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मंदिरों तक नहीं पहुंचे श्रद्धालु, घरों में हुई मां कात्यायनी की अराधना

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रिपोर्ट गोविंद तिवारी

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हरदोई -नवरात्र पर रविवार को देवी मां के छठे स्वरूप मां कात्यायनी का पूजन अर्चन किया गया। भक्तों ने सुख समृद्धि की कामना की। लॉकडाउन के चलते अधिकांश मंदिरों में ताला लगा रहा। घरों में ही श्रद्धालुओं ने जगत जननी मां का पूजन कर उनको नमन किया।
शहर स्थित देवी मां के मंदिरों में मां भगवती का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला थमा रहा। लॉकडाउन के चलते गली मोहल्लों के छोटे छोटे मंदिर के कपाट जरूर खुले। पुजारियों ने सुबह सवेरे पूजा की।
मोहल्ले के कुछ भक्त भी वहां पहुंच कर पूजन अर्चन कर फिर घरों को चले गए लेकिन प्रमुख मार्गों पर बड़े मंदिरों के कपाट बंद रहे। आवासीय सुविधा वाले मंदिरों में पुजारियों ने पूजन अर्चन कर पाया, श्रद्धालुओं के लिए रोक रही, तो वहीं कई मंदिरों तक पुजारी ही नहीं पहुंच पाए और कपाट बंद रहे।
खास तौर से वंशीनगर स्थित नागेश्वरनाथ मंदिर, फूलमी माता मंदिर, मां संतोषी माता मंदिर, शिव भोले मंदिर, सांडी रोड स्थित मां श्रवण देवी आदि मंदिरों में पुजारियों द्वारा पूजन किया गया पर भक्तों के लिए कपाट बंद रहे।
घरों में लोगों ने मां कात्यायनी का पूजन अर्चन कर सुख समृद्धि की कामना की। घरों में ही सजे मां के दरबारों में लोग मत्था टेक कर पूरी श्रद्धा एवं आस्था के साथ मां के जयकारे लगाए।
शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया महामाई के इस छठे रूप को सुख शांति की दात्री माना जाता हैं। मान्यता हैं कि कात्यायन ऋषि ने देवी को अपनी पुत्री के रूप में पाने के लिए भगवती की आराधना की।
ऋषि की पुत्री के रूप में अवतार लेने के कारण इनका नाम कात्यायनी देवी पड़ा। माता कात्यायनी की पूजा करने से विपत्तियों का नाश होता हैं और लोगों को सुख शांति की प्राप्ति होती हैं।

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