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कुशीनगर में एसडीएम पडरौना के आदेश ने डाला मुसीबत,नही मिल रहा है लोगों को देवी प्रतिमा रखने का परमिशन

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उपेंद्र कुशवाहा
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कुशीनगर : कोरोना काल के बीच शारदीय नवरात्र में देवी प्रतिमा रखने के लिए शासन से मिले गाइडलाइन व नियम कानून को पालन करने में इस समय दुर्गा पंडाल आयोजक के लोगों को परमिशन लेने में पसीने छूट रहे हैं.हालांकि जिला प्रशासन ने बकायदा इसके लिए नामित अधिकारियों को नियुक्त कर परमिशन देने के लिए निर्देश दे रखा है.जबकि परमिशन की मांग करने वाले आवेदकों की प्रार्थना पत्र पर अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे हैं निर्देश में आ रही खामियों को पूरा कराने में ही थाने से लेकर तहसील परिसर का चक्कर लगाने के बाद भी जल्दी परमिशन नहीं मिल रहा है।
गौरतलब हो कि शारदीय नवरात्र में दुर्गा पूजा पंडाल सजाने वालों को संबंधित तहसील के एसडीएम से अनुमति लेना अनिवार्य किया है। डीएम भूपेश एस चौधरी ने 17 अक्तूबर से शुरू शारदीय नवरात्र में कोविड-19 प्रोटोकाल को पालन करने के साथ-साथ दुर्गा आयोजक पंडाल से जुड़े लोगों को परमिशन लेने के लिए निर्देश दिया है। इस सिलसिले में दुर्गा पंडाल से जुड़े आयोजक समितियों को जनपद के सभी थाने में बकायदा पीस कमेटी की बैठक कर गाइडलाइन की प्रक्रिया बताते हुए दुर्गा पंडाल से जुड़े आयोजकों को परमिशन लेने के लिए निर्देश दिया गया है। उधर पडरौना क्षेत्र के शहर समेत व गांव से जुड़े लोगों को मूर्ति लाने व पंडाल में सजाने के लिए दुर्गा पंडाल के आयोजकों सदर तहसील में नामित उप जिलाधिकारी रामकेश यादव से परमिशन के नाम पर मिलने वाली निर्देश को पालन कराने के लिए थाने में आने के बाद तमाम तरह के नियम कानून अपनाने के लिए आयोजकों को तहसील से लेकर थाने तक दौड़ लगाने में पसीने छूट रहे हैं। पडरौना शहर व गांवों से जुड़े दुर्गा पूजा समिति के लोगों की माने तो इस बार करोना कॉल के बीच देवी प्रतिमा रखने के लिए एसडीएम द्वारा पुरानी परमिशन की मांग करते हुए संबंधित थाने को परमिशन के लिए आख्या देने का निर्देश दे दिया जा रहा है ।

ऐसे में जब आयोजकों द्वारा थाने से आख्या के लिए रिपोर्ट संबंधित दरोगा से लिखने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहे हैं तो सीधे-सीधे आवेदक पिछले वर्ष की दुर्गा प्रतिमा की परमिशन न होने के वजह से अजमस की स्थिति में पड़ जा रहा है.ऐसे में कोरोना काल से पूर्व देवी प्रतिमा रखने के लिए न तो किसी अधिकारी से कोई परमिशन लेना पड़ा था.और ना ही किसी के पास पुरानी परमिशन वाली कागजात है। हालांकि वर्तमान समय में पडरौना सदर तहसील के एसडीएम से देवी प्रतिमा रखने के लिए दुर्गा पंडाल से आयोजकों को परमिशन मिलने के बाद ही प्रतिमा स्थापित करना है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि एसडीएम से दुर्गा पंडाल से जुड़े आयोजकों द्वारा परमिशन मांगने के दौरान प्रार्थना पत्र पर दिए जा रहे आदेश में पुरानी परमिशन के कागजात दिखाने का जिक्र करते हुए संबंधित थाने से आख्या मांगी जा रही है.जो पडरौना शहर के आलावा गांव देहात में किसी भी दुर्गा पूजा पंडाल से जुड़े आयोजकों के पास पुरानी परमिशन की कॉपी नहीं है। बहरहाल शासन से मिले गाइडलाइन व नियम कानून को पालन कराने में सरकार के आदेश व पडरौना सदर एसडीएम से पुरानी परमिशन दिखाने के व नए परमिशन मिलने के लिए जिस तरीके से दुर्गा पंडाल से जुड़े आयोजकों के सदस्य थाने व तहसील का चक्कर लगा रहे हैं ।

शायद ही उन्हें इस बार परमिशन जल्दी मिल सकेगा। मजे की बात तो यह भी है कि दुर्गा पूजा पंडाल से जुड़े आयोजकों में कुछ तो ऐसे सदस्य हैं जो सुबह से लेकर शाम तक तहसील में एसडीएम के बाबू सुनील गुप्ता से परमिशन से जुड़ी कार्रवाई को पुरा कराने के इंतजार में ही पुरा दिन बीत जा रहा है। बताया जा रहा है कि दुर्गा पंडाल से जुड़े आयोजकों के सदस्यों द्वारा परमिशन के लिए एसडीएम और थाने से मिलने वाले आदेश को पूरा कराने के लिए तहसील के बाबू से पहले मिलना पड़ रहा है.इसके बाद ही कार्यवाही पूरी हो रही है तब जाकर जैसे तैसे परमिशन की कार्रवाई पुरी हो पा रही है। हालांकि एसडीएम के बाबू द्वारा विभागीय काम के बहाने डीएम कार्यालय पर ही दिन भर समय बिता दे रहे हैं. जिसके वजह से कई दुर्गा पंडाल से जुड़े आयोजकों को सुबह से लेकर शाम तक बैठने के बावजूद जल्दी परमिशन कार्रवाई समय से पुरा नही हो पा रही है।

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