Jan Sandesh Online hindi news website

बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उच्च न्यायलय ने सरकार की तैयारियों पर तल्ख टिप्पणी की

0

नैनीताल : प्रदेश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उच्च न्यायलय ने सरकार की तैयारियों पर तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि महामारी की भयावहता को देखते हुए सरकार की तैयारी पर्याप्त नहीं है। साथ ही कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक की जान बचाना सरकार का संवैधानिक व नैतिक दायित्व है। सरकार सब कुछ झोंककर लोगों की जान बचाये।

और पढ़ें
1 of 608

कोर्ट ने इंजेक्शन की कालाबाजारी सख्ती से रोकने, क्यूआर कोड लगाने व कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कारवाई के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों की देखरेख के लिए आशा वर्कर की सेवाएं लेने को कहा है। देहरादून के जिलाधिकारी की ओर से जारी ऑक्सीजन सप्लायर की सूची के नंबरों पर कॉल करने पर ऑक्सीजन नहीं मिलने को बेहद गंभीर माना है। कोर्ट ने जिलाधिकारी को सूची अपडेट करने को कहा। कोर्ट ने सरकार, सचिव स्वास्थ्य व सचिव हेल्थ को सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं।

कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि राजस्थान व तेलंगाना को तर्ज पर ऑनलाइन ऑक्सीजन सिलेंडर, फ्लो मीटर की सूचना सार्वजनिक करे और हर घंटे, दो घंटे में इसे अपडेट करे। कोर्ट ने राज्य सरकार को प्लाज्मा डोनेशन सेंटर की संख्या बढ़ाने, जिलाधिकारियों को प्लाज्मा डोनेट करने के लिए प्रेरित करने का अभियान चलाने व ब्लड बैंक के माध्यम से प्लाज्मा डोनेशन के लिए लोगों को प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देश को लेकर महाधिवक्ता से अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। सरकार को जारी दिशा निर्देशों के अनुपालन में उठाये कदमों के बारे में सात मई तक रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए।

बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कोरोना से संक्रमण व मौतों के बढ़ते मामलों का स्वतः संज्ञान लेते हुए अवकाश के दिन अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली व सच्चिदानंद डबराल की जनहित याचिका पर अवकाश के दिन सुनवाई की। सुनवाई में स्वास्थ्य व वित्त सचिव अमित नेगी, सचिव उद्योग सचिन कुर्वे शामिल हुए।

कोर्ट ने यह दिए निर्देश

  • एसओपी के अनुसार मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाय।

  • अस्थाई शवदाह गृह की संख्या बढ़ाई जाय और वहां पर्याप्त लकड़ी की व्यवस्था हो।

  • पहाड़ों में जहां नेट कनेक्टिविटी नहीं है, वहां के बुजुर्गों व लोगों के वैक्सिनेशन पंजीकरण के लिए वैकल्पिक इंतजाम हों।

  • बायो मेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल में गाइड लाइन का पालन किया जाए।

  • जिलाधिकारी अपने जिले में गैर सरकारी संगठनों को इन्वॉल्व करें और उनकी जहां सेवा ली जा सकती है, ली जाए।

  • आयुष्मान, गोल्डन कार्ड व अन्य कार्ड निजी अस्पताल स्वीकार करें, इसकी पुख्ता व्यवस्था हो

राज्य के करीब ढाई हजार डेंटल सर्जन की सेवाएं ली जाएं।

  • हल्द्वानी एसटीएच में अस्थाई कर्मियों को पीपीई किट के साथ ही अस्पताल के समीप ही आवासीय सुविधा दी जाए।

  • जिलास्तर पर नोडल अफसर की तैनाती व हेल्पलाइन नंबर जारी हो।

सुनवाई हेतु 10 मई को होगी।

  • महामारी के मृतकों के शव ले जाने में ओवरचार्ज करने वाले एम्बुलेंस संचालकों पर कार्रवाई करें डीएम।

  • हल्द्वानी, देहरादून व हरिद्वार में प्रतिदिन 30 से 50 हजार टेस्ट हों।

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह jansandeshonline@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Comment section

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.