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फर्जी शिक्षको की नियुक्ति करा कर जिम्मेदारों ने जम कर काटी मलाई

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हरदोई जिले का शायद ही कोई ऐसा विभाग हो जिसमें भ्रष्टाचार ब्याप्त न हो इन्ही विभागों में शिक्षा विभाग का नाम सबसे ऊपर आता है और सबसे ताज्जुब की बात यह है कि शायद की कोई ऐसा भ्रष्टाचार का प्रकरण हो जिस पर कार्यवाही हुई हो।कार्यवाही न होने का प्रमुख कारण यह है कि जिम्मेदारों की संलिप्तता है
आज का ताजा प्रकरण फर्जी नियुक्तियों से जुड़ा हुआ है दरअसल उत्तर प्रदेश में पूर्व के वर्षो में सोलह हजार, पन्द्रह हजार,व दस हजार शिक्षको की भर्ती पूरे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई थी।इसी क्रम में हरदोई जिले में भी रिक्त पड़े शिक्षको के पदों भर्ती हुई थी।लेकिन आपको जान कर हैरानी होगी कि हरदोई में ज्यादातर पदों पर शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने अपात्रों से मोटी रकम लेकर फर्जी शिक्षको की तैनाती कर दी थी और पात्र मुह ताकते रह गए थे।सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी मसीहुज्जमा सिद्दकी की इस फर्जीवाड़े में अहम भूमिका रही थी।
आये दिन इस विभाग में ब्याप्त भ्रष्टाचार के कारण यह विभाग हमेशा सुर्खियों में रहा है सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस प्रकरण की पूर्व में शिकायत भी हुई थी और जांच भी हुई जांच के दौरान आधे सैकड़ा से ऊपर शिक्षक फर्जी पाए गए फिर अन्तोगत्वा राजनीतिक दवाब के चलते शिकायत और शिकायतकर्ता को दबा दिया गया।
लेकिन एक बार पुनः इस फर्जीवाड़े की शिकायत दिनांक 08/02/2021 को उच्च स्तरीय अधिकारियों से की गई है।अब देखना यह है कि जो शिकायत उच्च स्तरीय अधिकारियों से की गई है उस पर क्या कार्यवाही की जाती है या पूर्व की भांति इस शिकायत को भी राजनीतिक दवाब के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा यह बड़ा सवाल है।प्राप्त जानकारी के अनुसार दो अलग अलग आरटीआई डाली जा चुकी है शिकायतकर्ता ने बताया कि डाली गई आरटीआई से सारा भ्रष्टाचार जनता के सामने होगा

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