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एंबुलेंस का किराया तय करने को परिवहन विभाग ने प्रस्ताव कर लिया तैयार

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देहरादून। कोरोना काल में आवश्यक सेवा के नाम पर मरीजों को ले जाने में लूट-खसोट का जरिया बनी एंबुलेंस का किराया तय करने को परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसमें एंबुलेंस को सुविधा और तकनीक के हिसाब से तीन श्रेणी में बांटा गया है। दस किमी व इससे ऊपर की दूरी के लिए इनका किराया भी तय किया जा रहा है। प्रतीक्षा शुल्क के साथ ही रात्रि शुल्क भी तय किया जाना है। आरटीओ प्रवर्तन संदीप सैनी ने एंबुलेंस का किराया प्रस्तावित कर इसे परिवहन आयुक्त कार्यालय भेज दिया है। अब अंतिम निर्णय परिवहन आयुक्त को करना है।

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अति आवश्यक सेवा के तहत संचालित होने वाली एंबुलेंस का किराया उत्तराखंड में अब तक तय ही नहीं था। यही वजह रही कि कोरोना जैसी महामारी में एंबुलेंस वाले जमकर मुनाफाखोरी कर मरीजों के स्वजनों को लूट रहे हैं। मरीज को अस्पताल तक ले जाना हो या अस्पताल से घर पहुंचाना, इस कार्य के लिए एंबुलेंस संचालक मनमाफिक किराया वसूल रहे। यही नहीं, अगर कोरोना से किसी मरीज की मृत्यु हो गई तो शव को अस्पताल या आवास से शमशान घाट लाने के लिए दस गुना अधिक किराया लिया जा रहा है।

दैनिक जागरण लगातार इस मामले में एंबुलेंस संचालकों की मनमानी को खबर के जरिये उजागर कर रहा है। इसका संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सचिव परिवहन को इस मनमानी पर लगाम लगाने व एंबुलेंस का किराया तय करने का आदेश दिया था। किराये का प्रस्ताव तैयार करने के लिए आरटीओ प्रवर्तन संदीप सैनी व उनकी टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शनिवार को आरटीओ सैनी ने परिवहन मुख्यालय में एंबुलेंस की श्रेणी और प्रस्तावित किराये का खाका भेज दिया। माना जा रहा कि अगले एक-दो दिन में इस फैसला हो सकता है।

एंबुलेंस की तीन श्रेणी

सामान्य एंबुलेंस, बेसिक सपोर्ट एंबुलेंस और एडवांस सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस। इनमें भी भार के हिसाब से दो श्रेणी बनाई गई हैं। एक श्रेणी 3000 किलो से कम, जबकि दूसरी इससे ऊपर की है। पहली श्रेणी में वैन, इको, बोलेरो जैसी एंबुलेंस होंगी और दूसरी श्रेणी में फोर्स की।

10 किमी तक 1000 रुपये तय किया जा सकता है किराया

परिवहन विभाग सामान्य एंबुलेंस का दस किमी तक का अधिकतम किराया 1000 से 1200 रुपये तय कर सकता है। ये किराया अधिकतम छह घंटे के लिए तय किए जाने की तैयारी है। इसके बाद प्रति घंटे के 300 रुपये प्रतीक्षा शुल्क देने होंगे। इसी तरह से बेसिक सपोर्ट एंबुलेंस का पहले दस किमी का किराया 2000 से 2500 रुपये जबकि एडवांस सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस का किराया 3500 से 4000 रुपये तक का प्रस्ताव है। रात्रि में अगर एंबुलेंस संचालित होती है तो सामान्य व बेसिक सपोर्ट एंबुलेंस का रात्रि एकमुश्त शुल्क 750 रुपये जबकि एडवांस सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस के लिए 1500 रुपये अलग से देने होंगे। प्रस्ताव में 200 किमी तक का किराया और उसके बाद प्रति किमी का किराया तय करने की संस्तुति की गई है।

एंबुलेंस में भी होगी लॉगबुक

कांट्रेक्ट कैरिज परमिट की गाड़ियों की तर्ज पर अब एंबुलेंस में भी लॉगबुक रखना तय किया जा रहा। इसमें चालक को अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा कि किस मरीज को कहां से लिया और कहां पहुंचाया।

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