Jan Sandesh Online hindi news website

आरोपों के हर पहलू पर सबूतों की रोशनी दिल्ली पुलिस ने डाली

0

नई दिल्ली । बाटला हाउस मुठभेड़ के बाद सवालों के घेरे में आई दिल्ली पुलिस को बचाव पक्ष ने अदालत में भी घेरने की कोशिश की। दोषी आरिज को बेगुनाह साबित करने के लिए दलीलें भी पेश कीं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने आरोपों के हर पहलू पर सबूतों की ऐसी रोशनी डाली की अदालत के पास आरिज को दोषी ठहराने में कोई संदेह ही नहीं रहा। पुलिस ने इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या से लेकर दोषी आरिज की पहचान से जुड़े हर सबूत को पेश किया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल ने पूरे मामले में चश्मदीदों के साथ ऐसे वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए कि बचाव पक्ष न तो उस पर सवाल उठा सका और न ही कोई दलील पेश कर सका।हत्या को किया साबितदोषी आरिज की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता एमएस खान ने सवाल उठाया कि यह स्पष्ट नहीं है कि इंस्पेक्टर शर्मा को कौन सी गोली लगी है। इसके जवाब में पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश कर साबित किया कि आरिज व उसके साथियों द्वारा चलाई गोलियों से इसमें इंस्पेक्टर शर्मा की मौत हुई, जबकि बलवंत गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

और पढ़ें
1 of 1,141

नहीं उठा सके गवाहों पर सवाल

मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों द्वारा अदालत में दिए गए बयान पर बचाव पक्ष सवाल नहीं उठा सका। सभी पुलिसकर्मियों से जिरह के दौरान बचाव पक्ष ने क्रास-एक्जामिन किया। लंबी जिरह के बावजूद गवाह सबसे भरोसेमंद व विश्वसनीय साबित हुए।आवाज के नमूने से हुई घटनास्थल पर मौजूदगी तयदिल्ली पुलिस ने आरिज की मौजूदगी को वैज्ञानिक साक्ष्य पेश करके साबित किया। दिल्ली पुलिस ने अदालत में उसकी आवाज के नमूने की जांच रिपोर्ट पेश की। इसमें यह पता चला कि घटना के दौरान आतंकी आतिफ अमीन के मोबाइल नंबर- 9811004309 से दोषी आरिज ने फोन किया था और इससे उसके घटनास्थल पर होने की पुष्टि होती है। इसके अलावा गिरफ्तार किए गए मोहम्मद सैफ ने भी आरिज के घटनास्थल पर होने की पुष्टि की थी। इतना ही नहीं अतिरिक्त लोक अभियोजक ने भी दलील दी कि मौके से बरामद गोली के खोखे आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों से मेल खाते हैं।

घटनास्थल से मिली तस्वीरें, शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी किए गए पेश

इतना ही नहीं पुलिस ने घटनास्थल से दोषी आरिज की तस्वीरें, उसके शैक्षणिक प्रमाण पत्र बरामद किए थे। अदालत ने कहा कि अगर बचाव पक्ष की दलील है कि यह गलत तरीके से पुलिस ने पेश किए हैं, तो बचाव पक्ष को बताना होगा कि पुलिस को ये कहां से मिले।इंस्पेक्टर शर्मा के कपड़े के सुराख से मेल खाते हैं घाव इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा को लगी गोली से बने घाव उनके कपड़े पर हुए सुराख से मेल खाते हैं। गिरे आंसू उनके घाव को दर्शाते हैं।

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह [email protected] पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Comment section

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.