बिजनेसजी पी सिंह को नहीं मिली राहत सुप्रीम कोर्ट से , जानिये...

जी पी सिंह को नहीं मिली राहत सुप्रीम कोर्ट से , जानिये क्या हुआ

छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राजद्रोह और भ्रष्टाचार के आरोपी निलंबित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) जीपी सिंह (GP Singh) को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया ह | राज्य के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अमृतो दास ने शुक्रवार को यहां बताया कि हाई कोर्ट की सिंगल बैंच ने राजद्रोह और भ्रष्टाचार के आरोपी निलंबित एडीजी जीपी सिंह की दोनों याचिकाओं पर सुनवाई की और अंतरिम राहत के उनके दोनों आवेदनों को खारिज कर दिया है |

 

जीपी सिंह के ठिकानों पर हो चुकी है छापेमारी 

बता दें कि एडीजी के पद पर पदस्थ रह चुके निलंबित आईपीएस जीपी सिंह के घर में एसीबी की टीम ने 1 जुलाई को छापेमार कार्रवाई की | इस दौरान जीपी सिंह के घर से 10 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति मिली है | इसके अलावा एसीबी को जीपी सिंह की एक डायरी भी हाथ लगी है | जिसमें सरकार के खिलाफ षडयंत्र रचने का जिक्र किया गया है | जिसके बाद एसीबी की टीम कोतवाली थाना में जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह समेत अन्य मामलों में तो एफआईआर दर्ज की है.

जीपी सिंह 1994 बैच के आईपीएस हैं. उनका होम कैडर छत्तीसगढ़ है. खुद भी एसीबी के चीफ रह चुके हैं. भूपेश सरकार बनने के बाद उन्हें इसकी जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन कुछ शिकायतों के कारण उन्हें हटा दिया गया था. प्रदेश में एडीजी रैंक के किसी असफर के खिलाफ यह एसीबी की पहली कार्रवाई है. जीपी सिंह बस्तर समेत कुछ और जिलों के एसपी रह चुके हैं. इतना ही नहीं वो दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर रेंज के आईजी भी रह चुके हैं. फिलहाल उनकी पोस्टिंग राज्य पुलिस अकादमी में है. फिलहाल उनके खिलाफ बेनामी संपत्ति का मामला का दर्ज होने के बाद निलंबित कर दिया गया है. 

गुरजिंदर पाल ने सुप्रीम कोर्ट में की दायर याचिकाएं

 
दरअसल, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और राजद्रोह के आरोप में फंसे निलंबित आईपीएस जीपी सिंह ने वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर भादुड़ी के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शासन के निर्णय को चुनौती दी थी | लेकिन जीपी सिंह को हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है | याचिकाकर्ता ने पूरे मामले की जांच सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई से कराने की मांग की है | लेकिन कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में अभी राज्य सरकार को जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं |

दरअसल, आइपीएस अफसर गुरजिंदर पाल के खिलाफ IPC की धारा 124, A के तहत राजद्रोह और आय से अधिक संपत्ति के मामले दर्ज है।  

राजद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद से गायब हैं जीपी सिंह
 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राजद्रोह का मामला दर्ज होने से पहले से ही आईपीएस जीपी सिंह गायब हैं। इस बीच उनके वकील की ओर से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसपर सरकार की ओर से केविएट लगाया गया था। हालंकि, बाद में हाई कोर्ट ने जीपी की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद जीपी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

Hot this week

पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?

भारत में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहे प्रयासों के बीच, पुनर्नवीनीकरण और पुराने चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति देने वाली नीति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के संगठन, इमेजिंग, थेरेपी और रेडियोलॉजी उपकरण निर्माताओं के संघ, भारत के नैदानिक उपकरण निर्माताओं […]

बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर

बेलागवी में हुए बच्चों के अपहरण के मामले ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। शुक्रवार तड़के अथणी, बेलागवी जिले में पुलिस ने एक संदिग्ध को गोली मारकर घायल कर दिया, जो दो बच्चों के अपहरण में शामिल था। पुलिस ने अपहरण के बाद फरार हुए संदिग्धों की गाड़ी की पहचान करने के बाद […]

ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?

ईरान और इस्राइल के बीच हाल ही में हुए सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय तनाव को काफी बढ़ा दिया है। इस्राइल द्वारा लगातार हवाई हमलों के बाद, ईरान ने प्रतिक्रिया देने की धमकी दी है, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चिंता पैदा […]

आंध्र प्रदेश में स्व-सहायता समूहों का उल्लेखनीय सशक्तिकरण

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के हर परिवार में एक उद्यमी बनाने के विजन के अनुरूप, एमएसएमई और ग्रामीण गरीबी उन्मूलन मंत्री,कोंडापल्ली श्रीनिवास ने सभी संबंधित विभागों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है। राज्य ग्रामीण गरीबी उन्मूलन एजेंसी कार्यालय में आज आयोजित एक समन्वय बैठक के दौरान, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के […]

Related Articles

Popular Categories