Jan Sandesh Online hindi news website

स्मोकिंग की आदत उम्र से पहले बूढ़ा कर रही है, कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के साथ ही

0

स्मोकिंग की बुरी लत आपको कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का शिकार बना सकती है। शरीर के लिए बाकी तरह से तो नुकसानदायक है ही लेकिन उससे भी ज्यादा गौर करने वाली बात है कि रोजाना सिगरेट के सेवन से असमय बुढ़ापे का असर दिखने लगता है। एक स्टडी के मुताबिक, स्मोकिंग की आदत व्यक्ति को 20 साल जल्दी बूढ़ा कर देती है। मतलब स्मोकिंग करने वाले युवक/युवती की उम्र 20 साल है तो उसकी क्रानलॉजिकल एज किसी 40 साल के शख्स की तरह हो सकती है।

और पढ़ें
1 of 153

स्टडी में आई ये बात सामने?

साइंटिफिक रिपोर्ट में जारी हुई स्ट़डी के मुताबिक, स्मोकिंग से होने वाले नुकसान को लेकर 149,000 अडल्ट्स का ब्लड टेस्ट किया गया।

सामने आया कि स्मोकिंग करने वाले युवाओं की क्रानलॉजिकल उम्र उनके एज में डबल वाले नॉन स्मोकर्स लोगों के बराबर है।

वहीं स्मोकिंग न करने वालों की क्रानलॉजिकल एज उनके जन्म के समय के मुताबिक एकदम सही पाई गई।

स्टडी में 10 में से 7 ऐसे स्मोकर्स जिनकी उम्र 30 से कम थी उनकी क्रॉनलॉजिकल एज 31 से 40 या 41 से 50 के बीच पाई गई। वहीं 62 परसेंट नॉन स्मोकर्स की उम्र सटीक पाई गई।

स्टडी में शामिल कुल लोगों में से 49,000 लोग स्मोकर्स थे, और उनकी एवरेज एज 53 पाई गई, जो चिंता का विषय है।

खतरनाक है ये आदत

स्टडी से साफ-साफ पता चलता है कि स्मोकिंग की आदत से अब तक जितने नुकसान की बात की जाती थी, सच्चाई उससे ज्यादा खतरनाक है।

स्मोकिंग न सिर्फ बायलॉजिकल बल्कि क्रानलॉजिकल एज पर भी असर डालती है, जो खतरनाक है।

स्टडी ऑथर पोलिना मौमोशिना ने कहा कि स्मोकिंग लोगों की हेल्थ को तबाह करने और उम्र से पहले मौत की बड़ी वजह है।

बॉडी पाटर्स पर असर

– मूड स्विंग की शिकायत बढ़ जाती है।

– एंग्जाइटी और चिड़चिड़ापन आता है।

– फीमेल को अर्ली मेनोपाज का खतरा होता है।

– आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है।

– सेंस, स्मेल और टेस्ट प्रभावित होता है।

– लंग कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है।

– हार्ट डिसीज भी होने की संभावना बनी रहती है।

– 10 में 8 सीओपीडी केस स्मोकिंग के होते हैं।

– स्मोकिंग कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ाती है।

– इम्यून सिस्टम पर भी असर डालती है।

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह [email protected] पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Comment section

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.