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12,000 रुपये तक सस्ता हुआ है सोना, इसमें अब निवेश फायदे का सौदा 10 माह में

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नई दिल्ली। कोरोना के बुरे दौर में काम आई पीली धातु सोने के भाव में पिछले 10 महीनों में 12,000 रुपये से अधिक की गिरावट आ चुकी है। गुरुवार को राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने का मूल्य 217 रुपये कम होकर 44,372 रुपये प्रति 10 ग्राम का रह गया। पिछले वर्ष अगस्त में इसकी कीमत 56,590 रुपये के स्तर तक पहुंच गई थी। यह सोने का अब तक का सबसे उच्च स्तर था।

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पिछले कुछ समय से कीमत में लगातार हो रही गिरावट से निवेशक दुविधा में हैं। ऐसे में वे इसमें निवेश करने या बने रहने की रणनीति को लेकर उलझन में हैं। यह सही है कि अतीत में कई अन्य उपकरणों के मुकाबले सोने में निवेश से आकर्षक रिटर्न मिला है। लेकिन अब निवेशकों के समक्ष स्थिर आय के कई नए विकल्प और उपकरण आ गए हैं, जिसका असर सोने के भाव पर दिख रहा है।

क्यों हो रही गिरावट

जानकारों का कहना है कि टीकाकरण की प्रगति से निवेशक अधिक रिटर्न व जोखिम वाले स्थान, मसलन शेयर बाजार, बांड मार्केट की ओर मुड़ रहे हैं। इससे स्वर्ण बाजार में सुस्ती देखने को मिल रही है। हाल में बांड मार्केट में आए अचानक उछाल से निवेशक बांड्स की ओर भी रुख करने लगे हैं। अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूत हो रही स्थिति से भी भारत में स्वर्ण कारोबार प्रभावित हुआ है।

क्या करें निवेशक

मौजूदा दौर में स्वर्ण में अपेक्षाकृत कम रिटर्न के बावजूद लंबे समय के लिहाज से निवेश का यह विश्वसनीय क्षेत्र बना हुआ है। सिक्युरिटीज की तुलना में सोने का निवेश कम जोखिम वाला होता है। वर्तमान में स्थिति बहुत आकर्षक नहीं होने के बावजूद सोने ने हाल के वर्षो में शानदार रिटर्न दिया है। पिछले वर्ष इसने निवेशकों को 28 फीसद का रिटर्न दिया। इसके पिछले साल इससे मिला रिटर्न करीब 25 फीसद था।

पिछले कुछ समय से कीमत में लगातार हो रही गिरावट से निवेशक दुविधा में हैं। ऐसे में वे इसमें निवेश करने या बने रहने की रणनीति को लेकर उलझन में हैं। यह सही है कि अतीत में कई अन्य उपकरणों के मुकाबले सोने में निवेश से आकर्षक रिटर्न मिला है। लेकिन अब निवेशकों के समक्ष स्थिर आय के कई नए विकल्प और उपकरण आ गए हैं, जिसका असर सोने के भाव पर दिख रहा है।

क्यों हो रही गिरावट

जानकारों का कहना है कि टीकाकरण की प्रगति से निवेशक अधिक रिटर्न व जोखिम वाले स्थान, मसलन शेयर बाजार, बांड मार्केट की ओर मुड़ रहे हैं। इससे स्वर्ण बाजार में सुस्ती देखने को मिल रही है। हाल में बांड मार्केट में आए अचानक उछाल से निवेशक बांड्स की ओर भी रुख करने लगे हैं। अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूत हो रही स्थिति से भी भारत में स्वर्ण कारोबार प्रभावित हुआ है।

क्या करें निवेशक

मौजूदा दौर में स्वर्ण में अपेक्षाकृत कम रिटर्न के बावजूद लंबे समय के लिहाज से निवेश का यह विश्वसनीय क्षेत्र बना हुआ है। सिक्युरिटीज की तुलना में सोने का निवेश कम जोखिम वाला होता है। वर्तमान में स्थिति बहुत आकर्षक नहीं होने के बावजूद सोने ने हाल के वर्षो में शानदार रिटर्न दिया है। पिछले वर्ष इसने निवेशकों को 28 फीसद का रिटर्न दिया। इसके पिछले साल इससे मिला रिटर्न करीब 25 फीसद था।

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