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मुख्यमंत्री की पहल पर गोरखपुर में शीघ्र ही प्लास्टिक पार्क की स्थापना होगी: केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी व केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री श्री डी0वी0 सदानंद गौड़ा ने जनपद गोरखपुर में लगभग 8,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लि0 (एच0यू0आर0एल0) कारखाने के विकास कार्यों का आज भौतिक निरीक्षण किया तथा कार्य प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि निर्माण कार्य तेजी से प्रारम्भ हुआ है। जब विगत एक वर्ष से पूरी दुनिया कोविड-19 से त्रस्त रही, उसके बावजूद निर्माण कार्य की प्रगति संतोषजनक है और विश्वास है कि निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो जायेगा। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का प्रस्तुतीकरण भी देखा तथा 28 करोड़ रुपये की लागत से बने रबर चेक डैम का भी निरीक्षण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आभारी हैं, जिन्होंने 26 वर्ष पूर्व बन्द हो चुके खाद कारखाने का वर्ष 2016 में शिलान्यास कर आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार किया है। इस कारखाने से किसानों को जहां उर्वरक उपलब्ध होगा, वहीं नौजवानों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि सन् 1967-68 में गोरखपुर में जापान की कम्पनी टोयो द्वारा उर्वरक संयंत्र का निर्माण किया गया था और आज पुनः यह कम्पनी एच0यू0आर0एल0 बना रही है। प्रधानमंत्री जी द्वारा दिये गये लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। उन्होंने केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री द्वारा निरन्तर उर्वरक कारखाने के निर्माण की प्रगति की समीक्षा किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के किसानों को कोरोना काल में भी उर्वरक सहित कृषि सम्बन्धी अन्य सामग्री प्राप्त करने में कहीं कोई परेशानी नहीं हुई। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में खेती किसानी में कहीं कोई दिक्कत नही आ सकी। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन स्तर पर तय किया गया है कि केन्द्र द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में कहीं बाधा नहीं आनी चाहिए। राज्य सरकार जन सहयोग हेतु निरन्तर तत्पर है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर के लिए एच0यू0आर0एल0 एक उपलब्धि है। वर्ष 1990 में खाद कारखाना बन्द हुआ था। प्रधानमंत्री जी द्वारा वर्ष 2016 में एच0यू0आर0एल0 उर्वरक संयंत्र का शिलान्यास किया गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शीघ्र ही इस कारखाने का निर्माण कार्य पूर्ण हो जायेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘हर घर नल’ योजना के माध्यम से शुद्ध पेयजल सभी को उपलब्ध होगा। यह क्षेत्र इंसेफ्लाइटिस से ग्रसित रहा है। वर्ष 2017 के बाद राज्य स्तर पर अन्तर्विभागीय समन्वय बनाकर उपचार व्यवस्था सुदृढ़ बनाकर, खुले में शौच की रोकथाम, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति आदि प्रयासों के माध्यम से आज बीमारी पर 75 प्रतिशत तथा मृत्यु दर पर 95 प्रतिशत रोक लगाने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की चुनौती के बावजूद निर्माण कार्य प्रगति अच्छी है। सकारात्मक सोच के साथ कार्य को आगे बढ़ाया जाये तो निश्चित रूप से उसके बेहतर परिणाम आते हैं। शीघ्र ही एच0यू0आर0एल0 कारखाने का प्रधानमंत्री जी द्वारा लोकार्पण किया जायेगा। एम्स का निर्माण कार्य भी अन्तिम चरण में चल रहा है। गोरखपुर विकास की नई ऊंचाई प्राप्त कर रहा है।
इस अवसर पर केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री श्री डी0वी0 सदानंद गौड़ा ने कहा कि गोरखपुर का खाद कारखाना लक्षित जुलाई माह के अन्त की बजाय आगामी 30 जून से क्रियाशील हो जाएगा। विगत एक साल की अवधि वैश्विक महामारी कोरोना से प्रभावित रहने के बावजूद कार्य समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सका तो इसका श्रेय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य सरकार को है। इस खाद कारखाने का 98 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। गोरखपुर में खाद कारखाने को स्थापित करने की पहल सांसद के रूप में योगी आदित्यनाथ जी ने की। आज उनका सपना पूरा होने जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री जी की इस बात की सराहना की कि मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने  के पहले दिन से ही उन्होंने खाद कारखाने से जुड़ी हर मांग स्वीकार कर कार्य को आगे बढ़ाया।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हमें पहले 80 से 90 लाख मीट्रिक टन खाद का आयात करना पड़ता था। प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भरता के विजन के अनुरूप आयात पर निर्भरता समाप्त करने के उद्देश्य से गोरखपुर समेत पांच स्थानों पर नए उवर्रक प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन खाद कारखानों से 62 लाख मीट्रिक टन खाद का उत्पादन सुनिश्चित होगा। गोरखपुर का खाद कारखाना शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश तथा बिहार के किसानों को समय से और उचित मूल्य पर यूरिया खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता से कोविड काल के बावजूद खाद की बिक्री में 60 फीसदी का इजाफा हुआ। किसानों का हित सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इसी क्रम में ऐसी व्यवस्था बनायी जा रही है कि खाद सब्सिडी की शत-प्रतिशत धनराशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचे।
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की पहल पर गोरखपुर में शीघ्र ही प्लास्टिक पार्क की स्थापना होगी। इससे बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक पार्क के लिए राज्य सरकार ने 52 एकड़ भूमि की व्यवस्था कर दी है। आगामी अप्रैल माह के अंत तक इसके लिए डी0पी0आर0 तैयार हो जाएगी। इसके अलावा यूपी के अयोध्या व वाराणसी में दो सीपेट केंद्रों का वर्चुअल शुभारंभ प्रधानमंत्री जी द्वारा एक माह के अंदर किया जाएगा।
तकरीबन साढ़े छह साल बाद गोरखपुर आए केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री श्री डी0वी0 सदानंद गौड़ा ने गोरखपुर के विकास को देख मुख्यमंत्री जी की तारीफ करते हुए कहा कि आज गोरखपुर पहुंचने पर यहां हुए असाधारण विकास को देख उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है कि यह वही गोरखपुर है जहां वह छह साल पहले आए थे। प्रधानमंत्री जी के विजन पर चलते हुए मुख्यमंत्री के रूप में योगी जी ने चार साल के अल्प समय में आश्चर्यजनक विकास कार्य किए हैं।
इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी एवं रसायन और उर्वरक मंत्री ने फर्टिलाइजर कारखाने एवं टोयो कम्पनी के अधिकारियांे के साथ बैठक करते हुए निर्माण कार्याें की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाये तथा सभी कार्य समयबद्धता एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से आगे बढ़ाये जायें। राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का पूरा सहयोग है। एच0यू0आर0एल0 के अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि मैन पावर को बढ़ाकर सभी कार्य एक साथ पूरे कराये जायें। कोविड-19 में एच0यू0आर0एल0 के कार्य की प्रगति अच्छी है। यह एच0यू0आर0एल0 की एक उपलब्धि है। कार्यों की प्रगति की प्रतिदिन मॉनीटरिंग भी की जाये। इस अवसर पर रसायन और उर्वरक मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। सभी कार्यों को समय से पूर्ण कराया जायेगा।
इस अवसर पर राज्य सभा सांसद श्री जय प्रकाश निषाद, श्री शिव प्रताप शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

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