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श्रद्धालुओं की भीड़ से व्यवस्थाएं बनाने में दिक्कतें बदरीनाथ धाम में

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बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ से व्यवस्थाएं बनाने में दिक्कतें हो रही हैं। रात्रि को सात हजार से अधिक यात्रियों के बदरीनाथ धाम में पहुंचने से यात्रियों को वाहनों में ही रात गुजारनी पड़ी, जबकि बदरीनाथ धाम में पांच हजार से कम यात्रियों की ही रहने की व्यवस्था है। पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने कहा कि रात्रि को 6800 यात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि होटल धर्मशालाएं बंद होने से यात्रियों को दिक्कतें होनी स्वाभाविक थी।

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धाम में रात्रि तक श्रद्धालुओं का आना जारी रहा। बदरीनाथ धाम में सीमित होटल व धर्मशालाएं खुली होने के चलते यात्रियों को दिक्कतें हुई। यात्री वाहन में ही बैठकर रात्रि गुजारने के लिए मजबूर हुए। बुजुर्गों व बच्चों को इससे खासी दिककतें हुई। बदरीनाथ धाम में बर्फ जमी होने के चलते ठंड भी बढ़ी है। श्रद्धालु कई जगह व्यापारियों द्वारा जलाए गए अलाव सेकते भी नजर आए। हालांकि, तड़के से बदरीनाथ दर्शनों के लिए कतार लगनी शुरू हो गई थी, जो अभी भी जारी है।

बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के उत्सव में शामिल होने के लिए 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के बदरीनाथ पहुंचने की उम्मीद है। बदरीनाथ धाम में सुबह से ही यात्रियों की आवाजाही शुरू हो गई है।

बदरीनाथ मंदिर में दर्शन के लिए सुबह से ही कतार लगी है। कपाट बंद होने के कार्यक्रम दोपहर बाद शुरू होने हैं। धार्मिक रस्मों के साथ शाम 3 बजकर 35 मिनट पर शीतकाल के लिए भगवान बदरीविशाल के कपाट बंद होने हैं। कपाट खुलने के बाद बीते दिन तक एक लाख 40 हजार से अधिक यात्री बदरीनाथ धाम में दर्शन कर चुके हैं।

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