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जिस तेज़ी के साथ जिले का समग्र विकास हुआ है, उससे आशा है कि बहराइच प्रदेश के दूसरे सामान्य जनपदों की श्रेणी में आ जायेगा

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मुख्यमंत्री जी ने जनपदवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य का विषय है कि डेढ़ माह के अन्तराल में उन्हें 02 बार वीर शिरोमणि महाराजा सुहेलदेव जी की धरती पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि विगत 16 फरवरी, 2021 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा महाराजा सुहेलदेव स्मारक एवं चित्तौरा झील की विकास योजना का शिलान्यास तथा महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का लोकार्पण किया गया था। इससे पूर्व, प्रदेश सरकार द्वारा बहराइच जिला चिकित्सालय का नाम बदलकर महर्षि बालार्क चिकित्सालय तथा मेडिकल काॅलेज का नामकरण महाराजा सुहेलदेव के नाम पर किया गया था। उन्होंने कहा कि शौर्य और पराक्रम की धरती बहराइच में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा के अनावरण का अवसर प्राप्त होना गर्व की बात है। उन्होंने ऐसे कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद बहराइच में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से जिले के साथ-साथ आस-पास के दूसरे जनपदों के लोगों को भी चिकित्सा की बेहतर सुविधाएं मिलेगी। उन्होंने कहा कि देवीपाटन मण्डल में गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती जनपद शामिल हैं। जनपद गोण्डा व बलरामपुर में भी मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु कार्यवाही की जा रही है। तराई के जनपदों में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से जहां एक ओर स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी, वहीं संचारी रोगों पर भी प्रभावी नियंत्रण होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विगत 04 वर्षों में तेज़ी के साथ विकास हुआ है। मूलभूत सुविधाओं का विकास हुआ है और योजनाओं का लाभ सीधे जनता को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों व अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। जिलाधिकारियों की संस्तुति पर प्रदेश में निराश्रित व असहाय लोगों को 900 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करायी गयी हैं। प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन के लिए मिशन शक्ति अभियान संचालित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं एवं बालिकाओं में जागरूकता आयी है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन बेहतर विकल्प है।

इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री अनिल राजभर सहित जनप्रतिनिधिगण तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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