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आखिर फिर चर्चा में क्यों आया कुशीनगर की हाटा कोतवाली

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उपेंद्र कुशवाहा पडरौना,कुशीनगर। पुलिस के लिए मुखबिरी कर करीबी बने आदिल ने अपना ऐसा सम्राज्य खड़ा किया कि एनएच 28 के रास्ते बिहार होते हुए बंगलादेश तक पशु तस्करी करने वाले दूसरे गैंग दहशत में आ गये थे। वहीं आदिल ने सरेआम हाटा कस्वे के निकट हाइवे पर दूसरे गैंग के लोगों पर फायर करवा अपने गैंग के शक्ति का प्रदर्शन करते हुए दूसरे गैंग के साथ ही पुलिस विभाग में अपने खिलाफ अभियान चलाने वालों को रास्ते में आने के बाद का परिणाम क्या होगा, उसका साफ संकेत दे दिया।
हाइवे ही नहीं, थानों के अंदर भी है आदिल के सहयोगी
सरकार चाहे जिसकी हो, लेकिन तस्कर अपना रास्ता खोज ही निकालते है, लेकिन उनके लिए यह रास्ते तब और आसान हो जाता है, जब उसके खिलाफ अभियान में लगें यूनिट (प्रशासन) के बीच का कोई आदमी पर्दे के पीछे से खड़ा हो।
जानकार बताते है कि जनपद के हाटा कोतवाली के कार्यालय में एक ऐसा व्यक्ति तैनात है, जिसका कुख्यात पशु तस्कर आदिल से मजबूत सम्बंध है। जो उसे पुलिस के अंदर की खबर उसे देता रहा है। वैसे इस व्यक्ति की जानकारी हाइवे पर स्थित लगभग थानों के जिम्मेदारों के अलावे उन लाइनरो को भी है। कुछ अंदरूनी कारण होगी जिसके कारण कोई भी इसके खिलाफ अब तक विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने बोलने का जहमत नहीं उठाई। दूसरी ओर आदिल के पुलिस के लोगों से करीबी और राजनैतिक पकड़ भी एक मुख्य कारण बताया जा रहा। सूत्र तो यहां तक बताते है कि आदिल अपने प्रभाव से ही कई लाइनरो को हाइवे के दूसरों थानों पर तैनात करा रखा है। जो उसके लिए काम तो करते ही है, उसके ही मुखबिरी पर दूसरे गैंग के गाड़ियों को पकड़वाने में अहम भूमिका निभाते है।
टोल प्लाजा की क्यों हो रही चर्चा
जानकार यह भी बताते है, कुशीनगर जनपद में स्थित टोल प्लाजो पर पर भी आदिल गैंग का प्रभाव कम नहीं है। कारण पशुओं से लदी गाड़ियों की पुलिस पीछा करती रह जाती और गाड़ियां टोल का सिग्नल तोड़ निकल जाती है। जबकि दूसरे गाड़ियों को टोल से निकलने में दस से पंद्रह मिनट लग जाते है। दूसरी बात टोल का सभी लें प्रतिदिन 24 घण्टे काम क्यों नहीं करते। अगर किसी कारण से बन्द है तो उसे वजनी बस्तुओं को रख ठीक से जाम क्यों नही किया जाता। मुजेहना या फिर सलेमगढ़ टोल प्लाजा पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तीसरी नजर गड़ा दे तो पशु और शराब तस्करी, तस्कर और दागी लोगों की पोल जाएगी।
कुशीनगर के हाइवे पर स्थित थानों जहां तैनात है लाइनर
एनएच 28 पर कुशीनगर जनपद का अहिरौली, हाटा, कसया, तुर्कपट्टी, पटहेरवा और तरयासुजान थाने स्थित है, सूत्र बताते है कि अहिरौली थाने में दो, *हाटा थाने के सुकरैली पुलिस चौकी पर तीन, हाटा कोतवाली में पांच जिसमें एक कार्यालय में, कसया थाने के कुशीनगर पुलिस चौकी पर दो, कसया थाने में दो, तुर्कपट्टी थाने के मधुरिया पुलिस चौकी पर दो, पटहेरवा थाने के पुलिस चौकी पर एक, पटहेरवा थाने में एक, तरयासुजान थाने के तमकुहीराज पुलिस चौकी पर चार, तरयासुजान थाने पर लगभग आधा दर्जन एवं तरयासुजान थाने के बिहार सीमा पर स्थित आखिरी बहादुरपुर पुलिस चौकी पर आधे दर्जन से भी अधिक ऐसे लोग तैनात है।* जिनका अधिकतर समय हाइवे पर बीतता है, और वे पुलिस व आम आदमी के लिए कम हाइवे को रफ्तार देने वाले लोगों के लिए खुलकर काम करते है।
जांच और नजर रखनी आवश्यक
तस्करी को लेकर रोज रोज आ रही खबरों को दृष्टिगत रखते हुए उच्चाधिकारियों को चाहिए कि एक गोपनीय टीम बना हाइवे से जुड़े थानों एवं पुलिस चौकियों पर तैनात लोगों पर नजर रखी जाय, और जिस जिस पर संदेह हो उनकी जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाय। इससे दो बात साफ हो जाएगी। पहला तस्करी और दागियों की पहचान हो जाएगी। और दूसरा सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि अफवाहों पर विराम लगने के साथ ही लोगों का भरोसा मजबूत हो जाएगा।
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