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उत्तर प्रदेश में रोजगार बनाम बेरोजगारी (2017-2021)

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हिंदुस्तान विश्व में सबसे ताकतवर देश माना जाता हैं। जिसकी जनसंख्या 130 करोड़ से ज्यादा है, जिस देश में 29 राज्य है और 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं। भारत का सबसे प्रभावशाली और सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य उत्तर प्रदेश हैं। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या लगभग 23.8 करोड़ के आसपास हैं, और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ हैं जो कि अपनी नवाबी और तहज़ीब के लिए जाना जाता हैं।

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इतने बड़े प्रदेश को चलाने के लिए तजुर्बा, जज़्बा, जूनून और आत्मविश्वास चाहिए होता हैं। पूरे प्रदेश का मुख्यमंत्री ही संपूर्ण राज्य का मुखिया होता हैं, उन्ही के नक्शेकदम पे राज्य की कानून व्यवस्था, नौकरियां, संविधान का सही पालन करना, और प्रदेश की सुरक्षा आती हैं। अब तक उत्तर प्रदेश में 1947 की आज़ादी के बाद 20 मुख्यमंत्री रह चुके हैं जिसमे से 3 कार्यकारी मुख्यमंत्री भी रहे हैं जिनका कार्यकाल बहुत ही छोटा रहा हैं। कुछ नामचीन मुख्यमंत्रियों के नाम जैसे गोविंद वल्लभ पंत, मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह, मायावती, अखिलेश यादव, और माननीय योगी आदित्यनाथ। 2017 उत्तर प्रदेश के चुनाव में बीजेपी की बम्पर जीत के बाद से योगी आदित्यनाथ जी पूरे प्रदेश का कार्यभाल संभाल रहे है, 2017 से 2020 तक के कार्यकाल में 47 मंत्री सरकार में कार्यरत हैं, जिसमे से 25 कैबिनेट मंत्री है और 22 राज्य मंत्री हैं।

कुछ बड़े नाम मंत्रिमंडल में जैसे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डॉ दिनेश शर्मा, कानून मंत्री बृजेश पाठक, सिद्धांत नाथ सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, श्री आशुतोष टंडन, आदि। हमारे उत्तर प्रदेश की गवर्नर है श्री आनंदी बेन पटेल जी हैं।

माननीय योगी आदित्यनाथ

2017 में जब माननीय योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो उन्होंने कई वादे किए जैसे कि खुशहाल प्रदेश, महिलाओं कि सुरक्षा, आत्मनिर्भर प्रदेश, संपूर्ण बिजली, बेरोजगारी भत्ता, भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश, हर एक युवाओं को सरकारी नौकरियां, किसानों की क़र्ज़ माफ़ी आदि। परंतु कितने बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिली और कितनों को नहीं आज इसपे कुछ रोशिनी डालते हैं इस लेख के ज़रिये…

23 करोड़ से ज्यादा जनसंख्या वाला हमारा उत्तर प्रदेश जहाँ कई सालों के लंबे इंतज़ार के बाद भारतीय जनता पार्टी का कमल खिला, अपने वादों पे बीजेपी ने काम करना शुरू भी किया। पर जब बात रोजगार देने की आई तो बीजेपी ने अपना पूरा ज़ोर लगाते हुए हमारे प्रदेश के नौजवानों को भटकने नहीं दिया । आज 2021 के नए साल में कदम रखते ही हम यह कह सकते हैं कि उत्तर प्रदेश के नौजवानों को सही दिशा मिल रही है। हम हमेशा यह बात कहते हैं सरकार नौकरियां नहीं दे रही हैं वादे तो कर दिए पर पूरे नहीं कर रही हैं, परंतु हम कभी यह नहीं कहते कि सारे मुख्यमंत्री चाहते हैं कि उनके प्रदेश के युवा शक्ति देश के नाम रोशन करें। लेकिन हालात और जज़्बातों का खेल इतना अज़ीब हैं कि हमारी ऊँगली सीधे प्रदेश के मुखिया पे ही उठती हैं।

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हम यह नहीं कह रहे हैं कि सवाल पूछना ग़लत हैं पर उन सवालों के जवाब क्या इतना आसान हैं कि कुछ पलों में दे दिया जाए। 4 साल के क़रीब उत्तर प्रदेश की सरकार हो गए हैं, पर इन सालों में हमारे प्रदेश में कितनी सरकारी नौकरियां की भर्ती हुई है कितनी नहीं ऐसे कुछ समीकरणों से आज हम आपको रूबरू करवाएंगे।

योगी जी की सरकार ने अपने कार्यकाल में लगभग 3 लाख पदों पर भर्तियां की हैं, जिसमे सबसे बड़ी सरकारी भर्तियों में एक लाख 50 हज़ार के करीब पुलिस की भर्ति हो चुकी हैं और 50000 से अधिक टीचर की भर्ति हुई हैं। इसके साथ ही प्रदेश में ऐसी कई और प्रमुख़ सरकारी संस्थाएं जहाँ नौकरियों के ख़ाली पदों को भरा गया हैं जैसे कि:

मार्च 2017 से अब तक की सरकारी नौकरियों की भर्ति

कुल– 294080

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग समूह ख, ग एवं घ – 8556

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत नियुक्ति– 28622

प्राविधिक शिक्षा विभाग/व्यावसायिक शिक्षा विभाग– 365

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग– 16708

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड– 137253

सहकारिता विभाग– 726

लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश– 26103

चिकित्सा शिक्षा विभाग– 1112

माध्यमिक शिक्षा विभाग (राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालय)- 14000

वित्त विभाग– 614

उच्च शिक्षा विभाग (विश्व विद्यालय/महाविद्यालय)- 4615

नगर विकास– 700

कुल भर्ती प्रक्रियाधीन – 85629

पुलिस विभाग– 16629

बेसिक शिक्षा– 69000

और जो भर्तियाँ प्रक्रियाधीन हैं उसकी संख्या कुछ इस प्रकार हैं– 85629

पुलिस विभाग– 16629

बेसिक शिक्षा– 69000

यह प्रक्रियाधीन नियुक्ति 2021 के शुरुआत तक पूरी होने की बात कहीं गई है, और साथ ही सरकार ने COVID-19 से हुए नुकसान की भरपाई के लिए यह भी घोषणा की हैं की 2021 के मार्च या अप्रैल तक सारे सरकारी पदों की भर्ती पूरी कर दी जाएगी, जिसमें कुल 6 महीने का समय बताया जा रहा है।

यह वो डेटा हैं जो सरकार ने ज़ारी किया हैं पर ऐसी अनेख सरकारी संस्थाएं उत्तर प्रदेश में हैं जो outsourcing कर्मचारी की भर्ति भी करती हैं, जैसे कि सिंचाई विभाग, जल निगम, नगर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, उत्तर प्रदेश मेट्रो विभाग, आदि। इन सब में outsourcing कर्मचारियों की नियुक्ति अनिवार्य हैं, उन सब को भी Semi-government कर्मचारी कहते हैं। इन सभी कर्मचारियों का काम अनेक प्रकार के डेटा को एकत्र करके सरकारी संस्थाओं को देना होता हैं। अगर हम इन सभी सरकारी संस्थाओं की बात करे तो तकरीबन 20-30% outsourcing कर्मचारी यहाँ काम करते हैं जिनकी नियुक्ति प्राइवेट organization करती हैं। इनका job role काफी एहम होता हैं हर सरकारी संस्थाओं के लिए, इसीलिए इनकी भर्ति पूरी हर 6 महीने में की जाती हैं। ऐसी कई उत्तर प्रदेश की सरकारी संस्थाएं हैं जो सरकारी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के साथ मिल कर बुलंदियों की नई इमारतें छू रही हैं।

रोज़गार बनाम बेरोजगार

यह एक चर्चा का विषेय हमेशा से रहा हैं कि प्रदेश में नौकरियां नहीं हैं बेरोजगार सड़क पे आ गए हैं और उत्तर पप्रदेश की सरकार ने अपने कार्यकाल में सिर्फ झूठे वादे किए हैं परंतु हमने जो डेटा आपके साथ साँझा किया हैं वो सरकार ने ही जारी किया हैं, इसकी सच्चाई बस इतनी कह सकते हैं कि आने वाले 6 महीने हमारे उत्तर प्रदेश के नौजवानों के लिए काफी एहम हैं, क्योंकि सरकार ने सितम्बर 2020 को पूरे प्रदेश के नौजवानों से यह वादा भी किया कि 6 महीने में वो सारे सरकारी भर्तियों के रिक्त स्थान भर देंगे।

3 लाख से ऊपर रोज़गार माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने हमारे प्रदेश के नौजवानों को प्रदान किया हैं, और साथ ही बेरोजगारी भत्ता भी हर उस इंसान को देने की कोशिश कि हैं जो आज आर्थिक तंगी से गुज़र रहे हैं। यह बेरोजगारी भत्ता प्रति माह 1000 से 1500 रुपये के रूप में दिया जाता हैं, जब तक उनकी कई सरकारी नौकरियां ना लग जाये तब तक यह बेरोजगारी भत्ता वो सरकार से हर महीने ले सकते हैं।

2017-2021 जनवरी तक तकरीबन 4 लाख से भी अधिक युवाओं को रोजगार देने का अनोखा रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने बनाया हैं, यह रिकॉर्ड काफ़ी अनोखा हैं क्योंकि 12 साल से भी लंबे अंतराल में आज तक किसी भी मुख्यमंत्री ने इतनी नौकरियां नहीं दी हैं।

रोजगार तो अनेख दिए हैं पर हक़ीक़त यह भी हैं कि उत्तर प्रदेश में आज भी लाखों युवाओं के पास नौकरियां नहीं हैं और वो अपनी ज़िंदगी चलाने के लिए मज़दूरी तक कर रहे हैं। यह बात सच्च हैं उत्तर प्रदेश भारत का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य हैं पर यहाँ आज भी कुल प्रदेश की जनसंख्या के 18% की क़रीब बेरोजगार हैं जो सिर्फ दो वक़्त की रोटी के लिए दरदर की ठोकरें खा रहे हैं। इसके प्रमुख़ कारण यह हैं कि नौकरशाही का होना, भ्रष्टाचार का होना, अधिक जनसंख्या होना, अत्यादि। सरकार के पास डेटा हैं उन सभी खाली पदों के जिसमे आज भी लाखों लोगों की भर्तियां लंबित हैं।

बेरोजगारी क्यों हमारे प्रदेश में आज भी एक अभिशाप हैं?

2020 पूरे विश्व के लिए ख़राब रहा हैं, काफी देशों ने बहुत कुछ खोया उसमें से एक हमारा भारत भी हैं, जहाँ लोग सामान्य जीवन का आज भी इंतज़ार कर रहे है कि कब उनकी ज़िंदगी फिर से पटरी पे लौटेगी। जब मार्च 2020 में संपूर्ण lockdown हुआ तो किसी ने नहीं सोचा था कि हालात ऐसे हो जाएंगे कि सरकारी नौकरियां छोड़ के लोग घरों पे बैठने को मजबूर हो जाएंगे।

एक अनुमान लगाया गया हैं कि मार्च 2020 से अब तक हज़ारों सरकारी नौकरियों से कई आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को और सरकारी कर्मचारियों को निकाल दिया गया हैं, यहीं नहीं कुछ सरकारी संस्थाएं जैसे की सरकारी बैंकों में और अनेक प्रकार के प्रमुख़ संस्थाओं ने कई लोगों को तय वक़्त से पहले VRS (Voluntary Retirement Scheme) या फिर Retirement दे दी गयी हैं, क्योंकि उन कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए पर्याप्त धन नहीं था । पर उन लोगों के बारे में नहीं सोचा गया जिनको तय वक़्त से पहले रिटायरमेंट दे दी गयी। उनका जीवन फिर से वहीं पे आके खड़ा हो गया जहाँ से उन्होंने अपना जीवन शुरू किया था। ऐसे कई परिवार थे जो अपने मातापिता की नौकरी की वजह से खुशहाल जीवन व्यापन कर रहे थे परंतु अब उनका जीवन बहुत मुश्किल से गुज़र रहा हैं।

पुजारी के परिवार ने मुआवजा- सरकारी नौकरी की मांग की

आज भी कई युवाओं की आँखें इस इंतज़ार में हैं कि कब उनको सरकारी नौकरी मिलेगी, अच्छे तरह से परीक्षा पास होने के बाद भी कई नौजवान घरों पे बस इंतज़ार कर रहे हैं, उनको शर्म भी आती हैं और घुटन भी महसूस होती हैं। आज भी इतनी उम्र होने के बाद भी नौजवानों को माँबाप के सामने चंद पैसों के लिए हाथ फैलाना पड़ता हैं। कई युवाओं ने उम्मीद तक छोड़ दी हैं कि उनको सरकारी नौकरियां मिलेगी ही नहीं।

यहीं हाल इसवक्त प्राइवेट नौकरियों का भी हैं यहा भी बेरोजगारी काफी तेज़ी से बढ़ रही हैं। उत्तर प्रदेश में लाखों प्राइवेट संस्थाएं हैं और हर संस्थाओं में तकरीबन 10-100 लोग काम करते हैं पर इस मुश्किल घड़ी में प्राइवेट संस्थाओं में भी काफी लोगों ने नौकरियां खो दी हैं क्योंकि प्राइवेट संस्थाओं के पास मुनाफ़ा दिनदिन काफी कम होता जा रहा हैं। ऐसे में नौकरियों से नौजवानों की छटनी या फिर कंपनी बंद करने के इलावा और कोई दूसरा रास्ता नज़र नहीं आ रहा हैं। इन प्राइवेट कंपनियों को भी हमारी उत्तर प्रदेश की सरकार कोशिश में लगी हैं कि किसी तरह इनको नुकसान से उभारा जाएं। MSME (Ministry pg Micro, Small and Medium Enterprises) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की सरकार हर मुमकिन कोशिश कर रही है प्राइवेट संस्थाएं फिर से पटरी पे लौट सके।

23 करोड़ से ज्यादा की जनसंख्या है हमारे उत्तर प्रदेश की ऐसे में हर उम्र के लोग यहा हमको मिलेंगे, पर सबको एक अच्छा रोज़गार देना सरकार का कर्तव्य हैं। 3 सालों में सरकार इस कदम पे काफी धीरे आगे बढ़ी हैं पर देर से ही सही उत्तर प्रदेश की सरकार अपने वादे पूरे करने में अपना 100 प्रतिशत दे रही हैं और यह कोशिश कर रही है कि हमारे प्रदेश के हर एक नौजवान को सही रोज़गार मिल सके।

इसी कदम को आगे बढ़ाने के लिए हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अयोध्या अंतराष्ट्रीय एअरपोर्ट, नोएडा फ़िल्म सिटी, मेट्रो सेवा,अंतराष्ट्रीय बस अड्डा, लघु सिंचाई योजना, बेरोजगारी भत्ता रोज़गार योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रतेक क्षेत्रो में अनेक कंपनियों का शुभारंभ करके हमारे नौजवानों को रोज़गार देने पे एक अच्छा कदम उठाया हैं। क्योंकि प्रदेश की तरक्की तभी हो सकती हैं जब हमारी युवा शक्ति पूरी तरह से रोज़गार से भरपूर हो। और वो प्रदेश सबसे ताकतवर होता जहाँ रोज़गार भरपूर हो इसी कदम में उत्तर प्रदेश की सरकार कोशिश में लगी हैं कि हमारी युवा शक्ति मज़बूत हो सके।

कैसे उत्तर प्रदेश में रोज़गार हमारे युवाओं को मिल सकता हैं?

रोजगार के हज़ारों अवसर पैदा करना और नई तकनीक लाने की प्रक्रिया के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री की प्रमुख़ भूमिका होती हैं, हर एक नौजवान को सही रोज़गार मिले और उनके युवा शक्ति प्रदेश का नाम रोशन करे। पर अधिक जनसंख्या या फिर भ्रष्टाचार की वज़ह से बेरोज़गारी आज भी उत्तर प्रदेश में नौजवानों को अँधेरे की तरफ घसीट रही हैं। ऐसे में सरकार का प्रमुख़ कर्त्तव्य हैं कि देश के युवाओं को सही रास्ता और रोज़गार मुहैया कराया जाए और तय सीमा में नौकरियों की भर्ति हो।

आज भी ऐसी कई सारी भर्तियां सालों से लंबित हैं, नौकरशाह अपनी मनमानी कर रहे हैं, भ्रष्टाचार की वज़ह से योग्य इंसान को नौकरी ना मिल कर किसी और को दी जा रही हैं और नौकरियों के पदों में कमी होना, इन्हीं सब कारणों की वज़ह से हमारे प्रदेश के नौजवान बेरोज़गार हैं।

ऐसे में उत्तर प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार को ख़त्म करके और रिक्त भर्तियों को जल्द से जल्द भरने का कार्य में तेज़ी करनी चाहिए ताकि हमारे नौजवानों को रोज़गार मिल सके। हर साल लाखों बच्चे अनेक परीक्षाओं में पास होते हैं अगर सरकार उसवक्त सरकारी नौकरी और प्राइवेट नौकरी की नियुक्ति करे तो शायद हर एक बेरोज़गार को रोज़गार दिया जा सकता हैं। क्योंकि कई साल की इंजीनियरिंग करके या फिर MBBS अथवा MBA करके बच्चों को अगर तय वक़्त पे नौकरियां मिलेगी तो वो गलत रास्ते पे जा सकते हैं। उनको सही रास्ता तभी मिलेगा जब परीक्षा पूरी करने के 1 साल के भीतर ही उनको अच्छी नौकरी मिल जाए।

उत्तर प्रदेश की सरकार को प्राइवेट और गवर्नमेंट रजिस्टर्ड कंपनियों को भी खोलना चाहिए ताकि हमारे देश के युवाओं को कहीं और ना जाना पड़े। यह सोच आज भी कहीं न कहीं हमारे नौजवानों के मनन में हैं कि delhi, मुम्बई, बैंगलोर जैसे बड़े शहरों में ही नौकरियां हैं पर हकीकत यह हैं कि उत्तर प्रदेश के नौजवानों को उम्मीद नही हैं कि हमारा प्रदेश भी नौकरियां दे सकता हैं। ऐसे में मनन में विश्वास और एक सकरात्मक सोच की काफी जरुरत हैं। इसलिए अगर उत्तर प्रदेश में अस्पताल, स्कूल, प्राइवेट और सरकारी संस्थाएं, अत्यादि खोली जाए तो हमारे देश के नौजवानों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और रोज़गार के भी मौके उत्पन्न होंगे।

हमारा उत्तर प्रदेश आज भी बहुत खूबसूरत हैं, यहाँ आज भी पवित्र गंगा बहती हैं और हर एक शक्श को तहज़ीब से बुलाया जाता हैं तभी तो यह कहावत मशहूर हैं ज़रा मुस्कुराए ज़नाब आप लखनऊ में हैं परंतु यह मुस्कुराहट तब तक नहीं अच्छी लगेगी जब तक हमारे प्रदेश के नौजवानों को रोज़गार ना मिल जाए। जब तक हर एक नौजवानों के आँखों में सफलता की रोशिनी नहीं जगमगाएगी तब तक प्रदेश सफलता की सीढ़ी को नहीं छू पाएगा।

एक शाइरी के रूप में बेरोज़गार नौजवानों का दर्द समझने की कोशिश करे कि आज भी वो मुस्कुराता हुआ चेहरा इस उम्मीद पे कायम हैं कि हमारी आवाज़ कोई तो सुनेगा, पर ज़नाब यहा तो हर कोई कानों में रुई डाले बैठा हैं, इस सोच में कि यह मेरा काम नहीं हैं

तो मेरा सवाल यहीं हैं प्रदेश की सरकार से कि यह किसका काम हैं अगर एक 20-25 साल के नौजवान को अपने माँबाप से चंद पैसों के लिए हाथ फैलाना पढ़ रहा हैं तो इसमें ग़लती किसकी हैं, अगर कोई नौजवान हज़ारों की लंबी लाइनों में खड़ा हो कर परीक्षा दे रहा है और परीक्षा में पास होने के बाद भी उसको नौकरी नहीं मिल रही है तो इसमें गलती किसकी हैं, अगर भारत का नौजवान आज भी चंद पैसों के लिए गलत रास्ता अपना रहा हैं तो इसमें ग़लती किसकी हैं…. यह वक़्त को दोष देना बंद करना होगा।

उत्तर प्रदेश बहुत प्रतिभाशाली प्रदेश हैं इसमें कोई शक नहीं की प्रदेश के मुख्यमंत्री अपना कर्त्तव्य बखूभी निभा रहे हैं परंतु आज भी देश के किसी कोने में बेरोज़गारी के अंधकार में एक घर रोशनी का इंतज़ार कर रहा हैं, एक माँ इस उम्मीद पे अपने बेटे से पूछ रही हैं कि घर का राशन कब आएगा, कई ऐसे घर है जहाँ दीपावली तक नहीं मनाई गयी थी क्योंकि उनके पास दीया खरीदने तक के पैसे नहीं थे।

हम भी प्रदेश के ज़िम्मेदार नागरिक हैं और हमारा हक़ हैं रोज़गार पाना ताकि हम अपने बुजुर्ग माँबाप की सेवा कर सके। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार और माननीय योगी आदित्यनाथ जी से विनम्र विनती हैं कि शीघ्र ही रोज़गार के अवसर लाये और बेरोज़गारी को हमारे प्रदेश से पूरी तरह दूर करे और हम यह उम्मीद करेंगे कि देश का कोई भी इंसान भूखा ना सोए क्योंकि आज भी कई लोगों को दो वक़्त की रोटी नसीब नहीं होती है ऐसे में दिल पसीज जाता हैं कि सोने की चिड़िया वाला भारत में आज भी कई लोग भूखे सोने पे मजबूर हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार का यह कर्त्तव्य हैं कि वो उन सबकी आवाज़ सुने और जल्द से जल्द रोज़गार के नए अवसर प्रदान करे।

आवाज़ उठाना और वादे करना बहुत आसान हैं, पर उन्हीं वादों के लिए अपना 100 प्रतिशत देना बहुत मुश्किल। इसमें कोई शक नहीं है कि रोजगार उत्पन्न करने के लिए हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री काफी एहम भूमिका निभा रहे है पर यह प्रक्रिया को थोड़ी तेज़ी पकड़नी होगी ताकि 2021 की नई सुबह हमारे उत्तर प्रदेश के लिए खुशहाल जीवन लाए और प्रदेश के नौजवान पूरी तरह रोज़गार से परिपूर्ण हों। क्योंकि जबतक युवाओं का भविष्य उज्जवल नहीं होगा, तब तक यह देश कभी भी बुलंदी नहीं छू पाएगा इसीलिए हमारे देश के बेशकीमती नौजवानों को रोज़गार मिलने का पूरा अधिकार हैं और उत्तर प्रदेश सरकार रोज़गार की प्रक्रिया को पूरी करने की कोशिश भी कर रही हैं।

तो दोस्तों आये साथ मिल कर नया भारत देखे जहाँ हर एक व्यक्ति खुश हों, हर एक घर में भरपूर राशन हो, जहाँ कोई नौजवान बेरोज़गारी के अंधकार में ना जी रहा हो, जहाँ हर एक बेटी सुरक्षित हो, जहाँ भ्रष्टाचार कि वज़ह से किसी को लूटा ना जाए, आओ मिल कर देखें नए उत्तर प्रदेश को जहाँ रोज़गार के संपूर्ण मौके हो, और अपना सुंदर प्रदेश देख लोग कहें कि यह नए ज़माने का उत्तर प्रदेश हैं।

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1 Comment
  1. Arnima says

    Your article is perfect for this time.. Bcoz I heard from most of the people about vacancies… This topic is really interesting.. Hope, now readers would consider abt the work done by UP Gov…