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WHO – दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के लिए तैयार हो रहा भारत , पूरा दक्षिण पूर्वी एशिया

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नई दिल्‍ली (संयुक्‍त राष्‍ट्र)। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के सहयोग से दक्षिण-पूर्वी एशिया कोरोना महामारी के खिलाफ एक व्‍यापक टीकाकरण के लिए तैयार हो गया है। भारत में चलने वाले इस टीकाकरण अभियान को दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भी कहा जा रहा है। भारत में ये टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू हो रहा है। इसको लेकर हर जगह अभूतपूर्व तैयारियां चल रही हैं। भारत इस बार के इस व्‍यापक अभियान में अपने पोलियो अभियान की सफलता का अनुभव शामिल करते हुए आगे बढ़ रहा है।

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक भारत में जंगली पोलिया का आखिरी मामला करीब दस वर्ष पहले 2011 में पश्चिम बंगाल राज्य में पता चला चला था। इसके बाद बीते एक दशक में देश में कोई मामला सामने नहीं आया है। अब इसी अनुभव का इस्‍तेमाल कोरोना वायरस के टीकाकरण में भी किया जाएगा। हालांकि इस बार का ये टीकाकरण अभियान पोलिया टीकाकरण से कहीं बड़ा होने वाला है।

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विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के रीजनल डायरेक्‍टर डॉक्टर पूनम खेत्रपाल सिंह के मुताबिक इस अभियान को लेकर अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं। इन देशों ने अपने लोगों को कोविड-19 से रक्षा करने की ठान ली है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक इंडोनेशिया में इस टीकाकरण की शुरुआत बुधवार से हो चुकी है।

संगठन के मुताबिक आने वाले दिनों में अन्य देशों में भी टीकाकरण की इस मुहिम को आगे बढ़ाया जाएगा। डॉक्‍टर पूनम कोविड-19 वैक्‍सीन को दुनियाभर में उपलब्‍ध करवाना संगठन की प्राथमिकता में शामिल है। संगठन गरीब देशों में भी इस वैक्‍सीन को पहुंचाने का प्राथमिकता के आधार पर ही कर रहा है। इसके लिए डब्‍ल्‍यूएचओ विभिन्‍न देशों की सरकारों से सामंजस्‍य बनाकर काम कर रहा है।

इस बीच विशेषज्ञों ने इस बात को लेकर भी आगाह किया है कि शुरुआत में वैक्‍सीन की आपूर्ति काफी सीमित है। इसे देखते हुए सभी तरह की एहतियात भी बरतनी जरूरी हैं। इनमें मास्‍क पहनना, एक दूसरे व्‍यक्ति से दूरी बनाए रखना, संक्रमित व्‍यक्ति के संपर्क में आने पर जांच व इलाज सुनिश्चित कराना आदि शामिल है।

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