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शनिवार को घरों की लाइट्स आफ करके दें दुनिया का साथ, लाखों लोगों से की अपील BSES ने दिल्ली के

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नई दिल्ली। बीएसईएस ने दक्षिण, पश्चिम, मध्य और पूर्वी दिल्ली में रहने वाले अपने 45 लाख उपभोक्ताओं से अपील है कि वे आगामी 27 मार्च, शनिवार को, दुनियाभर में मनाए जा रहे अर्थ आवर में शामिल हों, और रात 8.30 से 9.30 बजे के बीच स्वेच्छा से अपने घरों व कार्यस्थलों की गैरजरूरी लाइट्स व बिजली उपकरण बंद रखें।

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बीएसईएस खुद भी दिल्ली में 950 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले अपने 400 से अधिक ऑफिसों में अर्थ आवर के दौरान गैर जरूरी लाइट्स को ऑफ रखेगी। बात सिर्फ एक घंटे तक बिजली बंद रखने की नहीं है, बल्कि इससे कहीं आगे की सोच रखने का मामला है। हममें से हर किसी के पास बदलाव लाने की क्षमता है। हमें वह लक्ष्य पाने की दिशा में काम करना चाहिए, जिस दिन अर्थ आवर की जरूरत ही न पड़े।

कोविड जैसी महामारियों और चैंकाने वाले जलवायु परिवर्तन ने धरती मां के लिए संकट को और बढ़ा दिया है। अचानक से बदलने वाला मौसम, तापमान, अप्रत्याशित बारिश और बेमौसम के आंधी-तूफान, आदि इसी संकट की ओर इशारा करते हैं। ऐसे में, जरूरी है कि हम अपव्ययी आदतों को छोड़कर ऐसी जीवनशैली अपनाएं, जो धरती के अनुकूल हो। अर्थ आवर इसी दिशा में एक कदम है।

अर्थ आवर के तहत दुनियाभर के लोगों से अपील की जाती है कि वे जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए, अपने घरों और कार्यस्थलों पर गैरजरूरी लाइट्स और बिजली चालित उपकरणों को तय समय के दौरान बंद रखें। पर्यावरण के प्रति जागरूक काॅरपोरेट नागरिक के नाते बीएसईएस ने अपने उपभोक्ताओं से पेपर बिल्स की जगह, ई-बिल्स अपनाने की अपील की है। साथ ही, सौर ऊर्जा का विकल्प चुनने की सलाह भी बीएसईएस ने दी है।

पिछले वर्षों में दिल्ली के लोगों द्वारा अर्थ आवर के दौरान बचाई गई बिजली के आंकड़ेः

साल दिल्ली वालों द्वारा अर्थ आवर में बचाई गई बिजली

2020 लगभग 79 मेगावाॅट

2019 करीब 279 मेगावाॅट

2018 305 मेगावाॅट

2017 290 मेगााॅट

2016 230 मेगावाॅट

2015 200 मेगावाॅट

2014 250 मेगावाॅट

2013 250 मेगावाॅट

2012 240 मेगावाॅट

 

बीएसईएस प्रवक्ता ने कहा कि हम अपने 45 लाख उपभोक्ताओं और अपने क्षेत्र के 1.8 करोड़ निवासियों से अपील करते हैं कि हम धरती और आने वाली पीढ़ियों के लिए सही कदम उठाएं। लोग, प्राकृतिक दुनिया की रक्षा कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। टिकाऊ विकास को प्रोत्साहन देने के लिए बीएसईस पहले से ही अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है।

इस कड़ी में बीएसईएस इलेक्ट्र्कि वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन लगाने के साथ साथ बैटरी स्टोरेज, डिमांड साइड मेनेजमेंट की दिशा में भी काम कर रही है। ऊर्जा संरक्षण को व्यवहर के स्तर पर अपनाने की दिशा में भी कई सारी पहल की गई हैं। बीएसईएस अपने उपभोकताओं से यह भी अनुरोध करती है कि समावेशी विकास के लिए रूफटाॅप सौर ऊर्जा को अपनाएं

यह सिर्फ एक घंटे का मसला नहीं होना चाहिए, बल्कि हमें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में इसे शामिल करना होगा। जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर धरती मां के प्रति भी हमारी कुछ जिम्मेदारी बनती है। अर्थ आवर जैसे छोटे-छोटे प्रयासों से हम बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। अर्थ आवर ऐसे बदलावों की तरह है, जिन पर लोग आसानी से अमल कर सकते हैं।

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