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चक्रवात निवार तमिलनाडु पुडुचेरी के तटीय इलाकों से 25 नवंबर की शाम को गुजरेगा

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चेन्नई, तमिलनाडु की तरफ तेजी से बढ़ रहे भीषण चक्रवात निवार के 25 नवंबर की शाम को तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेंगी। फिलहाल चेन्नई के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो गई है। पुडुचेरी में भी तेज हवाओं के चलने का सिलसिला शुरू हो गया है। तूफान के खतरे को देखते हुए पूरे पुडुचेरी में आज रात 9 बजे से 26 नवंबर की सुबह 6 बजे तक एहतियातन धारा-144 लगाने की घोषणा की गई है। इस दौरान केवल दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। केवल दूध, पेट्रोल स्टेशन और फार्मेसियों को संचालित करने की अनुमति रहेगी। तमिलनाडु के कुड्डालोर के आपदा निगरानी जोनल अधिकारी ने कहा कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को चक्रवात आश्रयों में स्थानांतरित करने के लिए कहा। प्रत्येक ब्लॉक / पंचायत में, जोनल टीमों को तैनात किया गया है जो सड़कों की सफाई, बिजली के खंभे आदि स्थापित कर सकते हैं।

चक्रवाती तूफान निवार तेजी से तमिलनाडु की तरफ बढ़ रहा है। 25 नवंबर को इसके तट से टकराने की संभावना जताई जा रही है। आंध्र प्रदेश के अधिकांश जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी के बाद हाई अलर्ट पर रखा गया है।

 

वहीं, आंध्र प्रदेश में भी प्रमुख विभागों को तटीय एवं रायलसीमा क्षेत्रों के अधिकांश जिलों में अगले तीन दिनों में भारी बारिश की चेतावनी के बाद हाई अलर्ट पर रखा गया है। चक्रवात निवार की स्थिति को लेकर पीएम मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री से बात की है। पीएम ने केंद्र की तरफ से हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार ने सात जिलों में अंतर जिला बस सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। कुछ जिलों में ट्रेनें भी आंशिक या पूरी तरह रद कर दी गई हैं। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एनडीआरएफ की कुल 30 टीमों को तैनात किया गया है।

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भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) की ओर से जारी एक बुलेटिन में कहा गया है कि बंगाल की खाड़ी में दक्षिण पश्चिम तथा दक्षिण पूर्व में बना निम्न दाब सोमवार को 11.30 बजे पुडुचेरी से 520 किलोमीटर पूर्व- दक्षिणपूर्व तथा चेन्नई से 560 किलोमीटर दक्षिणपूर्व में स्थित था और यह 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में इसके और तीव्र होकर चक्रवात में बदलने की पूरी संभावना है। यह तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों से 25 नवंबर को दोपहर करईकाल तथा मामल्लापुरम के बीच 100-110 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से टकरा सकता है और इसकी गति बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।

चक्रवात के असर से तमिलनाडु और पुडुचेरी में 24 से 26 नवंबर तक भारी बारिश हो सकती है। इस कारण नागपट्टनम जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है तथा मछुआरों को 26 नवंबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने एक समीक्षा बैठक कर अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों तथा अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पुडुकोटई, कुड्डालोर, नागपट्टनम, तंजावुर, विल्लुपुरम व चेंगलपट्टु जिलों खासतौर पर तैयार रहने को कहा गया है।

निपटने की तैयारियां पूरी, एनडीआरएफ तैनात

खतरे को देखते हुए एनडीआरएफ की छह टीमें कुड्डुलोर में तथा दो टीमें चेन्नई में जरूरी उपकरणों के साथ तैनात की जा रही हैं। राजस्व मंत्री आरबी उदयकुमार तथा बिजली मंत्री थंगमणि ने आशंकित आपदा से निपटने की तैयारियों पर संतोष जताया है। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि सभी इंतजाम कर लिए गए हैं तथा राहत शिविरों में कोरोना प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जा रहा है। इस बीच, एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने नई दिल्ली में बताया कि चक्रवात से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यो के लिए 30 टीमें तैयार की गई हैं। इनमें से 12 टीमों की पूर्व तैनाती कर दी गई है तथा 18 टीमों को तैयार (स्टैंडबाय) रखा गया है।

 

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