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कुशीनगर में सम्बद्धता के बावजूद अंगद की पांव की तरह जमे है डीएमओ,भ्रष्टाचार के आरोप में जिला अल्पसंख्यक अधिकारी निदेशालय अटैच

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उपेंद्र कुशवाहा
कुशीनगर। भ्रष्टाचार की लगातार मिल रही शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उ0प्र0 सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एंव वफ्फ अनुभाग-2 ने यहा के जिला अल्पसंख्यक अधिकारी देवेन्द्र राम व वरिष्ठ लिपिक ईश मुहम्मद के खिलाफ जांच का आदेश जारी किया है। इसके लिए विशेष सचिव डीएस उपाध्याय को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच प्रभावित न हो इसको ध्यान मे रखते हुए शासन ने जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को अग्रिम आदेश तक निदेशालय अल्पसंख्यक एंव वफ्फ विभाग लखनऊ संबद्ध कर दिया है। बावजूद इसके अपने ऊची पहुंच के दम पर ” साहब” यहा अंगद के पाव की तरह जमे हुए है।
काबिले गौर है कि मदरसों की फर्जी मान्यता व फर्जी शिक्षको की नियुक्ति का खेल कुशीनगर जनपद के अल्पसंख्यक विभाग मे वर्षो से होता चला आ रहा है। जगजाहिर है कि कुशीनगर जनपद के अल्पसंख्यक विभाग मे भ्रष्टाचार की जडे इस कदर फैली हुई है कि मोटी रकम लेकर फर्जी नियुक्ति व फर्जी मान्यता देना यहा के सिस्टम का हिस्सा बन गया जिसका खौफ न तो जिला अल्पसंख्यक अधिकारी देवेन्द्र राम को है और ना ही वरिष्ठ लिपिक ईश मुहम्मद को।
तत्कालीन डीएम ने करायी थी जांच,कई चेहरे हुए थे बेनकाब
कहना न होगा कि तमाम शिकायतो को दृष्टिगत रखते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी द्वारा करायी गई जांच ने अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षा माफियाओं की आपसी जुगलबंदी की कलई खोलकर रख दिया था। बताया जाता है जांचोरांत डीएम की कार्रवाई की जद मे सभी थे लेकिन इन भ्रष्टाचारियों के ऊचे रसूख ने जिलाधिकारी को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। नतीजतन मामला ठंडे बस्ते मे चला गया।
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ईश मुहम्मद के लिए कोई कार्य नामुमकिन नही
चर्चा-ए-सरेआम है कि जिला अल्पसंख्यक कार्यालय मे कार्यरत वरिष्ठ लिपिक ईश मुहम्मद को मुंहमांगा नजराना मिले तो इनके लिए कोई भी कार्य नामुमकिन नही है। सूत्रों की मानें तो मोटी रकम वसूल कर बिना भवन झोले मे चल रहे मदसो को मान्यता दिलाना, एक ही मदरसे मे परिवार के तमाम लोगो को विज्ञान शिक्षक के रूप में नियुक्त कराकर वेतन भुगतान करना वरिष्ठ लिपिक ईश मुहम्मद के लिए बाये हाथ का खेल है। सूत्र बताते है कि शासनादेश को ताक पर रखकर गलत ढंग से मान्यता और नियुक्ति कराकर वरिष्ठ लिपिक ईश मुहम्मद ने काफी धन एकत्रित कर रखा है। यही वजह है कि इनकी संपत्ति की जांच की मांग उठ रही है।
अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य की शिकायत पर हो रही है जांच
गौरतलब है कि अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य बक्शीश अहमद वारसी के 4 नवम्बर – 2019 एंव 21 नवंबर – 2019 के शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उ0प्र0 शासन के अल्पसंख्यक कल्याण एंव वफ्फ अनुभाग – 2 ने पत्रांक संख्या- 954 /52-2-2020 -26 (जांच) / 2019 लखनऊ दिनांक 17 सितंबर 2020 के क्रम में कार्रवाई करते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कुशीनगर देवेंद्र राम और वरिष्ठ लिपिक ईश मोहम्मद के विरुद्ध भ्रष्टाचार की जांच करने का आदेश जारी किया है। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ अनुभाग 2 के उप सचिव रवि शंकर मिश्र ने विशेष सचिव डीएस उपाध्याय को जांच अधिकारी नामित करते हुए एक माह के अन्दर जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उप सचिव के आदेश मे यह भी कहा गया है कि जिला अल्पसंख्यक अधिकारी देवेंद्र राम को अग्रिम आदेश तक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण एव वक्फ उत्तर प्रदेश लखनऊ में संबद्ध किया जात है। बावजूद इसके
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अभी भी कुशीनगर में बने हुए हैं जबकि इन्हे अब तक कार्यमुक्त हो जाना चाहिए।
कौन बचा रहा है
उ0प्र0 शासन के अल्पसंख्यक कल्याण एंव वफ्फ अनुभाग – 2 के उप सचिव रवि शंकर मिश्र द्वारा दिनांक 17 सितंबर-2020 को किये गये आदेश मे जहा जिला अल्पसंख्यक अधिकारी देवेन्द्र राम को निदेशालय अटैच कर दिया गया है वही एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद डीएमओ देवेन्द्र राम कार्य मुक्त नही हुए है। कारण यह है कि भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रेमचंद मिश्र इनको बचाने के लिए मैदान मे कूद पडे है, ऐसी चर्चा है। भाजपा जिलाध्यक्ष श्री द्वारा उ0प्र0 सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एंव वफ्फ वोर्ड के मंत्री नंद गोपाल नंदी को भेजा गया पत्र खूब वायरल हो रहा है। मंत्री को संबोधित अपने पत्र मे भाजपा जिलाध्यक्ष ने जिला अल्पसंख्यक अधिकारी देवेन्द्र राम के ईमानदारी और कार्य प्रणाली की गुणगान करते हुए संबद्धता निरस्त कर यथास्थान पर बनाये रखने का अनुरोध किया गया है। अब देखना यह है कि शासन जिलाध्यक्ष के पत्र को कितना गंभीरता से लेती है।
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