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यूपी में जमीन और फ्लैट को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है योगी सरकार

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योगी सरकार हाईटेक टाउनशिप योजना में जमीन या फ्लैट लेने वालों की सुविधा के लिए परियोजनाओं को पूरा करने की अनुमति देने जा रही है। हाईटेक टाउनशिप योजना को तय समय में पूरा करना होगा। योजना के बीच में आने वाली ग्राम समाज की आरक्षित श्रेणी की जमीनों को लिया जा सकेगा। इसके लिए राजस्व संहिता में दी गई व्यवस्था का पालन करना होगा। इस संबंध में जल्द ही कैबिनेट से प्रस्ताव पास कराने की तैयारी है।

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यूपी में लोगों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए हाईटेक टाउनशिप योजना शुरू हुई थी। इस योजना में कुल 13 बिल्डरों ने लाइसेंस लिया, लेकिन छह काम ही नहीं शुरू कर पाए। सात बिल्डरों ने काम तो शुरू किया, लेकिन वे शर्तों के मुताबिक जमीन की व्यवस्था नहीं कर पाए। हाईटेक टाउनशिप योजना में बिल्डरों ने बुकिंग के माध्यम से पैसे तो जुट लिए, पर सभी को जमीन और फ्लैट नहीं दे पाए हैं। इससे आवंटी परेशान घूम रहे हैं।

योगी सरकार इसीलिए हाईटेक टाउनशिप योजना को फिर से पूरा करने की अनुमति देने जा रही है। यह अनुमति शर्तों के आधार पर दी जाएगी। क्रियाशील हाईटेक टाउनशिन परियोजनाओं के आकार को संबंधित विकास प्राधिकरण के स्तर पर परीक्षण कराते हुए टाउनशिप के लिए अनिवार्य 1500 एकड़ जमीन की सीमा को कम करने पर विचार किया जाएगा। इसके लिए बिल्डर को संशोधित नीति आने के बाद तीन माह के अंदर संशोधित डीपीआर संबंधित विकास प्राधिकरणों में जमा करना होगा।

हाईटेक टाउनशिप योजना में बिल्डरों को पांच साल का समय और दिया जाएगा। परियोजना की भूलभूत भौतिक एवं सामाजिक अवस्थापना सुविधाओं के विकास से युक्त क्षेत्र को विकसित या अविसित रूप से परिभाषित किया जाएगा। परियोजना का प्रत्येक चरण भौतिक व सामाजिक अवस्थापना सुविधाओं के प्रावधान की दृष्ट से ‘सेल्फ कंटेंड’ होगा। प्रत्येक चरण का डिटेल ले-आउट प्लान तभी स्वीकृत किया जाएगा, जब मूलभूत सुविधाओं और विशेषकर बिजलीघर और एसटीपी का प्रस्ताव बिल्डर के स्वामित्व वाली जमीन पर होगा।

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