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टेस्ट में खुद को साबित करने का मौका रोहित के पास कोहली की अनुपस्थिति में – ग्लेन मैकग्रा

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नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा का मानना है कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में आखिरी तीन टेस्ट मैचों में विराट कोहली की अनुपस्थिति से रोहित शर्मा के पास खुद को पूरी तरह से टेस्ट बल्लेबाज के रूप में स्थापित करने का मौका होगा। मैकग्रा सोमवार को वर्चुअल पत्रकार वार्ता में पत्रकारों से मुखातिब हुए। कोहली जनवरी में पिता बनेंगे और वह पहला टेस्ट खेलने के बाद स्वदेश लौट आएंगे। उनके नहीं रहने से क्या भारत के सीरीज जीतने के मौके कम हो जाएंगे।

इस पर मैकग्रा ने कहा कि आपके बच्चे के जन्म का समय बहुत अहम होता है और वह उस वक्त वहां रहना चाहते हैं और अपनी पत्नी का समर्थन करना चाहते हैं। मैं समझ सकता हूं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इससे सीरीज पर प्रभाव पड़ेगा। भारतीय टीम एक अच्छा खिलाड़ी गंवा देगी और उनका चार में से तीन टेस्ट में नहीं होना बड़ी बात है। अब यह दूसरे खिलाडि़यों पर निर्भर करता है कि वह उनकी अनुपस्थिति में जिम्मेदारी निभाएं।

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ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज कोहली की अनुपस्थिति में किस भारतीय बल्लेबाज पर निशाना साधेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि मेरी नजर में रोहित शर्मा एक अच्छे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में इतना कुछ नहीं पाया है, जितने के वह हकदार हैं। हो सकता है विराट के लौटने के बाद रोहित बड़ी जिम्मेदारी निभाएं। जहां तक निशाना बनाने की बात है तो आप एक खिलाड़ी के बारे में नहीं सोच सकते हैं। भारतीय टीम के पास अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और केएल राहुल जैसे बल्लेबाज भी हैं। विराट के लौटने के बाद किसी दूसरे के पास यह मौका होगा कि वह जिम्मेदारी उठाए। हो सकता है यह रोहित शर्मा हों।

जसप्रीत बुमराह ने फरवरी से कोई टेस्ट नहीं खेला है, लेकिन मैकग्रा को कोई संदेह नहीं है कि यह तेज गेंदबाज अच्छा करेगा। उन्होंने कहा कि बुमराह विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं। मुझे उनकी मानसिकता पसंद है। वह अच्छी गति से अच्छी जगह पर गेंद डालते हैं। उनका दूसरा और तीसरा स्पैल उतना ही तेज होता है, जितना पहला। उनके अंदर एक दिग्गज के तौर पर करियर खत्म करने की संभावना है।

मैकग्रा का मानना है कि उनके समय की तुलना में क्रिकेट अब काफी तेज हो गया है। अब काफी टी-20 क्रिकेट हो रहे हैं, जिसमें तेज शुरुआत की जरूरत होती है। इसकी वजह से वनडे और टेस्ट क्रिकेट पर भी प्रभाव पड़ा है। जब हम खेलते थे तो 300 रनों का स्कोर आम बात नहीं थी, जैसा कि अब है। आप भारतीय टीम को देखें ऑस्ट्रेलिया में उछाल और गति उन्हें डराती नहीं है। अब वह ऑस्ट्रेलिया की परिस्थिति में खेलना सीख गए हैं। उन्होंने पिछले दौरे पर यहां टेस्ट सीरीज जीतकर साबित भी किया था। इससे उन्हें काफी आत्मविश्वास मिला है। भारतीय खिलाड़ी अब आइपीएल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाडि़यों संग खेलते हैं। इससे उन्हें यह पता चला है कि विरोधी टीम के खिलाड़ी भी आम हैं। अब भारतीय टीम एक अलग मानसिकता के साथ यहां आती है। भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे के मैचों का प्रसारण 27 नवंबर से सोनी टेन 3 पर किया जाएगा।

 

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