डेस्क। जहाँगीरपुरी में हुई घटना के एक हफ्ते बाद, सरकार ने टीवी चैनलों से कहा है कि वे किसी भी “उकसाने वाली” सामग्री का प्रसारण न करें। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक एडवाइजरी में कहा कि पिछले कुछ दिनों में अरुचिकर कवरेज के कई उदाहरण देखे गए हैं।
बता दें कि पिछले शनिवार को हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में उत्तर पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में निकाले गए जुलूस के दौरान हुई झड़पों में कई लोग घायल हो गए थे।
इस घटना को लेकर कई टीवी चैनलों ने मीडिया एथिक्स का उलंघन करते हुए, उत्तेजक हिंसा के शीर्षक और वीडियोज को जारी किया जो सांप्रदायिकता को भड़का सकते हैं। साथ ही दो समुदायों के बीच घृणा और शांति और कानून व्यवस्था को बाधित कर सकते हैं।
इस सरकारी अडवाइजरी में लिखा है,निंदनीय और असत्यापित सीसीटीवी फुटेज चलाकर, विशेष समुदाय के फुटेज दिखाकर चल रही जांच प्रक्रिया को बाधित करना, इस प्रकार तनाव बढ़ाना; मनगढ़ंत सुर्खियों में सनसनीखेज और सत्ता के कार्यों को सांप्रदायिक रंग दे रहा है,।
आगे इसमें कहा गया है कि”असंसदीय, उत्तेजक और सामाजिक रूप से अस्वीकार्य भाषा, सांप्रदायिक टिप्पणियों और अपमानजनक संदर्भों वाली बहसें जो दर्शकों पर नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाल सकती हैं और सांप्रदायिक वैमनस्य को भी भड़का सकती हैं।” और बड़े पैमाने पर शांति भंग कर सकती है उन्हें रोक़ा जाए।”
