और प्रबंधन से जुड़े पेशेवर शिक्षण संस्थानों को पीजी के छात्रों के लिए खोल दिया गया है। इसके साथ ही पीएचडी जैसे शोध कार्यों से जुड़े उच्च शिक्षण संस्थानों को भी खोलने की इजाजत मिल गई है। इन शिक्षण संस्थानों को खोलने के लिए उच्च शिक्षा विभाग कोरोना की स्थानीय स्थिति को देखते हुए एसओपी जारी करेगा। इसके साथ ही युवाओं के कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण संस्थानों को भी खोलने की इजाजत मिल गई है।

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