Jan Sandesh Online hindi news website

2020 मार्च में पूरी हो गई थी अंतिम बहस, बाटला हाउस कोरोना ने न्याय को किया एक साल दूर

0
नई दिल्ली। न्याय मिलने में अक्सर देरी लंबी और पेचिदा कानूनी कार्यवाही की वजह से होती है। बहुचर्चित बाटला हाउस एनकांउटर में भी पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हुई, लेकिन इस बाद दलीलें नहीं, कोरोना महामारी देरी की वजह बनी। हाई कोर्ट ने इस मामले के निपटान के लिए समय सीमा तय कर रखी थी, लेकिन कोरोना के चलते लगे लाकडाउन ने न्याय को एक साल के लिए दूर कर दिया। इस मामले में पिछले साल मार्च में लगभग 90 फीसद अंतिम बहस हो चुकी थी और अगली तीन से चार तारीखों में फैसला आना तय था। लेकिन महामारी में बंद हुए न्याय के मंदिरों में सभी मामले अटक गए। अब इस साल जब फिर से अदालतें खुली तो सिर्फ पांच तारीखों में ही फैसला आ गया।
और पढ़ें
1 of 3,292
पिछले साल अंतिम बहस के दौरान पुलिस की तरफ से अदालत को बताया गया कि एनकाउंटर की प्रक्रिया को समझाने के लिए एक एनीमेशन फिल्म बनवाई गई है। अगर अदालत की अनुमति हो तो इस फिल्म को दिखाया जा सकता है। इस पर अदालत ने एनीमेशन फिल्म दिखाने का आदेश दिया और 16 मार्च को साकेत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव की अदालत में एनीमेशन फिल्म दिखाई है। इसके बाद अदालत ने 18 मार्च 2020 के लिए सुनवाई तय की और कहा कि उसी दिन इस केस की अंतिम बहस का आखिरी हिस्सा सुना जाएगा। 18 मार्च को जब अदालत लगी तो उस दिन केस नहीं सुना जा सका, क्योंकि कोरोना महामारी के कारण हाई कोर्ट ने सभी गैर जरूरी मामलों में सुनवाई टालने को कहा था। इसके बाद से इस केस की सुनवाई भी बंद हो गई। अब इस साल जब अदालतें धीरे-धीरे अपनी पुरानी प्रक्रिया में लौटने लगी तो 27 जनवरी 2021 को पहली सुनवाई हुई। इसके बाद चार तारीखें लगी और आठ मार्च को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपित आारिज खान को दोषी करार दिया। इस केस में सबसे पहली सुनवाई 4 जून 2018 को हुई थी और हाई कोर्ट के आदेशों के अनुसार इसका तय समय सीमा में निपटान किया जाना था।
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Comment section

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.