Jan Sandesh Online hindi news website

सांसद साक्षी महाराज नहीं पसीजे एक बेसहारा माँ का दर्द देखकर,वो रहम की भीख मांगती रही मगर सांसद ने नही सुनी बात

0

उन्नाव- जनपद उन्नाव में भाजपा के सांसद साक्षी महाराज अपने बड़बोले बयानों के लिए अक्सर मीडिया की सुर्खियों में छाए रहते हैं उनके बयानों की चर्चा देश के प्रमुख अखबारों और खबरिया चैनलों में होती है अभी हाल ही में असोहा में घटित एक हृदय विदारक घटना में कानपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती बच्ची को देखने उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज पहुंचे थे। जहां पर जनपद उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र के संतोष की पत्नी साधना ने अपनी 16 माह की बेटी के इलाज के लिए सांसद साक्षी महाराज से आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी जोकि कैंसर से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है लेकिन जनपद उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने लाचार अबला नारी की एक न सुनी और उसकी मदद करने के बजाय आगे बढ़ गए हैं एक बेसहारा महिला रोती रही गिड़गिड़ाती रही लेकिन सांसद साक्षी महाराज का दिल नहीं पसीजा। जिसके बाद यह घटना खबरिया चैनलों और अखबारों  की सुर्खियां बन गई।
अगर देखा जाए तो सांसद साक्षी महाराज का नाम देश के बड़े नेताओं में शुमार होता है वह अक्सर अपने बड़बोले बयानों के लिए जाने जाते हैं एवं कई बार विवादित बयानों के लिए चर्चाओं में भी आ चुके हैं लेकिन उनका अपने ही संसदीय क्षेत्र में एक महिला द्वारा अपनी बेटी के इलाज के लिए मांगे गए आर्थिक मदद को दरकिनार करते हुए आगे बढ़ जाना उनकी छवि के अनुरूप नहीं हैं जिले का सांसद जोकि अपनी जनता के लिए कार्य न कर सकता हो उनका दुख दर्द ना समझ सकता हो तो ऐसे जनप्रतिनिधि से जनता क्या आशा करेगी जिंसके बाद उक्त प्रकरण सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ । जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने पीड़ित महिला की 16 माह की बेटी के इलाज के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की है ।आपको बताते चलें कि अल्पसंख्यक एवं राज्य मंत्री मोहसिन रजा जनपद उन्नाव के सफीपुर के रहने वाले हैं और यूपी के अमेठी जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं और पूर्व रणजी खिलाड़ी भी रहे हैं। लेकिन साक्षी महाराज का पीड़ित महिला की बात ना सुनना किसी भी सूरते हाल में सही नहीं है ये वही साक्षी महाराज हैं जो लोकसभा चुनाव के दौरान जनता के विकास की बात करते थे और उनके दुख दर्द में हमेशा खड़े होने की बात कहते थे लेकिन उक्त घटना से यह साबित हो गया है कि ऐसे नेता देश के लिए किसी बोझ से कम नहीं है जो अपने संसदीय क्षेत्र में जनता के सुख दुख में शामिल नहीं हो सकते है ।उनकी मदद नहीं कर सकते है तो ऐसे जनप्रतिनिधि को लेकर जनता क्या उम्मीद करेंगी कि वह उनके दुख दर्द का निवारण करेंगे। जनता को विकास और उनकी समस्याओं को हल करने वाला जनप्रतिनिधि चाहिए ना कि बड़बोले बयानों से सुर्खियों में रहने वाला जनप्रतिनिधि ।अब उन्नाव की जनता को तय करना है कि वह कैसे जनप्रतिनिधि को चुनती है लेकिन उन्नाव सांसद द्वारा पीड़ित महिला की बात ना सुनना मदद ना करना साबित करता है कि उन्नाव सांसद साक्षी महाराज जनता का विकास करेंगे तो वह बेईमानी होगीजनपद उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र के संतोष की पत्नी साधना ने अपनी 16 माह की बेटी के इलाज के लिए सांसद साक्षी महाराज से आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी जोकि कैंसर से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है लेकिन जनपद उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने लाचार अबला नारी की एक न सुनी और उसकी मदद करने के बजाय आगे बढ़ गए हैं एक बेसहारा महिला रोती रही गिड़गिड़ाती रही लेकिन सांसद साक्षी महाराज का दिल नहीं पसीजा। जिसके बाद यह घटना खबरिया चैनलों और अखबारों  की सुर्खियां बन गई।
अगर देखा जाए तो सांसद साक्षी महाराज का नाम देश के बड़े नेताओं में शुमार होता है वह अक्सर अपने बड़बोले बयानों के लिए जाने जाते हैं एवं कई बार विवादित बयानों के लिए चर्चाओं में भी आ चुके हैं लेकिन उनका अपने ही संसदीय क्षेत्र में एक महिला द्वारा अपनी बेटी के इलाज के लिए मांगे गए आर्थिक मदद को दरकिनार करते हुए आगे बढ़ जाना उनकी छवि के अनुरूप नहीं हैं जिले का सांसद जोकि अपनी जनता के लिए कार्य न कर सकता हो उनका दुख दर्द ना समझ सकता हो तो ऐसे जनप्रतिनिधि से जनता क्या आशा करेगी जिंसके बाद उक्त प्रकरण सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ । जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने पीड़ित महिला की 16 माह की बेटी के इलाज के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की है ।आपको बताते चलें कि अल्पसंख्यक एवं राज्य मंत्री मोहसिन रजा जनपद उन्नाव के सफीपुर के रहने वाले हैं और यूपी के अमेठी जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं और पूर्व रणजी खिलाड़ी भी रहे हैं। लेकिन साक्षी महाराज का पीड़ित महिला की बात ना सुनना किसी भी सूरते हाल में सही नहीं है ये वही साक्षी महाराज हैं जो लोकसभा चुनाव के दौरान जनता के विकास की बात करते थे और उनके दुख दर्द में हमेशा खड़े होने की बात कहते थे लेकिन उक्त घटना से यह साबित हो गया है कि ऐसे नेता देश के लिए किसी बोझ से कम नहीं है जो अपने संसदीय क्षेत्र में जनता के सुख दुख में शामिल नहीं हो सकते है ।उनकी मदद नहीं कर सकते है तो ऐसे जनप्रतिनिधि को लेकर जनता क्या उम्मीद करेंगी कि वह उनके दुख दर्द का निवारण करेंगे। जनता को विकास और उनकी समस्याओं को हल करने वाला जनप्रतिनिधि चाहिए ना कि बड़बोले बयानों से सुर्खियों में रहने वाला जनप्रतिनिधि ।अब उन्नाव की जनता को तय करना है कि वह कैसे जनप्रतिनिधि को चुनती है लेकिन उन्नाव सांसद द्वारा पीड़ित महिला की बात ना सुनना मदद ना करना साबित करता है कि उन्नाव सांसद साक्षी महाराज जनता का विकास करेंगे तो वह बेईमानी होगी।

और पढ़ें
1 of 511
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह [email protected] पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Comment section

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.