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प्रदेश में 1535 थानों, 350 तहसीलों में महिला सुरक्षा हेतु महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गयी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां वीरांगना रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

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इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तीन महान वीरांगनाआंे-रानी अवंती बाई, रानी ऊदा देवी तथा रानी झलकारी बाई ने देश की स्वाधीनता के आन्दोलन में अपने आपको बलिदान कर दिया था। इनके नाम पर वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश में तीन महिला पी0ए0सी0 बटालियन की घोषणा की थी, जो आज लागू हो रही है। इसके अन्तर्गत बदायूं की महिला पी0ए0सी0 बटालियन का नामकरण ‘वीरांगना अवंती बाई महिला बटालियन’, लखनऊ की महिला पी0ए0सी0 बटालियन का नामकरण ‘वीरांगना ऊदा देवी महिला बटालियन’ तथा गोरखपुर की महिला पी0ए0सी0 बटालियन का नामकरण ‘वीरांगना झलकारी बाई महिला बटालियन’ किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन वीरांगनाओं का बलिदान हम सबको देश की अखण्डता और एकता को अक्षुण्ण बनाये रखने की प्रेरणा देता है। इन वीरागंनाओं से प्रेरित होकर प्रदेश सरकार ने मातृ शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन का एक विशेष कार्यक्रम मिशन शक्ति के रूप मंे प्रारम्भ किया है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश के प्रथम स्वातंत्र्य समर में इस देश को फिरंगियों की गुलामी से मुक्त करने के लिए देश में अलग-अलग स्थानों पर जो क्रांति की ज्वाला जली थी, उसमें बुन्देलखण्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, रामगढ़ में रानी अवंती बाई ने इस पूरे स्वातंत्र्य समर को नेतृत्व प्रदान किया और सन 1857 में इन्होंने विजयश्री भी प्राप्त की। जब देश के अनेक राजा अपनी सत्ता और राज्य को बचाने के लिए अंग्रेजी हुकूमत की अधीनता स्वीकार कर रहे थे, तब रानी लक्ष्मीबाई और रानी अवंती बाई ने अंग्रेजों की दासता को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया और अंतिम समय तक मातृभूमि व देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए लड़ती रहीं। मातृ शक्ति को प्रेरित करने वाली इन वीरागंनाओं का त्याग और बलिदान मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रत्येक भारतवासी को प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश पुलिस में 20 फीसदी महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य किया है। वहीं यह भी सुनिश्चित किया है कि नारी गरिमा और सम्मान की रक्षा हर हाल में हो। इसके लिए अनेक कार्यक्रम संचालित हैं। प्रदेश में 1535 थानों, 350 तहसीलों में महिला सुरक्षा हेतु महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गयी है। महिलाओं से सम्बन्धित साइबर अपराध के लिए प्रत्येक कमिश्नरी स्तर पर साइबर सेल की स्थापना की गयी है। प्रत्येक रेंज स्तर पर यह व्यवस्था बनायी गयी है कि महिलाओं के लिए परामर्श केन्द्र से सम्बन्धित एक रिर्पाेटिंग चौकी की स्थापना हो।

इस अवसर पर विधायी एवं न्याय मंत्री श्री बृजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह, विधान परिषद सदस्य श्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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