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गेहूँ के मूल्य का भुगतान पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जायेगा

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उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2021-22 में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत किसानांे से सीधे गेहूँ की खरीद 01 अपै्रल, 2021 से की जाएगी। इस वर्ष गेहूँू का समर्थन मूल्य 1975 रूपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। गेहूँ की बिक्री हेतु किसानों को खाद्य तथा रसद विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। 01 मार्च, 2021 से किसानों का पंजीकरण प्रारम्भ हो गया है। किसान स्वयं अथवा साइबर कैफे व जन-सुविधा केन्द्र के माध्यम से पंजीकरण करा सकते है।
यह जानकारी प्रदेश के खाद्य आयुक्त श्री मनीष चैहान ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए इस वर्ष आॅनलाईन टोकन की व्यवस्था की गयी है, जिसके अन्तर्गत किसान अपनी सुविधा के अनुसार गेहूँ क्रय केन्द्र पर गेहूँ की बिक्री हेतु टोकन स्वयं प्राप्त कर सकेगें। उन्होंने बताया कि क्रय केन्द्रों की रिमोट सेसिंग एप्लीकेशन सेंटर के माध्यम से जियो टैगिंग की जा रही है जिसके माध्यम से किसानों को क्रय केन्द्र की लोकेशन व पते की जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी।
खाद्य आयुक्त ने बताया कि पारदर्शी खरीद के उद्देश्य से इस वर्ष गेहूँ की खरीद इलेक्ट्राॅनिक प्वांइट आॅफ परचेज (म.चवच) के माध्यम से की जायेगी। इसकेे अन्तर्गत किसानों का अगूँठा लगाकर आधार प्रमाणीकरण कराते हुए खरीद की जायेगी। किसानों की सुविधा के लिए इस वर्ष नामिनी की भी व्यवस्था की गयी है। यदि कोई किसान क्रय केन्द्र पर स्वयं आने में असमर्थ है तो वह अपने परिवार के सदस्य को नामित कर सकता है। नामित सदस्य का उल्लेख पंजीकरण प्रपत्र में किया जाना होगा। इस नामित सदस्य का भी आधार प्रमाणीकरण कराया जायेगा।
श्री चैहान ने बताया कि कृषक का गेहूँ यदि केन्द्र प्रभारी द्वारा अस्वीकृत कर दिया जाता है तो कृषक तहसील स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष अपील कर सकता है। उन्होंने बताया कि 100 कुन्तल से अधिक गेहूँ की मात्रा होने पर, चकबन्दी अन्तर्गत गाँव तथा बटाईदारों का सत्यापन उपजिलाधिकारी द्वारा किया जायेगा। यदि किसान द्वारा सीलिंग एक्ट द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक भूमि पर गेहूँ की उपज की बिक्री हेतु पंजीकरण किया जाता है तो इसका सत्यापन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।
खाद्य आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष खाद्य विभाग व अन्य क्रय एजेंसियों कुल 6000 क्रय केन्द्र प्रस्तावित है, जिसमें खाद्य विभाग के विपणन शाखा के 1100, उत्तर प्रदेश के राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के 300, उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य आवश्यक वस्तु निगम (एस0एफ0सी0), के 200, उत्तर प्रदेश सहकारी संद्य (पी0सी0एफ0), के 3500, उत्तर प्रदेश को-आॅपरेटिव यूनियन (यू0पी0पी0सी0यू0), के 500, उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ (यू0पी0एस0एस0) के 250 एवं भारतीय खाद्य निगम के 150 क्रय केन्द्र स्थापित होने है।
गेहूँ के मूल्य का भुगतान पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में प्रेषित किया जायेगा। गेहूँ क्रय की अवधि सम्पूर्ण प्रदेश में 01 अपै्रल, 2021 से 15 जून, 2021 तक है। क्रय केन्द्र प्रातः 09ः00 से सायं 06ः00 बजे तक संचालित रहेगें।

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