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दो माह से नहीं मिला हजारों शिक्षकों को वेतन…

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देहरादून। प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और इंटरनेट कॉलेजो में तैनात 12000 से ज्यादा और सहायता प्राप्त अशासकीय स्कूलों के 18000 से ज्यादा शिक्षक और कर्मचारी को दो माह से वेतन नहीं मिल सका है। शिक्षकों में समय पर वेतन जारी न होने से रोष व्याप्त है। परेशान शिक्षकों ने ट्विटर समेत अन्य इंटरनेट मीडिया के माध्यम से शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से भी वेतन जारी कराने की गुहार लगायी है।

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जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष सतीश घिल्डियाल ने कहा कि राज्य सेक्टर में कार्यरत शिक्षकों के लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है, लेकिन समग्र शिक्षा का बजट जारी नहीं किया गया। इससे उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। फरवरी में भी आयकर के चलते आधा वेतन ही मिल पाया था और अब अप्रैल भी खत्म हो गया है। वर्तमान में कई शिक्षक कोरोना से पीड़ित हैं, जहां उन्हें धन की अत्यंत आवश्यकता है। ऐसे में उन्हें वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। कई शिक्षकों का कोरोना के कारण निधन भी हो गया है। ऐसी स्थिति में वेतन का न मिलना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वित्त सचिव, शिक्षा सचिव, महानिदेशक, निदेशक, वित्त नियंत्रक को प्रेषित पत्र में समग्र के शिक्षकों के लिए बिना देरी के बजट जारी करने की मांग की है। उन्होंने मांग की कि इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए इन शिक्षकों का वेतन राज्य सेक्टर से आहरित किया जाए। प्राथमिक शिक्षक संघ देहरादून के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत ने कहा कि समग्र शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों के साथ हमेशा ही सौतेला व्यवहार होता रहा है कभी भी समय पर वेतन नहीं मिलता, जबकि वेतन देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

माध्यमिक शिक्षक संघ देहरादून के जिला मंत्री अनिल नौटियाल ने कहा कि स्थिति यह है कि अशासकीय शिक्षकों को बिना आंदोलन के कभी वेतन जारी नहीं किया जाता। प्रदेशभर में 18000 से ज्यादा शिक्षक- कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला। कई जिलों में तो तीन महीने से वेतन नहीं दिया गया है। उन्होंने शिक्षा महानिदेशक को पत्र लिखकर इस मुश्किल समय मे शिक्षकों और कर्मचारियों की परेशानी समझने और जल्द से जल्द वेतन जारी करने की मांग की।

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