देश- असम में बाल विवाह रोकने के लिए लगातार मुख्यमंत्री हिमंत विस्व सरमा प्रयास कर रहे हैं। इसके परिपेक्ष्य में उन्होंने एक अभियान शुरू किया है। दावा है कि यह अभियान साल 2026 तक जारी रहेगा। वहीं पिछले तीन दिन में 2278 लोगों की गिरफ्तारी की गई।
लेकिन अब इस बीच असम सरकार के प्रयास पर विपक्ष हावी हो गया है। विपक्ष का कहना है कि साल 2026 में चुनाव है। यह उनका प्रचार करने का हथकंडा है। एआईएमआईएम प्रमुख असुद्दीन ओवैसी ने इस कार्यवाही पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि वास्तव में असम सरकार इसे समझती है तो उसे साक्षरता दर बढ़ाने के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा, जानकारों का कहना है कि यदि आप बाल विवाह को रोकना चाहते हैं। तो आपको उन्हें शिक्षित करने का प्रयास करना चाहिए। लेकिन भाजपा ने ऐसा नहीं किया है। उन्होंने मदरसों पर ताला लगवा दिया। वह किसी न किसी रूप में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। लेकिन अब वह भी नहीं है।
जानकारी के लिए बता दें राज्य सरकार के मुताबिक, 14 वर्ष से कम आयु की लड़कियों से शादी करने वालों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और जिन्होंने 14-18 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों से शादी की है।
उनके खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत मामले दर्ज किए जाएंगे. मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा है कि नाबालिगों की शादी में शामिल माता-पिता को फिलहाल नोटिस देकर छोड़ा जा रहा है और गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।

