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कुशीनगर में फर्जी मार्कशीट पर शिक्षक की नियुक्ति का मामला: विभाग बना धृतराष्ट्र

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कुशीनगर। कभी मान्यता तो कभी विद्यालय के नाम पर जमीन को लेकर हमेशा चर्चा मे रहने वाला नगर का हनुमान विद्यालय एक बार फिर चर्चा मे है। इस बार चर्चा की वजह है विद्यालय मे फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर शिक्षक बने अमित राव की नियुक्ति का मामला है। चर्चा-ए-सरेआम है कि मामला जगजाहिर होने के बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षक को बचाने की गरज से लगभग तीन माह से जांच प्रक्रिया को लटकाए हुए है। ऐसी चर्चा है कि आरोपी शिक्षक,विभागीय जुगलबंदी के दम पर न सिर्फ फर्जी प्रमाण पत्रो पर नौकरी कर रहे है बल्कि सरेआम ताल ठोक रहे है कि ऐसी बहुत शिकायतें होती है,इससे कुछ नही होने वाला है।
काविले तारीफ है कि हनुमान लघु पूर्व माध्यमिक विद्यालय मे शिक्षक अमित राव के फर्जी प्रमाण पत्रो की जानकारी जब  सोशल एक्टिविस्ट सुनील दत्त शुक्ल को हुई तो उन्होंने जिला बेसिक अधिकारी से लगायत जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगायी थी। किन्तु अफसोस आरोपी शिक्षक शिक्षक अमित राव के प्रभाव और ऊचे रसूख के वजह से विभाग की ओर से कोई कार्रवाई न करते हुए मामले को ठंडे बस्ते मे डाल दिया गया।
मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत
फर्जी प्रमाणपत्रों पर शिक्षक बने आरोपी अमित राव के खिलाफ जनपद स्तर पर कोई कार्रवाई न होने के कारण शिकायतकर्ता सुनील दत्त शुक्ल द्वारा इस प्रकरण की शिकायत संख्या- 40018920018366, शिकायत संख्या – 40018920016428 40018920002834 के जरिए मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत किया गया। शासन ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तीस दिनो के अन्दर जांच कर कार्रवाई करने का दिया।
क्या है शिकायत
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शिकायतकर्ता सुनील दत्त शुक्ला ने तीन माह पूर्व मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर प्रकरण शिकायत संख्या – 40018920018366, शिकायत संख्या – 40018920016428,  मे कहा गया है कि नगर मे स्थित हनुमान लघु पूर्व माध्यमिक विद्यालय मे मैनेजमेंट द्वारा फर्जी मार्कशीट पर अध्यापकों की नियुक्ति की गयी है। श्री शुक्ला ने विद्यालय पर तमाम आरोप लगाते हुए कहा है कि हनुमान विद्यालय मे वर्ष 2011 मे अमित राव पुत्र अशोक राव की नियुक्ति फर्जी बीएड की मार्कशीट पर की गयी है। शिकायत मे यह भी कहा गया है कि जिस समय अमित राव की नियुक्ति हुई उस समय श्री राव न तो बीएड पास किये हुए थे और ना ही टेट की परीक्षा उत्तीर्ण किये थे, जबकि जुलाई 2011 से शिक्षको के नियुक्ति मे टेट परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है।
आईजीआरएस पर कई गयी शिकायत को अधिकारी दिखा रहे है ठेंगा
जैसा कि सभी जानते है मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायतो का निस्तारण अधिकतम समय सीमा एक माह निर्धारित है। मतलब यह कि हर हाल मे एक माह के भीतर मामले का निस्तारण कर शासन को रिपोर्ट भेजना अनिवार्य है। इसके बावजूद शिक्षक को बचाने के उद्देश्य से जांच के नाम प्रकरण को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आईजीआरएस पर की गयी इन शिकायत पत्रो पर जहां अब तक कोई कार्रवाई नही की गयी है वही शिकायत संख्या – 40018920002834 व 40018920018370 पर गलत रिपोर्ट लगाकर मामले का निस्तारण कर दिया गया है इस पुनं रिमाण्डर किया गया है।
बीएड मार्कशीट मे है गड़बड़ी
शिकायतकर्ता सुनील दत्त शुक्ला द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत मे अमित राव के बीएड मार्कशीट को फर्जी करार दिया गया है। साक्ष्य के तौर शिकायतकर्ता ने विश्व विद्यालय द्वारा नेट पर अपलोड किये गये आरोपी शिक्षक अमित राव की मार्कशीट व नियुक्ति मे लगाये गये दोनो मार्कशीट को अपने शिकायत के साथ संलग्न किया है। नेट पर अपलोड मार्कशीट मे जहा परीक्षा फल घोषित तिथि – 26-07-2013 दर्शाया गया है वही नियुक्ति मे लगाये गये मार्कशीट मे परीक्षा तिथि दिसंबर – 2010 अंकित है। बताया जाता है कि आरोपी शिक्षक इसी को दिखाकर खुद वर्ष 2010 मे बीएड पास होने का दावा करते है। इसके अलावा नेट पर अपलोड मार्कशीट पर सेमेस्टर पार्ट लिखा है जबकि अमित राव द्वारा प्रस्तुत मार्कशीट पर कोई सेमेस्टर अंकित नही। इतना ही नही जुलाई – 2011 के बाद बिना टेट पास किये किसी शिक्षक की नियुक्ति नही हो सकती है ऐसे मे अमित की नियुक्ति बिना टेट पास किये कैसे हो गयी।
बीएसए बोले-
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विमलेश कुमार का कहना है कि मामला गंभीर है इसकी जांच चल रही है, जांच रिपोर्ट आने के बाद तत्काल कार्रवाई की जायेगी।
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